गाजियाबाद जिले में पुलिस की छवि को धूमिल करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। साहिबाबाद थाना क्षेत्र की सीमा चौकी के प्रभारी और चौकी पर तैनात तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि ये चारों पुलिसकर्मी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर इरशाद मलिक की बर्थडे पार्टी में शामिल हुए और वहां शराब पीते हुए डांस किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।
वीडियो वायरल और खुलासा
यूपी- गाजियाबाद में हिस्ट्रीशीटर इरशाद मलिक की बर्थडे पार्टी थी। UP पुलिस के दरोगा आशीष जादौन, सिपाही योगेश और ज्ञानेंद्र पहुंच गए। हाथ में बियर लेकर डांस गर्ल संग खूब ठुमके लगाए। अब तीनों सस्पेंड हो गए हैं। pic.twitter.com/31cN1Su41V
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) September 30, 2025
सोमवार शाम को एक 22 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चार पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में पार्टी में शामिल हैं। वीडियो में एक पुलिसकर्मी के हाथ में बीयर की बोतल भी नजर आ रही है और सभी लोग डांस फ्लोर पर गानों की धुन पर थिरकते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ एक युवती भी नाच रही है, जिसे बार बाला बताया जा रहा है।
यह वीडियो जैसे ही स्थानीय लोगों और अधिकारियों तक पहुंचा, तुरंत हड़कंप मच गया। जांच में पाया गया कि यह वीडियो गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र के एक बार का है, जहां हिस्ट्रीशीटर इरशाद मलिक ने अपना जन्मदिन मनाने के लिए पार्टी आयोजित की थी।
आरोपियों की पहचान और जांच
वीडियो सामने आने के बाद एसीपी स्तर से मामले की जांच शुरू की गई। जांच में पुष्टि हुई कि पार्टी में डांस करने वाले चारों लोग सीमा चौकी प्रभारी आशीष कुमार जादौन और तीन अन्य सिपाही ही थे। इसके बाद चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की संस्तुति की गई।
डीसीपी ट्रांस हिंडन, निमिष पाटिल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी आशीष जादौन और तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि इस पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचा जा सके।
हिस्ट्रीशीटर इरशाद मलिक का आपराधिक रिकॉर्ड
पार्टी का आयोजन करने वाला हिस्ट्रीशीटर इरशाद मलिक पहले से ही कई मामलों में वांछित रहा है। उसके खिलाफ प्रतिबंधित पशुओं की हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इरशाद की चौकी प्रभारी आशीष जादौन से नजदीकियां भी रही हैं। यहां तक कि आरोप है कि इरशाद चौकी प्रभारी की स्कॉर्पियो कार चलाता है।
पुलिस की साख पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर अपराधियों पर कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, लेकिन जब खुद पुलिसकर्मी ही अपराधियों की पार्टियों में जाम छलकाते और थिरकते नजर आते हैं तो लोगों का विश्वास डगमगाना लाजमी है।
सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को लेकर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर पुलिसकर्मी हिस्ट्रीशीटर की पार्टी में क्यों गए? और वह भी तब जब वह अपराधी पहले से ही कई मामलों में आरोपी है।
प्रशासन की कार्रवाई
डीसीपी ने साफ कहा है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय जांच के जरिए पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की जाएगी और यदि आरोप पुख्ता पाए जाते हैं तो चारों पुलिसकर्मियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
जनता की नजर में असर
इस मामले ने जनता के बीच पुलिस की छवि को गहरा धक्का पहुंचाया है। गाजियाबाद जैसे बड़े शहर में जहां अपराध नियंत्रण पहले से ही चुनौतीपूर्ण है, वहां पुलिसकर्मियों का अपराधियों की महफिल में शामिल होना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस ही अपराधियों से मेल-जोल रखेगी तो आम जनता की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा?
घटनाक्रम का निष्कर्ष
पूरा घटनाक्रम बताता है कि पुलिस बल में अनुशासन और ईमानदारी बनाए रखना कितना जरूरी है। पुलिसकर्मी का अपराधियों से मेलजोल न केवल उनकी छवि को धूमिल करता है बल्कि पूरे विभाग की विश्वसनीयता पर भी असर डालता है। यही वजह है कि डीसीपी ने सख्ती दिखाते हुए तत्काल चारों को निलंबित किया और विभागीय जांच बिठा दी।
इस घटना से यह संदेश साफ है कि पुलिस प्रशासन ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा जो विभाग की साख को नुकसान पहुंचाए।


















