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हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़: 6 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल!

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Haridwar Mansa Devi Temple Stampede: 6 Dead, Several Injured Amid Heavy Crowd

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़: 6 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

AIN NEWS 1: श्रावण मास के पवित्र अवसर पर उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। भारी भीड़ के बीच नियंत्रण बिगड़ने से भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक घटना में 6 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालु दहशत में इधर-उधर भागने लगे।

कैसे हुई घटना?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से ही मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। श्रावण माह और कांवड़ यात्रा के कारण पहले से ही भीड़ अधिक थी। इसी बीच अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे लोग गिरने लगे और भगदड़ मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद थी, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि नियंत्रण करना मुश्किल हो गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के समय रास्ता काफी संकरा था और श्रद्धालुओं की संख्या क्षमता से कई गुना अधिक हो चुकी थी। जैसे ही एक व्यक्ति गिरा, लोग उसके ऊपर चढ़ते चले गए और हालात बेकाबू हो गए।

मृतक और घायल

अब तक की जानकारी के अनुसार 6 लोगों की जान चली गई, जबकि लगभग 20-30 लोग घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना के तुरंत बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया।

गढ़वाल डिवीजन के कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा,

“मनसा देवी मंदिर परिसर में भगदड़ के चलते 6 लोगों की मृत्यु हो गई और कई घायल हैं। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।”

भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। हरिद्वार जैसे धार्मिक शहरों में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, खासकर श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के समय।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले से ही भीड़ का अंदाजा था, लेकिन पर्याप्त प्रबंध नहीं किए गए। वहीं पुलिस का कहना है कि हालात अचानक बिगड़े और उन्होंने पूरी कोशिश की कि ज्यादा जनहानि न हो।

श्रद्धालुओं में डर का माहौल

हादसे के बाद श्रद्धालुओं में डर का माहौल है। जो लोग मंदिर में मौजूद थे, उन्होंने बताया कि भगदड़ का नजारा बेहद भयावह था। कई लोग घायल होकर जमीन पर पड़े थे और चीख-पुकार मची हुई थी।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया,

“हम दर्शन के लिए लाइन में खड़े थे, अचानक पीछे से धक्का लगा और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई।”

प्रशासन के लिए सबक

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन के लिए पहले से सख्त प्लानिंग होनी चाहिए। CCTV मॉनिटरिंग, अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और श्रद्धालुओं की एंट्री को नियंत्रित करने जैसे उपाय जरूरी हैं।

राज्य सरकार ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और घायलों के इलाज के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री के कार्यालय ने ट्वीट कर मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की भी घोषणा की।

The tragic Haridwar stampede at Mansa Devi Temple during the holy Shravan month resulted in 6 deaths and over 20 injuries. This unfortunate incident highlights the urgent need for better crowd management, temple safety, and emergency planning during peak pilgrimage seasons in Uttarakhand. The administration has launched an investigation, and efforts are being made to ensure such a disaster does not occur again.

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