Ghaziabad Flood Risk: Rising Water Levels of Yamuna and Hindon Rivers Raise Concern
AIN NEWS 1: गाजियाबाद इन दिनों बाढ़ के खतरे से जूझ रहा है। पहाड़ों पर हो रही लगातार भारी बारिश का सीधा असर गाजियाबाद से गुजरने वाली यमुना और हिंडन नदियों में देखने को मिल रहा है। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, हालांकि अभी यह खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद, जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों पर निगरानी तेज कर दी है।
नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से चिंता
पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है। इसी तरह, हिंडन नदी में भी पानी का बहाव बढ़ गया है। यमुना और हिंडन नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने पर इनके डूब क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा सबसे अधिक होता है।
गाजियाबाद में दोनों नदियों के किनारों पर 30 से अधिक गांव स्थित हैं, जो हर बार बढ़ते जलस्तर के समय जोखिम में आ जाते हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों पर विशेष नजर रखनी शुरू कर दी है।
डूब क्षेत्र में अतिक्रमण पर कार्रवाई
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पहले ही डूब क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने के आदेश दे चुका है। इसके बाद सिंचाई विभाग ने डूब क्षेत्रों में रहने या निर्माण कार्य करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि डूब क्षेत्र में किसी भी तरह का नया निर्माण, गतिविधि या अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार वर्मा ने बताया कि बरसात के समय हिंडन नदी का पानी कई किलोमीटर तक फैलकर आवासीय क्षेत्रों में घुस सकता है। इसे रोकने के लिए हिंडन नदी पर तटवर्ती बंध (एम्बैंकमेंट) बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
2023 की बाढ़ ने छोड़ी थी गहरी यादें
पिछले वर्ष 2023 में यमुना का जलस्तर बढ़ने से अलीपुर पुस्ता टूट गया था। इस घटना के कारण लोनी क्षेत्र के अलीपुर, नवादा, बदरपुर, मीरपुर और ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र सहित 20 से अधिक कॉलोनियों में पानी भर गया था। इस वजह से हजारों लोग प्रभावित हुए थे और कई दिनों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा था।
उस समय हुई परेशानियों को देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से ही सतर्क है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए टीमें तैनात की गई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को पहले से अलर्ट कर दिया गया है और आवश्यक सामान व वैकल्पिक ठहराव व्यवस्था पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन की तैयारियां
जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि यमुना और हिंडन नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों को तुरंत अलर्ट मोड पर रखा गया है। बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना तैयार की गई है।
सिंचाई विभाग ने पहले से चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जो लोग डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण कर रहे हैं, उन्हें तुरंत इसे हटाना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, बाढ़ रोकथाम के लिए नदी किनारों पर बने बंधों की मजबूती की जांच और मरम्मत भी की जा रही है।
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका को लेकर लोग चिंतित हैं। पिछले अनुभवों को देखते हुए ग्रामीण पहले से ही जरूरी तैयारियां कर रहे हैं। कई परिवारों ने अपने महत्वपूर्ण सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है। वहीं, प्रशासन ने लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी है।
गाजियाबाद में यमुना और हिंडन नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए चुनौती बन गई है। हालांकि अभी खतरे का निशान पार नहीं हुआ है, फिर भी पहले से सतर्क रहना ही समझदारी है। प्रशासन की सक्रियता और लोगों का सहयोग मिलकर ही संभावित बाढ़ के नुकसान को कम कर सकते हैं।
The rising water levels of the Yamuna and Hindon rivers in Ghaziabad due to heavy rainfall in the hilly regions have created a significant flood risk for over 30 villages situated along the riverbanks. Authorities have issued strict warnings against illegal encroachments in flood-prone zones and strengthened flood monitoring systems. This proactive approach aims to prevent a repeat of the 2023 flood incident that severely impacted areas like Alipur, Navada, Badarpur, and Tronica City.



















