गाजियाबाद की घटना जिसने सबको झकझोर दिया
AIN NEWS 1: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। टीला मोड़ थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों की एक साथ मौत ने हर किसी को सन्न कर दिया। यह हादसा देर रात का बताया जा रहा है, जब लोग नींद में थे और किसी को अंदेशा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में सब कुछ खत्म हो जाएगा।
बताया जा रहा है कि रात करीब ढाई बजे सोसायटी में अचानक शोर मचा। लोग बाहर निकले तो पता चला कि एक ही परिवार की तीन बच्चियों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है। लेकिन दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया।
तीन नाबालिग बहनें, टूटा हुआ बचपन
मृतक तीनों बहनें नाबालिग थीं। उनकी उम्र क्रमशः 16, 14 और 12 साल बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि सबसे बड़ी बहन 16 साल की होने के बावजूद चौथी कक्षा में पढ़ रही थी। लॉकडाउन के बाद से तीनों बच्चियों ने स्कूल जाना लगभग बंद कर दिया था।
परिजनों के अनुसार, धीरे-धीरे उनका सामाजिक दायरा सिमटता चला गया। पढ़ाई, दोस्त और बाहर की दुनिया से उनका संपर्क कम होता गया और मोबाइल फोन ही उनकी दुनिया बन गया। यही वह दौर था, जब वे एक ऑनलाइन कोरियन गेम से जुड़ीं।
लॉकडाउन और ऑनलाइन गेम की बढ़ती लत
परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि लॉकडाउन के समय से तीनों बहनें लगातार एक कोरियन ऑनलाइन गेम खेलती थीं। यह गेम सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें टास्क पूरे करने का दबाव भी बताया जा रहा है। दिन-रात मोबाइल पर लगे रहने की वजह से बच्चियों की पढ़ाई और दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ चुकी थी।
घर में इस बात को लेकर अक्सर तनाव रहता था। माता-पिता बच्चियों को पढ़ाई के लिए समझाते, कभी डांटते भी थे। लेकिन बच्चियां चुप-चुप रहने लगी थीं। धीरे-धीरे घर का माहौल भी भारी होता चला गया।
क्या है ‘कोरियन लवर’ गेम का एंगल?
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें ‘Korean Lover’ नाम के एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम से जुड़ी हुई थीं। दावा किया जा रहा है कि इस गेम में कई लेवल होते हैं और हर लेवल पर खिलाड़ियों को एक विशेष टास्क पूरा करना होता है।
पुलिस को शक है कि गेम के जरिए बच्चियों पर मानसिक दबाव बनाया गया और आखिरी टास्क ने उन्हें यह खौफनाक कदम उठाने के लिए उकसाया। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
मोबाइल फोन, ऐप डेटा, चैट हिस्ट्री, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों की बारीकी से डिजिटल जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी अनजान व्यक्ति ने बच्चियों से संपर्क कर उन्हें प्रभावित तो नहीं किया।
पिता का दर्दनाक बयान
मृतक बच्चियों के पिता चेतन कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटियां लंबे समय से इस कोरियन गेम में उलझी हुई थीं। उन्होंने बताया कि गेम में कुल 50 टास्क बताए जाते हैं और जिस दिन यह घटना हुई, उसी दिन आखिरी टास्क पूरा करने की बात सामने आ रही है।
पिता के मुताबिक, बच्चियों ने घर में रखी दो-स्टेप वाली सीढ़ी का इस्तेमाल किया था। उनका कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि मोबाइल गेम उनकी बेटियों की मानसिक स्थिति पर इतना गहरा असर डाल चुका है।
पिता का बयान सुनकर पुलिस और जांच से जुड़े अधिकारी भी भावुक हो गए।
8 पन्नों की डायरी और भावुक शब्द
पुलिस को बच्चियों के कमरे से एक 8 पन्नों की डायरी भी मिली है, जिसे जांच का अहम सबूत माना जा रहा है। डायरी में लिखा गया है—
डायरी के अंत में बच्चियों ने अपने पिता से माफी मांगी है। अंग्रेज़ी में लिखा है—
“I’m sorry papa, I am really sorry”
इसके साथ एक बड़ी रोती हुई इमोजी भी बनाई गई है।
यह शब्द पढ़कर हर कोई भावुक हो गया है। पुलिस इस डायरी की हैंडराइटिंग, भाषा और भावनात्मक पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस जांच और समाज के लिए सवाल
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह मामला केवल गेम की लत का है या इसके पीछे कोई सुनियोजित डिजिटल शोषण छिपा है।
यह घटना समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
क्या हम बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पर्याप्त नजर रख पा रहे हैं?
क्या मोबाइल और गेमिंग की दुनिया बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचा रही है?
और क्या माता-पिता, स्कूल और समाज मिलकर इस खतरे को समय रहते पहचान पा रहे हैं?
The Ghaziabad triple suicide case has shocked the nation after three minor sisters allegedly died following involvement in a Korean online game. Police investigations have revealed an eight-page diary, digital evidence, and disturbing details pointing toward online game addiction and possible psychological manipulation. Authorities are now examining mobile data, game chats, and app activity to uncover the full truth behind this tragic incident in Ghaziabad.






