AIN NEWS 1: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैची धाम को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। दावा यह है कि इस साल की पहली बर्फबारी कैची धाम में हो चुकी है। कई पोस्ट, वीडियो और तस्वीरों के साथ लोग इसे आस्था से जोड़ते हुए साझा कर रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह दावा पूरी तरह सच है? या फिर यह अधूरी जानकारी पर आधारित है?
इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि कैची धाम में बर्फबारी को लेकर वायरल हो रहे दावों की हकीकत क्या है, और आधिकारिक मौसम रिपोर्ट इस बारे में क्या कहती हैं।
📍 कैची धाम का धार्मिक और भौगोलिक महत्व
कैची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल है। यह आश्रम महान संत नीम करौली बाबा से जुड़ा हुआ है, जिनके भक्त न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हर साल हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
कैची धाम समुद्र तल से लगभग 1400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह क्षेत्र पहाड़ी जरूर है, लेकिन आमतौर पर यहां भारी बर्फबारी बहुत कम देखने को मिलती है। आसपास के ऊंचे इलाकों में बर्फ गिरना सामान्य बात है, लेकिन मंदिर परिसर में बर्फ पड़ना अपेक्षाकृत दुर्लभ माना जाता है।
❄️ उत्तराखंड में इस साल की पहली बर्फबारी कब हुई?
मौसम विभाग और प्रमुख समाचार एजेंसियों के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई।
इस दौरान जिन क्षेत्रों में बर्फबारी की पुष्टि हुई, उनमें शामिल हैं:
बद्रीनाथ
केदारनाथ
गंगोत्री
यमुनोत्री
मसूरी
मुनस्यारी
ऊंचे हिमालयी क्षेत्र
इन जगहों पर तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और कई इलाकों में बर्फ की सफेद चादर दिखाई दी।
📌 क्या कैची धाम में सीधे तौर पर बर्फ गिरी?
यही वह सवाल है जिस पर सबसे ज्यादा भ्रम बना हुआ है।
अब तक की आधिकारिक मौसम रिपोर्ट, भारतीय मौसम विभाग (IMD) और प्रमुख मीडिया संस्थानों की खबरों को देखने पर यह बात साफ होती है कि:
👉 कैची धाम मंदिर परिसर में बर्फबारी होने की कोई स्पष्ट और आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हालांकि, यह जरूर बताया गया है कि:
नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में मौसम काफी ठंडा रहा
कई जगहों पर हल्की बारिश और ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई
पहाड़ों पर मौजूद ऊंची चोटियों पर बर्फ जमने की खबरें आईं
संभावना है कि कैची धाम के आसपास की पहाड़ियों में बर्फ दिखाई दी हो, जिसे देखकर लोगों ने इसे सीधे मंदिर से जोड़ दिया।
📱 सोशल मीडिया पर वायरल दावे कितने भरोसेमंद?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Facebook, X (Twitter) और WhatsApp पर कई वीडियो और तस्वीरें शेयर की जा रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि कैची धाम में बर्फबारी हो रही है।
लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि:
इन पोस्ट्स के साथ कोई आधिकारिक स्रोत नहीं दिया गया
वीडियो की लोकेशन और तारीख की पुष्टि नहीं हो पाई
कई तस्वीरें आसपास के ऊंचे इलाकों या पुराने समय की भी हो सकती हैं
आज के समय में मौसम, धार्मिक आस्था और भावनात्मक कंटेंट तेजी से वायरल होता है, इसलिए बिना पुष्टि किसी भी दावे को सच मान लेना सही नहीं होता।
🌦️ उत्तराखंड में मौजूदा मौसम का हाल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड में इस समय:
तापमान सामान्य से नीचे है
पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ी हुई है
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी रहती है
कैची धाम जैसे मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आमतौर पर बारिश और ठंड का असर ज्यादा देखने को मिलता है, जबकि भारी हिमपात ऊंचे इलाकों तक सीमित रहता है।
🧭 सच क्या है?
✔️ यह पूरी तरह सच है कि उत्तराखंड के ऊंचे क्षेत्रों में 23 जनवरी 2026 को इस साल की पहली बर्फबारी दर्ज की गई।
❌ लेकिन यह कहना कि कैची धाम मंदिर परिसर में ही बर्फबारी हुई, फिलहाल पुख्ता प्रमाणों के अभाव में सही नहीं ठहराया जा सकता।
संभावना यही है कि आसपास की पहाड़ियों या नैनीताल जिले के ऊंचे इलाकों में बर्फ गिरी हो, जिसे सोशल मीडिया पर कैची धाम से जोड़कर पेश किया गया।
Kainchi Dham snowfall has become a trending topic on social media, with many users claiming that the famous Neem Karoli Baba temple witnessed its first snowfall in 2026. However, official weather reports confirm snowfall only in higher altitude regions of Uttarakhand, while there is no verified confirmation of snowfall directly at Kainchi Dham. This article explains the complete truth behind the viral Kainchi Dham snow claims, Uttarakhand snowfall updates, and current weather conditions in Nainital district.


















