AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां पूर्व राज्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता मदन चौहान पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में वह बाल-बाल बच गए, लेकिन घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।
कार्यक्रम से लौटते वक्त हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री मदन चौहान देर रात गढ़मुक्तेश्वर स्थित ‘नेह नीड’ संस्था के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह मेरठ रोड के रास्ते हिरनपुरा गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि जैसे ही उनकी गाड़ी हिरनपुरा गांव के पास पहुंची, वहां पहले से ही एक फॉर्च्यूनर कार खड़ी थी। कार का नंबर यूपी-14 8710 बताया जा रहा है। कार के पास दो युवक मौजूद थे, जो मानो किसी का इंतजार कर रहे हों।
कार के पास आकर की गई फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही पूर्व मंत्री की गाड़ी वहां पहुंची, दोनों युवक तेजी से उनकी कार की ड्राइवर साइड की ओर बढ़े। अचानक उन्होंने पिस्टल निकाली और गाड़ी के शीशे के बिल्कुल पास से फायरिंग कर दी।
फायरिंग इतनी नजदीक से की गई कि कुछ सेकंड के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि गनीमत रही कि गोली पूर्व मंत्री को नहीं लगी और वह सुरक्षित बच गए। अगर जरा सी भी चूक होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सुरक्षाकर्मियों ने संभाला मोर्चा
मदन चौहान के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को तुरंत संभाल लिया। जैसे ही फायरिंग हुई, उन्होंने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई जवाबी फायरिंग से हमलावर घबरा गए और अपनी फॉर्च्यूनर कार में बैठकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। आसपास के लोगों ने गोलियों की आवाज सुनी और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस जांच में जुटी
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने फॉर्च्यूनर कार के नंबर के आधार पर भी जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि हमला पूर्व नियोजित था या अचानक हुई किसी रंजिश का परिणाम। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमलावरों की पहचान क्या है और उनके पीछे कौन हो सकता है।
राजनीतिक एंगल की भी जांच
चूंकि मामला एक वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री से जुड़ा है, इसलिए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। राजनीतिक रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या अन्य कारणों को लेकर भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने प्रदेश में नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात खुलेआम फायरिंग की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों में दहशत
घटना के बाद हिरनपुरा गांव और आसपास के इलाकों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि इस तरह की वारदात से क्षेत्र की शांति भंग होती है। देर रात गोलियों की आवाज से ग्रामीण सहम गए।
कुछ लोगों ने बताया कि हमलावर काफी आत्मविश्वास में नजर आ रहे थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पहले से पूरी योजना बनाई हो सकती है।
पूर्व मंत्री सुरक्षित, लेकिन सवाल बरकरार
इस हमले में पूर्व मंत्री मदन चौहान को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन यह घटना उनके लिए और उनके समर्थकों के लिए बेहद चिंताजनक है।
राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की तलाश जारी है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और वाहन के रजिस्ट्रेशन की जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की सुरक्षा कितनी अहम है। साथ ही यह भी जरूरी है कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष और तेजी से जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून का भरोसा बना रहे।
Former Uttar Pradesh Minister and senior BJP leader Madan Chauhan was attacked in Hapur when SUV-borne assailants allegedly opened fire on his vehicle late at night. The incident occurred near Hiranpura village while he was returning from a public event. The Hapur firing incident has raised serious concerns about political security and law and order in Uttar Pradesh. Police have started an investigation to identify the attackers and examine the motive behind the attack on Madan Chauhan.


















