AIN NEWS 1 | अगर आप क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने हाल ही में 25 विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों को मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए हैं। ये सभी प्लेटफॉर्म अमेरिका, सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग, ब्रिटेन, कंबोडिया और वर्जिन आइलैंड्स जैसे देशों से संचालित हो रहे हैं — लेकिन भारत में रजिस्टर्ड नहीं हैं।
FIU की सख्त कार्रवाई क्यों?
FIU ने बताया कि भारत में 50 डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VASPs) आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड हैं।
इनके अलावा जो विदेशी एक्सचेंज बिना पंजीकरण के भारतीय ग्राहकों को सेवा दे रहे हैं, वे भारतीय कानून के दायरे से बाहर हैं।
इसका सीधा मतलब है कि अगर किसी निवेशक को इन प्लेटफॉर्म्स पर नुकसान होता है, तो उसके पास कानूनी सुरक्षा नहीं होगी।
सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act, 2000) की धारा 79(3)(b) के तहत कई ऐसे प्लेटफॉर्म और ऐप्स को भारत में सार्वजनिक रूप से ब्लॉक करने का आदेश भी जारी किया है।
निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम
अनरजिस्टर्ड एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग करना या क्रिप्टो होल्ड करना निवेशकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
इन प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता की कमी, डेटा सुरक्षा का अभाव और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अवैध लेनदेन का खतरा रहता है।
FIU ने चेतावनी दी है कि यदि कोई निवेशक ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेड करता है, तो किसी विवाद या फंड लॉस की स्थिति में भारत का कोई कानूनी या नियामक निकाय मदद नहीं कर पाएगा।
किन-किन एक्सचेंजों पर कार्रवाई हुई?
नोटिस पाने वाले प्रमुख विदेशी एक्सचेंजों में शामिल हैं —
Bitmex, BingX, LBank, YouHodler, Fimex, Zoomex, CoinW, LCX और अन्य कई प्लेटफॉर्म।
इन सभी को FIU ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत नोटिस भेजा है।
FIU पहले भी कई बार ऐसे अनरजिस्टर्ड क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दे चुका है, लेकिन कई प्लेटफॉर्म्स अब भी भारत में सक्रिय हैं।
क्या कहते हैं नियम?
भारत में Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के अनुसार, किसी भी डिजिटल एसेट एक्सचेंज को देश में सेवा देने से पहले FIU के साथ अनिवार्य पंजीकरण कराना होता है।
इसका उद्देश्य है —
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संदिग्ध लेनदेन की निगरानी
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फर्जीवाड़ा और आतंकवाद फंडिंग को रोकना
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निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
जो प्लेटफॉर्म इसका पालन नहीं करते, उन्हें न केवल नोटिस बल्कि ब्लॉक या प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
FIU का बयान
FIU ने अपने बयान में कहा —
“हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भारत में संचालित होने वाला हर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म कानूनी रूप से रजिस्टर्ड हो और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम के नियमों का पालन करे। विदेशी प्लेटफॉर्म्स को भी भारतीय उपयोगकर्ताओं से डील करने से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है।”
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
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केवल रजिस्टर्ड क्रिप्टो एक्सचेंज पर ही ट्रेड करें।
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FIU की आधिकारिक वेबसाइट से रजिस्टर्ड एक्सचेंजों की सूची अवश्य जांचें।
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किसी भी विदेशी ऐप या वेबसाइट पर KYC या फंड ट्रांसफर करने से पहले उसकी वैधता की पुष्टि करें।
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किसी भी निवेश में पारदर्शिता और सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
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यदि किसी अनरजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म पर निवेश किया है, तो तुरंत अपना फंड सुरक्षित एक्सचेंज पर ट्रांसफर करें।
क्रिप्टो रेगुलेशन का बढ़ता दायरा
दुनिया भर में सरकारें क्रिप्टो मार्केट को रेगुलेट करने के लिए कदम उठा रही हैं।
भारत भी यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है कि हर डिजिटल लेनदेन ट्रैक हो सके और कोई ब्लैक मनी या अवैध फंडिंग न हो।
यह कदम न सिर्फ निवेशकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है बल्कि भारत की वित्तीय प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
अगर आप क्रिप्टो मार्केट में निवेश कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक चेतावनी है।
FIU की कार्रवाई से साफ है कि भारत में अब क्रिप्टो मार्केट को लेकर सख्ती बढ़ने वाली है।
इसलिए समझदारी इसी में है कि आप केवल रजिस्टर्ड और मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म्स पर ही लेनदेन करें।
कानूनी सुरक्षा, पारदर्शिता और नियामक अनुपालन — यही एक सुरक्षित निवेश की कुंजी है।


















