खौफ का अंत: लोनी में सलीम वास्तिक पर हमले का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, इलाज के दौरान मौत
AIN NEWS 1: गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मुठभेड़ में घायल हुए आरोपी को जब अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और पुलिस की सक्रियता को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
क्या था पूरा मामला?
दिनांक 26 फरवरी 2026 की सुबह करीब 8 बजे लोनी क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सलीम वास्तिक नामक व्यक्ति पर उसके ही कार्यालय में दो अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावरों ने अचानक दफ्तर में घुसकर सलीम पर कई वार किए और मौके से फरार हो गए।
हमले में सलीम वास्तिक गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत नाजुक थी, लेकिन समय रहते इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल था। दिनदहाड़े कार्यालय में घुसकर हमला करने की वारदात ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही थाना लोनी पुलिस हरकत में आ गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को मुख्य आरोपी की पहचान मिली।
जांच के दौरान सामने आया कि हमले में शामिल एक आरोपी पर पहले से ही एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
मुठभेड़ कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, इनामी आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद एक विशेष टीम को उसकी गिरफ्तारी के लिए रवाना किया गया। जब पुलिस ने संदिग्ध स्थान पर घेराबंदी की तो आरोपी ने खुद को घिरा देख फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। इसी दौरान आरोपी गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने तुरंत उसे कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और मौके से आवश्यक साक्ष्य भी बरामद किए गए।
बरामद हुआ विदेशी हथियार
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक ‘मेड इन इटली’ पिस्टल बरामद की है। इसके अलावा सलीम वास्तिक पर हमले में इस्तेमाल किया गया पेपर कटर भी पुलिस को मिला है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल पहले किसी अन्य अपराध में तो नहीं हुआ।
इलाके में क्या है माहौल?
घटना के बाद लोनी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस गश्त तेज कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने उन्हें डरा दिया था। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ की गई कार्रवाई से लोगों में कुछ हद तक भरोसा लौटा है।
एक स्थानीय व्यापारी ने बताया, “हम लोग बहुत डर गए थे। अगर पुलिस तुरंत कार्रवाई नहीं करती तो अपराधियों के हौसले और बढ़ जाते।”
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख जारी रहेगा। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमले में शामिल दूसरा आरोपी कौन था और उसकी भूमिका क्या रही।
सवाल और चर्चा
हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे त्वरित न्याय मान रहे हैं, तो कुछ लोग मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि हर मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच होना जरूरी है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और किसी भी तरह की शंका न रहे।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस दूसरे हमलावर की तलाश में जुटी हुई है। जांच टीम यह भी खंगाल रही है कि सलीम वास्तिक पर हमला किस वजह से किया गया था — क्या यह पुरानी रंजिश थी, कारोबारी विवाद था या फिर कोई और कारण।
सलीम वास्तिक का इलाज अभी जारी है और पुलिस अस्पताल प्रशासन के संपर्क में है। उनके बयान के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
In a major breakthrough, Ghaziabad Police conducted an encounter in Loni and arrested a ₹1 lakh rewarded accused involved in the brutal attack on Salim Vastik. The accused was injured during the police encounter and later declared dead during treatment. Police recovered a made in Italy pistol and the paper cutter used in the attack. The Loni attack case has raised concerns over law and order, while UP Police officials claim swift justice and ongoing investigation to trace the second suspect involved in the Ghaziabad crime.


















