AIN NEWS 1 | पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता इन दिनों भीषण बारिश से जूझ रही है। आसमान से बरसती आफत ने शहर का पूरा जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों में भारी बारिश और करंट लगने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है।
बेनियापुकुर, कालिकापुर, नेताजी नगर, गरियाहाट और इकबालपुर जैसे इलाकों में हालात बेहद खराब हैं। सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा है, कई जगहों पर लोग घरों के भीतर ही फंसे हुए हैं। वहीं, मेट्रो और लोकल ट्रेन की सेवाएं भी प्रभावित हो चुकी हैं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दक्षिण और पूर्वी कोलकाता में सबसे ज्यादा असर
#WATCH | Kolkata, West Bengal | Heavy rain causes waterlogging in several parts of Kolkata
(Visuals from South Kolkata) pic.twitter.com/DzN0mrBdZL
— ANI (@ANI) September 23, 2025
कोलकाता नगर निगम (KMC) के मुताबिक, शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश की तीव्रता सबसे ज्यादा रही।
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गड़िया कामदहारी में कुछ ही घंटों में 332 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
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जोधपुर पार्क में 285 मिमी,
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कालीघाट में 280 मिमी,
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तोपसिया में 275 मिमी,
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बल्लीगंज में 264 मिमी,
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जबकि उत्तरी कोलकाता के थंटानिया में 195 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इतनी तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। कई मुख्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं और लोग पैदल चलकर भी मुश्किल से अपने गंतव्य तक पहुंच पा रहे हैं।
फ्लाइट और ट्रेनों पर असर
भारी बारिश का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। एयर इंडिया ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उसमें साफ कहा गया है कि कई फ्लाइट्स कैंसिल या री-शेड्यूल की जा सकती हैं। यात्रियों से घर से निकलने से पहले फ्लाइट का स्टेटस जांचने की अपील की गई है।
लोकल ट्रेनें और मेट्रो सेवाएं भी लगातार बाधित हो रही हैं। कई ट्रैक पानी में डूब जाने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा है। इससे ऑफिस जाने वाले लोगों और छात्रों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व में बना कम दबाव का क्षेत्र इस भारी बारिश की बड़ी वजह है। यह प्रणाली धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रही है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। विशेषकर दक्षिण बंगाल के जिलों –
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पूर्व मेदिनीपुर
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पश्चिम मेदिनीपुर
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दक्षिण 24 परगना
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झारग्राम
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बांकुड़ा
में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
दफ्तर और संस्थान बंद
भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए कई सरकारी और प्राइवेट ऑफिस बंद कर दिए गए हैं। यहां तक कि अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने भी घोषणा की है कि मंगलवार (23 सितंबर) को दूतावास का कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा।
स्कूलों और कॉलेजों में भी छुट्टी कर दी गई है ताकि बच्चे और कर्मचारी जलभराव में फंसे ना रहें।
दुर्गा पूजा की तैयारियों पर असर
पश्चिम बंगाल और खासकर कोलकाता में दुर्गा पूजा का त्योहार बड़े स्तर पर मनाया जाता है। इस बार भी पंडाल सजाने का काम जोर-शोर से चल रहा था, लेकिन भारी बारिश ने सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया।
कई पंडालों में पानी भर गया है, कहीं-कहीं पंडाल गिर भी गए हैं। घरों के अंदर तक पानी पहुंच जाने से लोगों को पूजा की तैयारी करना मुश्किल हो रहा है। आयोजकों को डर है कि अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो इस बार पूजा का माहौल फीका पड़ सकता है।
जनजीवन पर गहरा असर
कोलकाता की सड़कों पर हर जगह पानी भरा हुआ है। निचले इलाकों में हालात और भी खराब हैं। लोग नाव जैसी छोटी-छोटी व्यवस्थाओं से आने-जाने को मजबूर हैं। बिजली कटौती की वजह से कई जगहों पर अंधेरा छाया हुआ है।
रेस्क्यू टीमें लगातार जलभराव वाले इलाकों में मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। नगर निगम के कर्मचारी पंप लगाकर पानी निकालने का काम कर रहे हैं, लेकिन बारिश की रफ्तार के सामने यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है।
क्या आगे भी बढ़ेगा संकट?
मौसम विभाग ने बुधवार (24 सितंबर) को भी भारी बारिश की आशंका जताई है। यानी अभी राहत की संभावना कम ही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें।
कोलकाता में हुई इस अभूतपूर्व बारिश ने एक बार फिर शहर की इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा प्रबंधन की खामियों को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर जलभराव से लोग बेहाल हैं, वहीं दुर्गा पूजा जैसी बड़ी तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं।
हालांकि प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन सवाल यही है कि कब तक कोलकाता हर साल ऐसी बारिश में डूबता रहेगा?


















