गाजियाबाद UAPA मामला: नाहल गांव के शावेज, जुनैद, फरदीन, इकराम, फजलू और जावेद हिरासत में, सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने का आरोप
AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिले में पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव से छह लोगों को हिरासत में लिया है। इन लोगों पर आरोप है कि वे सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश विरोधी और भड़काऊ सामग्री साझा कर रहे थे। पुलिस फिलहाल इन सभी से पूछताछ कर रही है और उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद की गई। पिछले कुछ समय से इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान कुछ ऐसे अकाउंट्स सामने आए जिनसे लगातार भड़काऊ और कट्टरपंथी विचारों से जुड़े संदेश साझा किए जा रहे थे। जब इन अकाउंट्स की जांच की गई तो उनका संबंध गाजियाबाद के नाहल गांव से जुड़ा पाया गया।
हिरासत में लिए गए छह लोग
पुलिस ने जिन लोगों को हिरासत में लिया है उनमें नाहल गांव के निवासी शामिल हैं। इनके नाम शावेज (20), जुनैद (23), फरदीन (22), इकराम (36), फजलू (48) और जावेद (45) बताए जा रहे हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि आरोपितों में से इकराम पेशे से अधिवक्ता है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों की गतिविधियां कब से चल रही थीं और क्या इनके संपर्क किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
सोशल मीडिया गतिविधियों से खुला मामला
पुलिस के अनुसार पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट और वीडियो सामने आ रहे थे जिनमें भड़काऊ और देश विरोधी संदेश शामिल थे। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जब इन पोस्ट की तकनीकी जांच की तो कुछ अकाउंट्स संदिग्ध पाए गए।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि इन अकाउंट्स के जरिए कई लोगों को लगातार कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री भेजी जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने इन अकाउंट्स से जुड़े लोगों की पहचान की और कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।
व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए साझा किए जा रहे थे संदेश
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के कई युवक जुड़े हुए थे। इसी ग्रुप के माध्यम से कुछ भड़काऊ संदेश और वीडियो साझा किए जा रहे थे।
पुलिस अब इस ग्रुप से जुड़े सभी लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन संदेशों का उद्देश्य क्या था और क्या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
सलीम वास्तविक मामले के बाद बढ़ी निगरानी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तविक पर हुए हमले के बाद इंटरनेट मीडिया की निगरानी और सख्त कर दी गई थी। इसी दौरान कुछ संदिग्ध अकाउंट्स की गतिविधियां सामने आईं।
जांच एजेंसियों ने जब इन अकाउंट्स की गहराई से जांच की तो पता चला कि कई पोस्ट और वीडियो ऐसे हैं जिनमें भड़काऊ सामग्री साझा की गई थी। इसके बाद पुलिस ने इन अकाउंट्स से जुड़े लोगों की पहचान की और उन्हें हिरासत में ले लिया।
एटीएस और खुफिया एजेंसियां भी कर रहीं जांच
गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि इस मामले की जानकारी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड और अन्य खुफिया एजेंसियों को भी दे दी गई है। अब आगे की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इन लोगों का किसी आतंकी संगठन या बाहरी नेटवर्क से कोई संबंध तो नहीं है।
पुलिस ने संकेत दिया है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपितों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है। डिजिटल फॉरेंसिक टीम भी इस जांच में सहयोग कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन लोगों ने किस तरह की सामग्री साझा की और वे किन लोगों के संपर्क में थे।
गांव में चर्चा का माहौल
नाहल गांव में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें इस तरह की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इन गतिविधियों का दायरा कितना बड़ा था। फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
Ghaziabad Police detained six suspects — Shavez, Junaid, Fardeen, Ikram, Fazlu and Javed — from Nahal village in the Masuri area following intelligence inputs about anti-national content and extremist messages being circulated on social media and WhatsApp groups. Authorities have registered a case under the Unlawful Activities Prevention Act (UAPA) and are examining digital evidence to determine possible links with radical networks. The action reportedly followed online monitoring that intensified after the Salim Vastavik attack case in Loni.


















