AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से हाल ही में तीन लड़कियों के रहस्यमय ढंग से गायब होने की खबर ने स्थानीय लोगों को चिंता में डाल दिया। शुरुआती जानकारी में दावा किया गया कि इन लड़कियों को मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने अगवा किया है और इसके पीछे किसी बड़े रैकेट के शामिल होने की बात भी कही गई। लेकिन जैसे ही पुलिस जांच आगे बढ़ी, कहानी का सच कुछ और ही निकला।
मामला कैसे शुरू हुआ?
हापुड़ शहर के एक गांव में कुछ ही दिनों के भीतर तीन लड़कियों के अचानक लापता होने की घटनाएं सामने आईं। इनमें से एक लड़की नाबालिग थी। परिजनों ने इन मामलों में मुस्लिम लड़कों पर शक जताया और कहा कि यह कोई सोची-समझी साजिश हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन लड़कों को फंडिंग मिलती है ताकि वे लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाएं।
एक लड़की के पिता ने कहा, “मेरी बेटी दो दिन पहले कॉलेज जाने के लिए निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। मुझे पूरा शक है कि गांव के कुछ मुस्लिम लड़के इस काम में शामिल हैं।” परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की जांच में क्या निकला?
जब मीडिया ने इस पूरे मामले की तह में जाकर सच्चाई जानने की कोशिश की, तो उन्होंने हापुड़ के सीओ सिटी जितेंद्र कुमार शर्मा से बातचीत की। सीओ सिटी ने मामले की पूरी जांच रिपोर्ट साझा की और बताया कि तीनों घटनाओं का आपस में कोई लिंक नहीं है और ‘रैकेट’ जैसी कोई बात अब तक सामने नहीं आई है।
पहली लड़की: आरोपी हिरासत में, लड़की सुरक्षित
पहले मामले में पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की। अपहरण की रिपोर्ट मिलते ही टीमें बनाई गईं और लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस मामले में एक युवक को नामजद किया गया था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और जांच जारी है।
दूसरी लड़की: घर की नाराजगी बनी कारण
दूसरे मामले में एक लड़की बिना किसी को बताए घर से चली गई थी। बाद में 16 जुलाई को लड़की ने अपने परिजनों को कॉल किया और बताया कि वह दिल्ली के आनंद विहार में खड़ी है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लड़की को सकुशल वापस लाकर उसके परिवार के हवाले कर दिया। पूछताछ में लड़की ने बताया कि वह अपने घर वालों की किसी बात से नाराज़ होकर घर छोड़कर चली गई थी।
तीसरी लड़की: तलाश जारी
तीसरे मामले में पुलिस को शिकायत मिली, जिसके बाद केस दर्ज किया गया और टीमों को तलाश में लगा दिया गया। पुलिस ने कहा है कि लड़की की सकुशल बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जांच में जो भी सुराग मिल रहे हैं, उनके आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
रैकेट की बातों को पुलिस ने किया खारिज
जब सीओ सिटी से यह पूछा गया कि क्या इन घटनाओं में किसी मुस्लिम लड़कों के रैकेट का हाथ है, जैसा कि परिजन कह रहे हैं, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब तक की जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह सिद्ध हो सके कि कोई समुदाय विशेष या गिरोह इन घटनाओं में शामिल है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह के साम्प्रदायिक रंग देने से बचें। उन्होंने कहा कि “हम हर लड़की को सुरक्षित घर लाने के लिए प्रयासरत हैं, और समाज में शांति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।”
हापुड़ की तीन लड़कियों के लापता होने की खबर ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना दिया था, लेकिन पुलिस की सख्त जांच और सक्रियता ने इस रहस्य को जल्द ही सुलझा दिया। दो लड़कियों को सुरक्षित परिवार के पास लाया जा चुका है, जबकि तीसरी की तलाश जारी है। मुस्लिम लड़कों पर रैकेट चलाने के आरोप पुलिस जांच में निराधार साबित हुए हैं।
ऐसे मामलों में जरूरी है कि हम तथ्यों का इंतज़ार करें और किसी भी अफवाह या साम्प्रदायिक आरोप-प्रत्यारोप में ना उलझें। समाज में सद्भाव बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
In a shocking turn of events from Hapur, Uttar Pradesh, three girls were reported missing, sparking claims of a Muslim boys’ abduction racket. However, the police investigation revealed that two girls left home due to personal reasons and have been found safe, while search efforts continue for the third. Authorities found no evidence to support the alleged Muslim boys’ racket theory. This Hapur missing girls case highlights the dangers of communal misinformation and emphasizes the importance of factual reporting.



















