Woman Constable Gangraped in Mathura: Suspended Jhansi Sub-Inspector Drugged & Assaulted Her Repeatedly
मथुरा में महिला सिपाही से गैंगरेप: झांसी के दारोगा ने दोस्त संग किया दुष्कर्म, वीडियो बनाकर दी धमकी, FIR दर्ज
AIN NEWS 1 मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस विभाग की ही एक महिला सिपाही के साथ बार-बार सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। यह घटना न सिर्फ मथुरा बल्कि मुरादाबाद और झांसी तक फैली हुई है, जिसमें आरोपी कोई और नहीं बल्कि खुद झांसी में तैनात एक दारोगा और उसका साथी है। पीड़िता ने अब आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कैसे शुरू हुआ यह मामला?
पीड़िता जमुनापार थाना क्षेत्र की रहने वाली है और खुद एक सिपाही के पद पर कार्यरत है। उसने बताया कि यह दर्दनाक घटनाक्रम फरवरी 2023 में शुरू हुआ। उसकी बहन की शादी थी और इस शादी में शामिल होने झांसी के चिरगांव थाने में तैनात दारोगा रविकांत गोस्वामी आया हुआ था। शादी का कार्यक्रम लक्ष्मीनगर स्थित अनिल फार्म हाउस में हुआ था।
रविकांत ने फार्म हाउस के पास एक होटल में कमरा बुक किया और शादी के दौरान ही महिला सिपाही को अपने कमरे में बुलाया। वहां उसे जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और फिर बेहोश होने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया। यही नहीं, आरोप है कि दारोगा ने इस पूरे कृत्य का वीडियो और फोटो भी बनाए।
ब्लैकमेल कर मुरादाबाद बुलाया गया
कुछ महीनों बाद, 22 जून 2023 को, रविकांत ने पीड़िता को धमकी दी कि यदि वह उसकी बात नहीं मानेगी, तो वह ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इस धमकी के डर से महिला सिपाही मुरादाबाद पहुंची, जहां उसे सिविल लाइंस के होटल मिलन में बुलाया गया।
यहां भी वही पैटर्न दोहराया गया—फिर से नशीला जूस पिलाया गया और इस बार रविकांत के साथ उसका दोस्त दीक्षांत शर्मा भी मौजूद था। दोनों ने मिलकर महिला सिपाही के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
तीसरी घटना झांसी में, जहां की गई मारपीट
लगातार ब्लैकमेल और डर के माहौल में जी रही पीड़िता को एक बार फिर 12 जनवरी 2025 को झांसी बुलाया गया। इस बार उसे चिन्मय हॉस्पिटल के पास बुलाया गया, जहां रविकांत और दीक्षांत ने उसके साथ मारपीट की।
आखिरकार दर्ज कराई FIR
इन सभी घटनाओं से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान महिला सिपाही ने आखिरकार हिम्मत दिखाई और सोमवार को जमुनापार थाने में रविकांत गोस्वामी और दीक्षांत शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। दर्ज FIR में धारा 376D (सामूहिक बलात्कार) और 323 (मारपीट) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
आरोपी कौन हैं?
रविकांत गोस्वामी: बागपत निवासी, झांसी के चिरगांव थाने में दारोगा के पद पर तैनात।
दीक्षांत शर्मा: मुरादाबाद निवासी, रविकांत का निजी मित्र।
दोनों पर संगठित तरीके से महिला सिपाही को नशीला पदार्थ देकर, उसके साथ कई बार दुष्कर्म करने, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और मारपीट करने का आरोप है। पुलिस विभाग ने रविकांत को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, वहीं दीक्षांत की तलाश की जा रही है।
पुलिस का क्या कहना है?
जमुनापार थाना प्रभारी अजय किशोर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पीड़िता के बयान के आधार पर साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस विभाग की छवि पर सवाल
यह मामला कई सवाल खड़े करता है। जब वर्दी में मौजूद अधिकारी ही अपनी शक्ति का दुरुपयोग करें और साथी महिला कर्मियों की गरिमा को तार-तार करें, तो आम नागरिकों का भरोसा पुलिस पर कैसे बना रहेगा?
इस मामले में खास बात यह है कि आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि खुद कानून का रखवाला है। यह दर्शाता है कि पुलिस विभाग के भीतर भी सुधार और पारदर्शिता की कितनी सख्त जरूरत है।
पीड़िता की बहादुरी
इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि पीड़िता ने समाज की सोच और दबाव से ऊपर उठकर अपनी बात रखी और कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला लिया। यह उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो ऐसे ही हालात से जूझ रही हैं लेकिन डर के मारे चुप हैं।
यह घटना न सिर्फ भयावह है, बल्कि चिंताजनक भी है। इसमें पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने ओहदे का गलत इस्तेमाल किया गया है। इस केस में सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।
यदि आपको यह लेख उपयोगी लगा हो तो इसे अधिक से अधिक शेयर करें ताकि न्याय की इस लड़ाई में पीड़िता को समर्थन मिल सके।
A disturbing incident has come to light in Mathura, where a woman constable was allegedly gangraped by a Jhansi-based sub-inspector, Ravikant Goswami, and his associate Dikshant Sharma. The incident reportedly occurred multiple times over a span of two years in different locations including Muradabad and Jhansi. The accused allegedly drugged the victim and recorded objectionable videos to blackmail her. An FIR has been filed at Jamunapar Police Station, and both accused have been suspended. The case adds to the growing concern over police brutality and misuse of power by law enforcement officials in Uttar Pradesh.


















