हैदराबाद में सड़े अचार का काला कारोबार: बाजार से खरीदी खराब सब्जियों से बनाकर बेचा जा रहा था जहर जैसा खाना
AIN NEWS 1: आज के समय में लोग सुविधा और स्वाद के लिए बाजार से पैक्ड फूड खरीदना पसंद करते हैं। अचार भी ऐसी ही एक चीज है, जो लगभग हर घर की थाली का हिस्सा बन चुकी है। लेकिन अगर यही अचार आपकी सेहत के लिए खतरा बन जाए, तो यह चिंता का विषय है। हाल ही में हैदराबाद से सामने आई एक घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हम जो खा रहे हैं, वह कितना सुरक्षित है।
कैसे सामने आया मामला?
हैदराबाद में फूड सेफ्टी विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग खराब और सड़ी-गली सब्जियों का इस्तेमाल करके अचार बना रहे हैं और उसे बाजार में बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और उस जगह पर छापा मारा, जहां यह काम चल रहा था।
जब टीम वहां पहुंची, तो जो नजारा सामने आया वह चौंकाने वाला था। बड़ी मात्रा में सड़ी-गली सब्जियां, गंदगी और अस्वच्छ माहौल में अचार तैयार किया जा रहा था। यह अचार बाद में पैक करके बाजार में सप्लाई किया जा रहा था, जिससे लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा था।

क्या-क्या बरामद हुआ?
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने भारी मात्रा में खराब अचार और कच्चा माल जब्त किया। इसमें शामिल थे:
72 ड्रम सड़ा हुआ अचार (नींबू, लाल मिर्च, कच्ची इमली, आंवला)
6 ड्रम टमाटर और इमली का पेस्ट
1 छोटा ड्रम अदरक-लहसुन का पेस्ट
इन सभी चीजों की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें खाने योग्य नहीं माना जा सकता था। अधिकारियों के मुताबिक, इन उत्पादों को लंबे समय से स्टोर किया गया था और इनमें सड़न साफ दिखाई दे रही थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान एन नरसिम्हा और एन नरेश के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि वे जानबूझकर खराब सामग्री का इस्तेमाल करके अचार बना रहे थे और उसे बाजार में बेच रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि ये लोग सस्ती और खराब सब्जियां खरीदकर लागत कम करते थे और ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इस तरह का अवैध काम कर रहे थे।
सेहत के लिए कितना खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़ी-गली सब्जियों से बना अचार स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे अचार में बैक्टीरिया, फंगस और हानिकारक केमिकल्स विकसित हो सकते हैं, जो कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
इनसे होने वाले संभावित खतरे:
फूड पॉइजनिंग
पेट दर्द और उल्टी
डायरिया
लंबे समय में लिवर और किडनी पर असर
बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा होता है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।
लोग क्यों फंस जाते हैं?
अक्सर लोग सस्ता और स्वादिष्ट दिखने वाला अचार देखकर बिना ज्यादा सोचे-समझे खरीद लेते हैं। कई बार पैकेजिंग इतनी आकर्षक होती है कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
इसके अलावा, लोकल मार्केट में मिलने वाले खुले अचार पर कोई खास निगरानी नहीं होती, जिससे ऐसे उत्पाद आसानी से बिक जाते हैं।
कैसे पहचानें सुरक्षित अचार?
अगर आप बाजार से अचार खरीदते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
हमेशा भरोसेमंद ब्रांड का अचार खरीदें
पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट चेक करें
पैकेजिंग सील्ड और सही हालत में होनी चाहिए
अचार का रंग और गंध सामान्य होनी चाहिए
अगर अचार में बदबू या अजीब स्वाद लगे, तो तुरंत उसका इस्तेमाल बंद कर दें।
क्या घर का अचार बेहतर है?
घर पर बना अचार हमेशा ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें आप खुद सामग्री की गुणवत्ता और साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं। हालांकि, घर के अचार को भी सही तरीके से स्टोर करना जरूरी होता है, ताकि वह खराब न हो।
प्रशासन की अपील
फूड सेफ्टी विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जागरूक रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। इसके साथ ही, ऐसे कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हैं।
हैदराबाद में सामने आया यह मामला एक चेतावनी है कि हमें खाने-पीने की चीजों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही हमारी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
इसलिए अगली बार जब आप बाजार से अचार खरीदें, तो सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें।
A major food safety concern has emerged from Hyderabad where authorities uncovered a racket involving rotten pickles made from spoiled vegetables. This Hyderabad pickle case highlights serious issues related to food safety in India, fake pickle production, and the risks of consuming unsafe packaged food. Officials seized large quantities of contaminated pickles, raising concerns about food poisoning, health hazards, and lack of hygiene in local food processing. Consumers are advised to check FSSAI certification and avoid low-quality products to stay safe.


















