फर्जी फर्मों के जाल से जीएसटी चोरी: करोड़ों के राजस्व नुकसान पर यूपी STF की बड़ी कार्रवाई!

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AIN NEWS 1: देश में आर्थिक अपराधों पर लगाम कसने की दिशा में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक बड़ी और अहम सफलता हासिल की है। जीएसटी चोरी के लिए फर्जी कंपनियों का नेटवर्क खड़ा कर करोड़ों रुपये के राजस्व को नुकसान पहुँचाने वाले एक अन्तर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों में सक्रिय था और बोगस फर्मों के सहारे सुनियोजित तरीके से टैक्स चोरी कर रहा था।

🔍 कैसे सामने आया पूरा मामला

जांच एजेंसियों को लंबे समय से इस बात की आशंका थी कि कुछ संदिग्ध कंपनियां बिना किसी वास्तविक व्यापार के केवल कागजों पर मौजूद हैं और इनके जरिए फर्जी इनवॉइस तथा ई-वे बिल बनाए जा रहे हैं। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे जीएसटी की भारी मात्रा में चोरी की जा रही थी।

UP STF को जब इस अन्तर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े इनपुट मिले, तो टीम ने तकनीकी निगरानी, दस्तावेजी विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर जांच शुरू की। जांच में यह साफ हुआ कि यह कोई एक-दो फर्मों का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह है, जिसने अलग-अलग राज्यों में दर्जनों बोगस कंपनियां खड़ी कर रखी हैं।

🚨 STF की कार्रवाई और गिरफ्तारी

सूचना के आधार पर STF ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। ये आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे, डिजिटल दस्तावेज तैयार करते थे और फर्जी लेन-देन दिखाकर जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत फायदा उठाते थे।

गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से जो सामग्री बरामद हुई है, वह इस बात का साफ सबूत है कि यह पूरा खेल कितनी बारीकी से रचा गया था।

📱💻 बरामदगी से खुला बड़ा राज

STF को आरोपियों के कब्जे से—

06 मोबाइल फोन

02 लैपटॉप

17 चेकबुक

11 बैंक पासबुक

09 एटीएम कार्ड

बरामद हुए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन मोबाइल और लैपटॉप में फर्जी इनवॉइस, ई-वे बिल, फर्मों से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन का पूरा डेटा मौजूद है। कई बैंक खातों का इस्तेमाल केवल पैसों के लेन-देन को घुमाने और टैक्स चोरी को छिपाने के लिए किया जा रहा था।

🏢 बोगस फर्मों का पूरा नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्तों ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों के अलग-अलग पतों पर दर्जनों फर्जी कंपनियां पंजीकृत करवाई थीं। इन फर्मों का कोई वास्तविक व्यापार नहीं था, न ही इनके पास कोई गोदाम, कर्मचारी या उत्पादन व्यवस्था मौजूद थी।

इन फर्जी फर्मों के जरिए—

बिना माल की खरीद-बिक्री दिखाकर

नकली इनवॉइस तैयार कर

फर्जी ई-वे बिल जनरेट कर

सरकार को जीएसटी के रूप में मिलने वाले करोड़ों रुपये के राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

💰 देश की अर्थव्यवस्था पर असर

जीएसटी चोरी केवल एक कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला गंभीर मामला है। इस तरह की टैक्स चोरी से—

सरकारी योजनाओं के लिए उपलब्ध धन कम हो जाता है

ईमानदार कारोबारियों को नुकसान होता है

बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा होती है

STF अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियां लंबे समय तक चलती रहीं तो राजस्व को और बड़ा नुकसान हो सकता था।

👮‍♂️ आगे की जांच जारी

गिरफ्तारी के बाद अब STF और संबंधित विभाग—

अन्य संदिग्ध फर्मों की जांच

बैंक खातों की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री

डिजिटल डिवाइस से डाटा रिकवरी

गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान

पर काम कर रहे हैं।

अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोग हो सकते हैं, जिनकी भूमिका सामने आना अभी बाकी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।

⚖️ सख्त संदेश

यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि आर्थिक अपराधों, खासकर जीएसटी चोरी जैसे मामलों में अब ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सरकार और जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।

UP STF की यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़ी सफलता है, बल्कि उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो शॉर्टकट के जरिए अवैध कमाई करने की कोशिश कर रहे हैं।

The Uttar Pradesh Special Task Force (UP STF) has cracked down on an inter-state GST fraud racket involving fake firm registrations, bogus invoices, and fraudulent e-way bills. The accused allegedly created multiple shell companies across Uttar Pradesh and Haryana to evade GST and cause massive revenue loss. This major action highlights the government’s strict approach toward GST tax evasion and economic offences in India.

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