सोना-चांदी की रिकॉर्ड उड़ान: सोना ₹1.43 लाख के पार, चांदी ₹2.90 लाख से ऊपर – क्या अभी खरीदना सही रहेगा?

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AIN NEWS 1: भारत में सोना और चांदी एक बार फिर निवेशकों के लिए चर्चा का केंद्र बन गए हैं। बीते एक साल में दोनों कीमती धातुओं ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने बाजार के जानकारों से लेकर आम निवेशकों तक सभी को चौंका दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना जहां ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुका है, वहीं चांदी ₹2.90 लाख प्रति किलो के ऊपर पहुंच गई है।

यह सिर्फ कीमतों में बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि निवेश की सोच में भी बड़ा बदलाव दिख रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही फैसला होगा या अब रुकना चाहिए?

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📈 सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी

MCX पर पिछले 15 दिनों में ही सोने की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई है। अगर एक साल का आंकड़ा देखें, तो सोना करीब 80 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दे चुका है। यह तेजी सामान्य नहीं कही जा सकती, क्योंकि आमतौर पर सोने को एक स्थिर और सुरक्षित निवेश माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता, महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में कमजोरी जैसी वजहों ने सोने को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद भी कीमतों को मजबूती दे रही है।

🥈 चांदी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

अगर सोने की तेजी आपको हैरान कर रही है, तो चांदी का प्रदर्शन उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला है। पिछले एक साल में चांदी ने 190 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल अब तक इसमें 15 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है।

चांदी की मांग सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर में चांदी की खपत तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि चांदी अब सिर्फ एक कीमती धातु नहीं, बल्कि एक मजबूत इंडस्ट्रियल कमोडिटी भी बन चुकी है।

🌍 तेजी के पीछे क्या हैं बड़ी वजहें?

सोना और चांदी दोनों में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं:

1️⃣ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

दुनिया के कई देशों में मंदी की आशंका, युद्ध और राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर धकेल रहे हैं।

2️⃣ महंगाई का दबाव

महंगाई बढ़ने पर निवेशक अपनी पूंजी की सुरक्षा के लिए सोना-चांदी को प्राथमिकता देते हैं।

3️⃣ डॉलर में कमजोरी

अमेरिकी डॉलर कमजोर होने पर कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी आती है।

4️⃣ केंद्रीय बैंकों की खरीदारी

कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं।

5️⃣ औद्योगिक मांग में उछाल (चांदी)

ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है।

🤔 क्या अभी खरीदना सही रहेगा?

यह सवाल हर निवेशक के मन में है। विशेषज्ञों की राय इस पर बंटी हुई है।

शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर थोड़े जोखिम भरे हो सकते हैं, क्योंकि इतनी तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली संभव है।

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सोना और चांदी अभी भी सुरक्षित विकल्प बने हुए हैं, खासकर अगर निवेश चरणबद्ध तरीके से किया जाए।

जानकार सलाह देते हैं कि एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय SIP या छोटे-छोटे निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

🔮 आगे कहां तक जा सकता है भाव?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार:

सोना आने वाले महीनों में ₹1.45 लाख से ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है, अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहते हैं।

चांदी ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को छू सकती है, हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा रह सकता है।

हालांकि, यह अनुमान बाजार की मौजूदा स्थितियों पर आधारित हैं और किसी भी निवेश से पहले व्यक्तिगत सलाह जरूरी है।

🧠 निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें

जोखिम क्षमता को समझें

एक ही एसेट में पूरा पैसा न लगाएं

बाजार की खबरों और वैश्विक संकेतों पर नजर रखें

सोना और चांदी ने जिस तरह से बीते एक साल में रिटर्न दिया है, उसने निवेश की परिभाषा को ही बदल दिया है। हालांकि, ऊंचे दाम पर खरीदारी हमेशा सोच-समझकर करनी चाहिए। अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं और जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं, तो चरणबद्ध निवेश एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।

Gold and silver prices in India have reached record highs on MCX, with gold crossing ₹1.43 lakh per 10 grams and silver moving above ₹2.90 lakh per kilogram. Driven by global economic uncertainty, inflation concerns, central bank buying, and strong industrial demand for silver, precious metals have delivered exceptional returns over the past year. Investors are closely watching gold and silver price forecasts to decide whether this is the right time to invest in precious metals.

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