AIN NEWS 1: गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की मौत का मामला हर गुजरते दिन के साथ और उलझता जा रहा है। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना गया था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, नए सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर बच्चियों के पिता चेतन के बयानों में लगातार सामने आ रहे विरोधाभास ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
पुलिस पूछताछ में चेतन कई बार अपने ही शब्दों में उलझता दिखाई दिया। उसने जो कहानी बताई, जांच के दौरान उसके कई हिस्से सच से मेल नहीं खाते पाए गए। अब जिस महिला को वह अपनी तीसरी पत्नी बता रहा था, उसके बारे में नया खुलासा हुआ है कि वह पहले उसकी कर्मचारी थी।
🔎 तीसरी पत्नी या कर्मचारी? बयान में नया मोड़ (सुधारित)
पुलिस को दिए बयान में चेतन ने दावा किया कि उसकी तीसरी शादी साल 2025 में हुई थी। उसने बताया कि वह उस समय बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़ा काम करता था। इसी दौरान टीना नाम की एक युवती उसके संपर्क में आई और उसने उसे अपने ऑफिस में काम पर रख लिया।
चेतन के अनुसार, साथ काम करते-करते दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में उन्होंने शादी कर ली। उसने यह भी कहा कि टीना से उसकी एक तीन साल की बेटी है।
लेकिन जांच में सामने आया कि टीना पहले उसकी कर्मचारी थी, और उनके रिश्ते की समयरेखा में कई खामियां हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सचमुच यह शादी वैध तरीके से हुई थी या फिर इसे बाद में कहानी के रूप में पेश किया गया।
📅 शादियों की तारीखों पर भी सवाल
चेतन ने पुलिस को बताया कि उसने पहली शादी 2010 में सुजाता से की और दूसरी शादी 2013 में हिना से की थी। लेकिन इन दावों में भी समय का अंतर और परिस्थितियां कई सवाल खड़े कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, सुजाता से उसकी बड़ी बेटी की उम्र लगभग 16 साल बताई जा रही है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पहली शादी 2010 में हुई थी, तो बेटी की उम्र के हिसाब से यह गणित मेल नहीं खाता।
पुलिस अब दस्तावेजों के आधार पर शादियों की वास्तविक तारीखें खंगाल रही है। हालांकि दोनों महिलाओं के अशिक्षित होने की वजह से आधिकारिक कागज़ात और सटीक जानकारी जुटाने में कठिनाई आ रही है। यही वजह है कि जांच की रफ्तार थोड़ी धीमी है, लेकिन पुलिस हर पहलू को सावधानी से खंगाल रही है।
🏫 बच्चियों की पढ़ाई भी बनी जांच का हिस्सा
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। मरने वाली तीनों बहनों का स्कूल कई साल पहले बंद हो चुका था। जब पुलिस ने इस बारे में पिता से सवाल किया, तो उसने आर्थिक तंगी का हवाला दिया।
उसका कहना था कि वह बच्चियों की पढ़ाई जारी नहीं रख सका क्योंकि उसकी आय सीमित थी। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है कि क्या वाकई आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है।
बच्चियों की सामाजिक स्थिति, मानसिक हालात और पारिवारिक माहौल — इन सभी पहलुओं को अब बारीकी से देखा जा रहा है।
💔 दिल दहला देने वाली घटना
मंगलवार देर रात करीब 2 बजे साहिबाबाद/इंदिरापुरम क्षेत्र की एक हाउसिंग सोसायटी में यह दर्दनाक घटना सामने आई। तीनों सगी बहनों ने कथित रूप से नौवीं मंजिल स्थित अपने फ्लैट से छलांग लगा दी।
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मौके से एक सुसाइड नोट और डायरी बरामद हुई है। पुलिस इन दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि आखिर तीनों ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि तीनों ने एक साथ आत्महत्या की या फिर घटना के पीछे कोई और कारण भी हो सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।
⚖️ जांच में उठते बड़े सवाल
क्या तीनों बहनों ने सचमुच सामूहिक आत्महत्या की?
पिता के बयानों में बार-बार बदलाव क्यों हो रहा है?
तीसरी पत्नी का सच क्या है?
बच्चियों की पढ़ाई और सामाजिक जीवन में आई रुकावटों की असली वजह क्या थी?
इन सवालों के जवाब अभी अधूरे हैं, लेकिन पुलिस हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश में जुटी है।
🧠 मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पहलू
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह आत्महत्या का मामला है, तो इसके पीछे लंबे समय से चल रहा मानसिक दबाव या पारिवारिक तनाव हो सकता है। तीनों बहनों का एक साथ ऐसा कदम उठाना सामान्य घटना नहीं है।
ऐसे मामलों में पारिवारिक माहौल, आर्थिक दबाव, सामाजिक अलगाव और व्यक्तिगत मानसिक स्थिति जैसे कारक अहम भूमिका निभाते हैं। पुलिस अब परिवार के परिचितों और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घर के अंदर की स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
📌 आगे क्या?
फिलहाल पुलिस दस्तावेजों की जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और पारिवारिक पृष्ठभूमि की गहन पड़ताल कर रही है। चेतन के हर बयान की पुष्टि की जा रही है।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी। लेकिन फिलहाल यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि कई अनुत्तरित सवालों का जाल बन चुका है।
The Ghaziabad three sisters death case has raised serious concerns after police uncovered contradictions in the father’s statements. In the Indirapuram housing society incident, three sisters allegedly died by suicide after jumping from a ninth-floor apartment. During the investigation, the father’s claim about his third wife was questioned, as she was reportedly his former employee. Authorities are examining marriage records, financial conditions, school history, and forensic evidence to determine whether the Ghaziabad suicide case was truly a collective act or if deeper issues were involved. The ongoing police investigation in Ghaziabad continues to reveal new angles in this tragic family case.


















