AIN NEWS 1: माघ पूर्णिमा हिन्दू धर्म में एक अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी पर्व है। हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को माघ पूर्णिमा का व्रत और पूजा-ऐतिहासिक अनुष्ठान मनाया जाता है। इस दिन स्नान-दान, दान-पुण्य, भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा करने से आत्मिक शुद्धि और जीवन में समृद्धि की प्राप्ति होती है। 2026 में माघ पूर्णिमा की तिथि को लेकर काफी भ्रम है कि यह 1 फरवरी है या 2 फरवरी — लेकिन पंचांग और ज्योतिष के अनुसार यह 1 फरवरी, रविवार को ही मुख्य रूप से माना जाता है।
🗓️ माघ पूर्णिमा 2026 की सही तिथि एवं समय
पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा की पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी, सुबह लगभग 05:52 बजे से शुरू होती है और 2 फरवरी तड़के 03:38 बजे तक जारी रहती है। चूँकि तिथि का मुख्य भाग 1 फरवरी को ही आता है, इसलिए ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ पूर्णिमा 1 फरवरी, 2026 को ही मनाई जाती है।
👉 पहले लोग इस तिथि को लेकर भ्रम में थे कि यह 1 फरवरी है या 2 फरवरी; लेकिन पंचांग के अनुसार एवं विद्वानों के मत से माघ पूर्णिमा 2026 की पूजा तथा स्नान-दान का शुभ दिन 1 फरवरी ही है।
🌕 माघ पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
माघ पूर्णिमा को हिन्दू धर्म में एक अत्यंत शुभ दिन माना गया है। इस दिन:
माघ मास की अवधि का पुण्यकाल समाप्त होता है, विशेषकर कल्पवास व्रती इसका अन्तिम दिन मानते हैं।
पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश और आत्मा की शुद्धि होती है।
दान-दानशीलता का महत्व बढ़ जाता है; अन्न, वस्त्र, जल या अन्य दान पुण्य प्रदान करते हैं।
भगवान विष्णु, लक्ष्मी तथा चंद्र देव की पूजा से मानसिक शांति और भौतिक व आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर किया गया स्नान और दान अन्य दिनों की तुलना में सौ गुना फलदायी होता है।
🌊 स्नान-दान और पूजा की विधि
🌅 1. पवित्र स्नान
माघ पूर्णिमा के दिन सबसे पहले प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में जागकर पवित्र नदी जैसे गंगा, यमुना या अन्य किसी नदी में स्नान करें। यदि नदी में स्नान संभव न हो तो गंगाजल मिलाकर घर पर स्नान भी किया जा सकता है।
🛐 2. पूजा-अनुष्ठान
साफ-सुथरे कपड़े पहनकर भगवान विष्णु, गणेश एवं लक्ष्मी माता की पूजा करें।
विष्णु सहस्रनाम या अन्य मंत्रों का जाप करें।
शाम को चंद्र देव को अर्घ्य अर्पित करें।
🎁 3. दान-पुण्य
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल आदि दान करें। दान मनुष्य के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली लाता है।
📿 4. उपवास और संकल्प
कुछ श्रद्धालु इस दिन उपवास रखते हैं या संकल्प करके दिनभर फलाहार करते हैं। इससे मानसिक शांति एवं अध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।
🙏 माघ पूर्णिमा से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण उपाय
धार्मिक परंपरा में कुछ उपायों को विशेष रूप से फलदायी माना गया है जैसे:
पितरों का श्राद्ध करना, जिससे परिवार पर पितृदोष का प्रभाव कम होता है।
तिल और कंबल दान करना।
तुलसी और पीले फूलों से भगवान विष्णु की आराधना करना।
ये उपाय जीवन में सुख-शांति, धन-धान्य तथा समृद्धि लाने में मदद करते हैं।
2026 में माघ पूर्णिमा का व्रत तथा स्नान-दान 1 फरवरी, रविवार को ही करना श्रेष्ठ और शुभ माना जाता है। यह पवित्र दिन आत्मा की शुद्धि, धार्मिक पुण्य, तथा जीवन में समृद्धि का स्रोत माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा-अर्चना करने से अंतर्मन को शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
Magh Purnima 2026 will be observed on 1 February 2026 as per the Hindu Panchang, marking the sacred full-moon day in the Magh month with auspicious snan (holy bath), daan (charity), puja (worship), and religious significance. Devotees take a holy dip in sacred rivers like the Ganga and perform traditional rituals honoring Lord Vishnu and Chandra Dev, making this day spiritually powerful and beneficial for mental peace and prosperity with key Magh Purnima 2026 date and muhurat for celebrations.


















