AIN NEWS 1: क्रासुला, जिसे “जेड प्लांट” भी कहा जाता है, न सिर्फ एक सुंदर सजावटी पौधा है बल्कि वास्तु और फेंगशुई के अनुसार यह धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। अगर आप चाहते हैं कि ये पौधा दिवाली तक घना, हरा-भरा और भाग्यशाली बन जाए, तो मानसून का समय इसे उगाने का सबसे बेहतरीन मौका है।
लेकिन इस पौधे को मानसून में उगाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, वरना इसका विकास रुक सकता है या यह सड़ भी सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे आप क्रासुला को मानसून में सही तरीके से उगा सकते हैं।
क्यों खास है क्रासुला पौधा?
क्रासुला एक प्रकार का सक्सुलेंट है, जो अपनी मोटी और रसीली पत्तियों के लिए जाना जाता है। यह पौधा बहुत अधिक देखभाल नहीं मांगता, लेकिन सही मौसम और मिट्टी मिल जाए तो यह बहुत तेजी से बढ़ता है और काफी घना हो सकता है।
वास्तु शास्त्र में इसे धन और समृद्धि का पौधा माना जाता है। इसे घर के उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में रखने से सकारात्मक ऊर्जा और वित्तीय लाभ की संभावना मानी जाती है।
मानसून में क्रासुला उगाने के फायदे
1. नमी भरपूर होती है: पौधे को शुरुआती दिनों में ज्यादा पानी की जरूरत होती है, जो मानसून में प्राकृतिक रूप से मिल जाती है।
2. कम धूप की जरूरत: क्रासुला को सीधी तेज धूप की जरूरत नहीं होती। यह हल्की धूप और छांव में भी अच्छा फलता-फूलता है, जो बरसात में स्वाभाविक रूप से मिलती है।
3. जड़ें जल्दी जमती हैं: गीली मिट्टी और नमी के कारण पौधे की जड़ें जल्दी जम जाती हैं और पौधा तेजी से बढ़ता है।
मिट्टी में क्या मिलाना जरूरी है?
यह सबसे अहम हिस्सा है। यदि आप क्रासुला की जड़ों को सड़ने या फंगस लगने से बचाना चाहते हैं, तो मिट्टी के मिश्रण में कुछ जरूरी चीजें जरूर मिलाएं।
नीम पाउडर या नीम खली मिलाएं
नीम पाउडर या नीम खली मिट्टी में मिलाने से पौधे की जड़ों को फंगल संक्रमण और कीड़ों से बचाव मिलता है।
मानसून में अधिक नमी के कारण जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ जाता है। नीम इसमें प्राकृतिक एंटीफंगल की तरह काम करता है।
सही मिट्टी का मिश्रण
40% गार्डन मिट्टी
30% रेत (ड्रेनेज के लिए)
20% वर्मी कंपोस्ट
10% नीम पाउडर या नीम खली
इस मिश्रण से मिट्टी भुरभुरी, ड्रेनेज वाली और पोषक तत्वों से भरपूर होगी।
क्रासुला की देखभाल के आसान टिप्स
1. गमला ऐसा लें जिसमें नीचे से पानी निकलने का होल हो।
2. हफ्ते में एक बार ही पानी दें। जरूरत से ज्यादा पानी देने पर जड़ें सड़ सकती हैं।
3. पौधे को ऐसी जगह रखें जहां हल्की धूप और छांव दोनों मिले।
4. हर 15 दिन में एक बार वर्मी कंपोस्ट या घर का बना लिक्विड खाद दें।
5. पत्तियों को समय-समय पर साफ करते रहें, ताकि धूल न जमे और पौधा सांस ले सके।
दिवाली तक ऐसे बनाएं पौधा घना और सुंदर
टॉप कटिंग करें: यदि पौधा लंबा हो गया है तो ऊपर की कुछ पत्तियां काट दें, इससे साइड ब्रांचिंग होगी और पौधा घना दिखेगा।
नीम का स्प्रे करें: महीने में एक बार नीम ऑयल का हल्का स्प्रे करें, ताकि फंगस या कीड़े न लगें।
पानी देने का ध्यान रखें: बारिश के मौसम में बहुत अधिक पानी देने की जरूरत नहीं होती। मिट्टी को पहले चेक करें कि सूखी है या नहीं।
धूप की मात्रा संतुलित रखें: बहुत अधिक धूप में पत्तियां जल सकती हैं, और बहुत अधिक छांव में पौधा कमजोर हो सकता है।
दिवाली पर क्या मिलेगा लाभ?
मान्यता है कि दिवाली के दिन हरे-भरे और स्वस्थ क्रासुला पौधे को घर के मुख्य दरवाजे के पास या मंदिर के पास रखने से धन आगमन होता है। यह पौधा आपकी मेहनत को रंग लाने में सहायक माना जाता है।
इसके अलावा यह आपके घर की सुंदरता बढ़ाता है और प्राकृतिक हरियाली का अहसास भी देता है।
अगर आप चाहते हैं कि दिवाली तक आपके घर में समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो, तो क्रासुला पौधे को मानसून में लगाना सबसे सही निर्णय है। नीम पाउडर या नीम खली का उपयोग करके आप इसे सुरक्षित और तेजी से बढ़ने वाला बना सकते हैं।
इस मानसून सीजन में थोड़ी सी समझदारी और सही देखभाल से आप ना सिर्फ एक सुंदर पौधा पाएंगे, बल्कि अपने घर के वातावरण को भी हरियाली और शुभता से भर पाएंगे।
अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे दूसरों से भी जरूर शेयर करें और अपने घर के लिए एक क्रासुला पौधा जरूर लाएं! 🌿✨
Crassula plant care during the monsoon is crucial if you want it to grow lush and healthy by Diwali. This succulent is not only beautiful but also considered lucky and auspicious in Vastu and Feng Shui. Learn how to prepare the right soil mix using neem powder or neem khali to protect roots from rotting and fungal infections during the rainy season. Ideal monsoon planting can ensure a flourishing Crassula by festive season.


















