AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक अहम और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस की सख्ती ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कानून के सामने कोई भी बड़ा नहीं है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहन चेकिंग के दौरान मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विपिन ताडा ने खुद मोर्चा संभालते हुए एक फर्जीवाड़े का खुलासा किया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
🚔 SSP खुद कर रहे थे वाहन चेकिंग
घटना उस समय की है जब दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर नियमित सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस अभियान की खास बात यह रही कि मेरठ SSP विपिन ताडा स्वयं मौके पर मौजूद थे और वाहनों की जांच करवा रहे थे। पुलिस प्रशासन द्वारा इस तरह की सघन चेकिंग हाल के दिनों में सुरक्षा कारणों से लगातार की जा रही है।
🚙 ब्लैक थार पर लगा था “विधायक” का पास
इसी दौरान एक काले रंग की महंगी थार गाड़ी एक्सप्रेसवे से गुजरती दिखाई दी। वाहन के शीशे पर “विधायक” लिखा हुआ पास लगा हुआ था, जिसे देखकर पहली नजर में ऐसा लग रहा था कि गाड़ी किसी जनप्रतिनिधि से जुड़ी हुई है। आमतौर पर ऐसे पास देखकर कई बार वाहन बिना जांच के निकल जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
🔍 शक होने पर की गई गहन जांच
SSP विपिन ताडा ने जब पास को ध्यान से देखा तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत वाहन को रुकवाया और पास की वैधता की जांच करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान यह सामने आया कि गाड़ी पर लगा “विधायक पास” असली नहीं बल्कि उसका फोटोस्टेट (फोटोकॉपी) था।
📄 फर्जी पास निकला फोटोस्टेट
पुलिस जांच में साफ हो गया कि वाहन चालक द्वारा जानबूझकर फर्जी तरीके से विधायक पास की फोटोस्टेट कॉपी लगाई गई थी, ताकि पुलिस और प्रशासन को भ्रमित किया जा सके और बिना किसी रोक-टोक के आवाजाही की जा सके। यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा माना जाता है।
👮♂️ थार चालक गिरफ्तार, केस दर्ज
फर्जी पास की पुष्टि होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थार वाहन के मालिक/चालक को हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
⚖️ किन धाराओं में दर्ज हुआ केस
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी पर फर्जी दस्तावेज़ का उपयोग करने, सरकारी पहचान का दुरुपयोग करने और पुलिस को गुमराह करने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने यह फर्जी पास कहां से बनवाया और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
🚨 सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला
यह मामला केवल फर्जी पास लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह VIP पास के दुरुपयोग और सुरक्षा में सेंध लगाने का भी बड़ा उदाहरण है। यदि ऐसे फर्जी पास के जरिए कोई आपराधिक गतिविधि होती, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते थे।
🗣️ SSP का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद SSP विपिन ताडा ने साफ संदेश दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली दिखने की कोशिश करे, यदि वह नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🚧 आम जनता के लिए भी संदेश
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह के फर्जी पहचान पत्र, पास या स्टीकर का इस्तेमाल न करें। ऐसा करना अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।
🔎 आगे की जांच जारी
फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या उसने पहले भी इस तरह का गलत फायदा उठाया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस तरह के फर्जी पास बनाने और सप्लाई करने वाला कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं है।


















