AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला जिले के जिलाधिकारी (डीएम) धर्मेंद्र प्रताप सिंह के जन्मदिन से जुड़ा है, जब एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर उनके कार्यालय पहुंचा, उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और उनके साथ फोटो भी खिंचवा ली। इसके बाद जैसे ही यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई।
जन्मदिन पर बधाइयों का लगा तांता
शुक्रवार को शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह का जन्मदिन था। इस अवसर पर डीएम कार्यालय में सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ था। जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग डीएम को शुभकामनाएं देने पहुंच रहे थे। माहौल सामान्य और औपचारिक था, जैसा कि किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के जन्मदिन पर अक्सर देखने को मिलता है।
इसी भीड़ का फायदा उठाकर एक ऐसा व्यक्ति डीएम कार्यालय में प्रवेश कर गया, जिसकी पृष्ठभूमि आपराधिक रही है।
भीड़ में शामिल होकर पहुंचा हिस्ट्रीशीटर
चौक कोतवाली क्षेत्र की आनंदपुरम कॉलोनी का निवासी अंकित वर्मा, जो पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है, डीएम कार्यालय पहुंच गया। उसने न सिर्फ डीएम को जन्मदिन की बधाई दी, बल्कि उनके साथ खड़े होकर फोटो भी खिंचवा ली।
बताया जा रहा है कि डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह को उस व्यक्ति की पहचान या आपराधिक इतिहास की कोई जानकारी नहीं थी। भीड़ अधिक होने के कारण डीएम ने भी उस व्यक्ति के बारे में कोई पूछताछ नहीं की।
फेसबुक पर पोस्ट होते ही वायरल हुई तस्वीर
डीएम कार्यालय से निकलने के बाद अंकित वर्मा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर डीएम के साथ खिंचवाई गई तस्वीर पोस्ट कर दी। फोटो के साथ उसने बधाई संदेश भी लिखा। देखते ही देखते यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
तस्वीर वायरल होते ही लोगों में चर्चाएं शुरू हो गईं। आम लोगों से लेकर प्रशासनिक हलकों तक में यह सवाल उठने लगा कि एक कुख्यात अपराधी इतनी आसानी से डीएम कार्यालय तक कैसे पहुंच गया।
पहले भी रहा है विवादों में
अंकित वर्मा कोई नया नाम नहीं है। उसका आपराधिक इतिहास काफी पुराना और गंभीर रहा है। करीब पांच महीने पहले चौक कोतवाली क्षेत्र के चारखंभा इलाके में उसका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह अवैध असलहे के साथ गली में भागता हुआ नजर आया था।
उस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई थी और एफआईआर दर्ज कर उसे तमंचे के साथ गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे जेल भेजा गया, जहां से वह जमानत पर बाहर आया।
एक नहीं, कई मुकदमे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर अंकित वर्मा के खिलाफ करीब 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2023 में भी कटरा थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज रहे हैं।
इतना ही नहीं, 30 अगस्त 2024 को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) की अदालत ने उसे छह महीने के लिए जिला बदर भी किया था। यानी उसे जिले की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि डीएम कार्यालय जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। जब एक हिस्ट्रीशीटर बिना किसी रोक-टोक के भीतर पहुंच सकता है, फोटो खिंचवा सकता है और फिर सोशल मीडिया पर उसे पोस्ट कर सकता है, तो यह प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।
लोगों का कहना है कि यदि किसी गलत मंशा से कोई व्यक्ति इस तरह कार्यालय तक पहुंच जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
डीएम से संपर्क की कोशिश
इस मामले में जब जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उनके कार्यालय स्टाफ ने बताया कि साहब मीटिंग में व्यस्त हैं। स्टाफ ने यह भी कहा कि मामला उनके संज्ञान में ला दिया गया है और उचित समय पर प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
हालांकि अभी तक इस पूरे प्रकरण पर डीएम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की बड़ी चूक बता रहे हैं, तो कुछ लोग सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि डीएम को भीड़ के बीच हर व्यक्ति की पहचान जान पाना संभव नहीं होता, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया जाना चाहिए।
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि वीआईपी कार्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को और सख्त करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल मामला चर्चा में बना हुआ है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण से क्या सबक लेता है और आगे क्या कार्रवाई करता है।
The Shahjahanpur DM birthday controversy has sparked widespread debate after a history-sheeter managed to enter the district magistrate’s office and post a viral photo on Facebook. The incident has raised serious concerns about administrative security, Uttar Pradesh crime monitoring, and protocol enforcement at government offices, making it a significant topic in Shahjahanpur DM news and UP breaking news discussions.


















