AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आई यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज के उस कड़वे सच को भी उजागर करती है, जहां बुज़ुर्ग माता-पिता अपने ही बच्चों से सुरक्षित नहीं हैं। यह मामला एक 70 वर्षीय बीमार और लाचार महिला के साथ उसके ही बेटे द्वारा की गई बेरहमी का है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत—दोनों को शर्मसार कर दिया।

क्या है पूरा मामला?
गाजियाबाद के एक रिहायशी इलाके में रहने वाली भगवान देवी (70) अपने बेटे निशांत ठाकुर और बहू ममता के साथ रहती थीं। भगवान देवी लंबे समय से बीमार हैं और चलने-फिरने में भी असमर्थ हैं। उनके पति विजयपाल सिंह, जो केंद्रीय विद्यालय से सेवानिवृत्त थे, का कुछ साल पहले निधन हो चुका है। परिवार की आय का मुख्य स्रोत पति की पेंशन और पुश्तैनी ज़मीन है।
भगवान देवी का बेटा निशांत ठाकुर (44) नशे का आदी है। वह कुछ समय पहले तक गौतमबुद्ध नगर स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती था, जहां से वह करीब तीन महीने पहले ही बाहर आया था। हालांकि इलाज के बाद भी उसके व्यवहार में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।
शुक्रवार रात का खौफनाक मंजर
घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजे की है। निशांत घर लौटा और उसकी पत्नी ममता से किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। घरेलू झगड़े के दौरान भगवान देवी ने बहू का पक्ष लिया। बस यही बात निशांत को इतनी नागवार गुज़री कि वह अपना आपा खो बैठा।
गुस्से में अंधे निशांत ने अपनी बीमार मां पर एक के बाद एक थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद उसने घूंसे मारे, लातें चलाईं और यहां तक कि गला दबाने की भी कोशिश की। वृद्ध मां खुद को बचाने में पूरी तरह असहाय थी।
CCTV में कैद हुई सच्चाई
इस घर में CCTV कैमरे लगे हुए थे। ये कैमरे किसी संयोग से नहीं, बल्कि बेटी की दूरदर्शिता की वजह से लगाए गए थे। भगवान देवी की बेटी निशा अमेरिका में नौकरी करती है। उसे पहले से अंदेशा था कि मां के साथ कुछ गलत हो सकता है, क्योंकि निशांत का व्यवहार पहले भी हिंसक रहा है।
घटना के वक्त अमेरिका में मौजूद निशा ने मोबाइल पर लाइव CCTV फुटेज देखा। स्क्रीन पर अपनी मां को पिटते देख वह टूट गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। तुरंत उसने यह वीडियो पड़ोसियों को भेजा और उनसे मां की मदद करने को कहा। साथ ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वीडियो सामने आते ही गाजियाबाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी निशांत ठाकुर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया कि निशांत पहले भी कई बार मां के साथ मारपीट और बदसलूकी कर चुका है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित कर लिया गया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
परिवार की पृष्ठभूमि
भगवान देवी का परिवार कभी सम्मान और सादगी की मिसाल माना जाता था। पति की सरकारी नौकरी, स्थिर आय और बच्चों की अच्छी परवरिश—सब कुछ सामान्य था। बेटी निशा पढ़ाई के बाद अमेरिका चली गई और वहीं नौकरी करने लगी। वहीं बेटा निशांत गलत संगत और नशे की लत में फंसता चला गया।
नशे की वजह से निशांत का स्वभाव चिड़चिड़ा और हिंसक हो गया था। परिवार के लोग उसे सुधारने की कोशिश करते रहे, लेकिन हालात बदतर होते चले गए।
एक मां की चुप पीड़ा
पड़ोसियों के मुताबिक, भगवान देवी अक्सर बेटे के व्यवहार से दुखी रहती थीं, लेकिन सामाजिक दबाव और मां होने के नाते सब कुछ सहती रहीं। वह कभी खुलकर शिकायत नहीं करती थीं। शायद उन्हें उम्मीद थी कि बेटा एक दिन सुधर जाएगा।
लेकिन इस बार हिंसा की हदें पार हो गईं।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। बुज़ुर्गों के साथ बढ़ती हिंसा, नशे की लत और घरेलू तनाव—ये सभी मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
क्या हमारे समाज में बुज़ुर्ग सच में सुरक्षित हैं?
क्या नशा मुक्ति के बाद पुनर्वास पर पर्याप्त ध्यान दिया जाता है?
और क्या परिवार के भीतर हो रही हिंसा को समय रहते रोका जा सकता है?
पुलिस का बयान
पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पहले की घटनाओं में कोई शिकायत क्यों दर्ज नहीं कराई गई। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता की सुरक्षा और इलाज का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
This shocking case of elder abuse in Ghaziabad highlights the growing issue of domestic violence against senior citizens in India. A 44-year-old drug-addicted son brutally assaulted his 70-year-old ailing mother, an incident captured on CCTV footage. The video was seen by the victim’s daughter living in the United States, who immediately alerted neighbors and the Ghaziabad police. The case has raised serious concerns about elder safety, drug addiction, and family violence in Uttar Pradesh.


















