Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

मुरादाबाद में कुमार विश्वास का संतुलित बयान: शंकराचार्य विवाद पर मर्यादा, संवेदनशीलता और संवाद पर दिया ज़ोर!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद पहुंचे प्रसिद्ध कवि, वक्ता और विचारक कुमार विश्वास ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच चल रहे विवाद पर एक संतुलित और संयमित रुख अपनाया। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी भी तरह की सीधी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन साथ ही मर्यादा, संवाद और संवेदनशीलता की अहमियत पर ज़ोर दिया।

मीडिया से बातचीत के दौरान कुमार विश्वास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके भीतर इतनी सामर्थ्य नहीं है कि वे पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज जैसे संत पर कोई टिप्पणी करें। उनका कहना था कि शब्दों की मर्यादा और विचारों की गरिमा बनाए रखना हर जिम्मेदार व्यक्ति का कर्तव्य है, खासकर तब जब विषय धर्म और आस्था से जुड़ा हो।

विवाद पर टिप्पणी से इनकार, लेकिन संदेश साफ

कुमार विश्वास का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच मतभेदों को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। हालांकि उन्होंने विवाद के पक्ष या विपक्ष में कुछ भी कहने से परहेज़ किया, लेकिन यह जरूर कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे विषय को समझना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में दो पक्ष हैं और बिना सभी पहलुओं को जाने जल्दबाज़ी में कोई राय बनाना न तो उचित है और न ही समाज के लिए लाभकारी।

प्रशासन से मर्यादा और संवेदनशीलता बरतने की अपील

कुमार विश्वास ने प्रशासन की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि जब किसी संत, साधु या धर्म के लिए समर्पित व्यक्ति से संवाद किया जाए, तो उसमें विशेष संवेदनशीलता और सम्मान झलकना चाहिए। उन्होंने कहा—

“भगवा धारण करने वाला व्यक्ति केवल एक व्यक्ति नहीं होता, वह करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक होता है।”

उनका मानना है कि प्रशासनिक भाषा और व्यवहार में संतुलन होना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या टकराव की स्थिति न बने। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता और व्यवस्था की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाज में सौहार्द बनाए रखना है।

शंकराचार्य से भी संयम की प्रार्थना

अपने वक्तव्य में कुमार विश्वास ने संत समाज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से भी संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतों का आचरण समाज के लिए मार्गदर्शक होता है और ऐसे में सात्विक क्रोध को त्यागकर कृपा और शांति का मार्ग अपनाना समाज के हित में होता है।

उनका यह संदेश किसी पक्ष विशेष के समर्थन या विरोध में नहीं था, बल्कि पूरे समाज के लिए संतुलन और संवाद का आह्वान था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद श्रोताओं ने इसे एक परिपक्व और जिम्मेदार वक्तव्य बताया।

शोक-संतप्त परिवार से की मुलाकात

मुरादाबाद में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम ‘उदीषा’ में शामिल होने से पहले कुमार विश्वास ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए शहर के वरिष्ठ शायर मंसूर उस्मानी के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। हाल ही में एक दुखद हादसे में मंसूर उस्मानी की बेटी का निधन हो गया था।

कुमार विश्वास ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि दुख और पीड़ा में साथ खड़े होने की ताकत भी देता है।

मुरादाबाद की साहित्यिक परंपरा की सराहना

‘उदीषा’ कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कुमार विश्वास ने मुरादाबाद की समृद्ध साहित्यिक विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि यह शहर केवल उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि साहित्य और शायरी के लिए भी जाना जाता है।

उन्होंने जिगर मुरादाबादी, माहेश्वर तिवारी, हुल्लड़ मुरादाबादी और मंसूर उस्मानी जैसे महान रचनाकारों का नाम लेते हुए कहा कि मुरादाबाद ने देश को अमूल्य साहित्यिक धरोहर दी है।

कुमार विश्वास ने ऐसे आयोजनों को साहित्य के पुनर्जागरण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया और कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियां भाषा, संस्कृति और रचनात्मक सोच से जुड़ती हैं।

संतुलन और संवाद का संदेश

पूरे कार्यक्रम और मीडिया बातचीत के दौरान कुमार विश्वास का रुख साफ रहा— विवाद से ज़्यादा ज़रूरी है संवाद, और प्रतिक्रिया से ज़्यादा ज़रूरी है मर्यादा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

उनका यह बयान न तो उकसाने वाला था और न ही किसी एक पक्ष को संतुष्ट करने वाला, बल्कि एक ऐसा संदेश था जो मौजूदा समय में बेहद ज़रूरी है।

Poet and speaker Kumar Vishwas visited Moradabad and addressed media questions regarding the Shankaracharya Avimukteshwaranand and Magh Mela administration controversy. While refusing to comment directly, Kumar Vishwas emphasized the importance of dignity, sensitivity, and responsible dialogue in religious matters. His balanced statement highlighted the role of administration and spiritual leaders in maintaining social harmony, making his Moradabad visit a significant moment in the ongoing discussion.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
overcast clouds
29.7 ° C
29.7 °
29.7 °
22 %
2.3kmh
100 %
Fri
34 °
Sat
36 °
Sun
36 °
Mon
34 °
Tue
35 °
Video thumbnail
Amit Shah ने खोली Rahul Gandhi की पोल तो Mahua Moitra बौखला गईं, फिर देखिये क्या हुआ ?
14:20
Video thumbnail
"महात्मा गांधी की हत्या के बाद Nehru Edwina के साथ एक कमरे में बंद थे", Lok Sabha में जबरदस्त बवाल
09:09
Video thumbnail
Ghaziabad में हनुमान चालीसा चलाने पर, हिन्दू परिवार पर हमला ! | Nandgram News | Ghaziabad News
15:26
Video thumbnail
GDA का बड़ा फैसला: 2026 में गाज़ियाबाद में आएगा बड़ा बदलाव
32:16
Video thumbnail
Holi पर Delhi के Uttam Nagar के Tarun की कर दी हत्या,पिता ने लगाई गुहार | Top News | Delhi Crime
05:46
Video thumbnail
आम आदमी की जेब पर 'महंगाई बम'! LPG सिलेंडर ₹60 महंगा, मोदी सरकार पर बरसे अनुराग ढांडा
07:31
Video thumbnail
भोपाल के रायसेन किले से तोप चलाने का Video सामने आया। पुलिस ने गिरफ्तार किया
00:18
Video thumbnail
President Murmu on Mamta Banerjee
02:03
Video thumbnail
Ghaziabad : में कश्यप निषाद संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन | मंत्री नरेंद्र कश्यप
05:14
Video thumbnail
"किसान यूनियन...10 - 20 लोगो को लेके धरने पे बैठना" Rakesh Tikait पर क्या बोले RLD नेता Trilok Tyagi
15:19

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related