AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र से सामने आई दो घटनाओं ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पुलिस जांच के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर फायर स्टेशन के पीछे संदिग्ध हालात में झुलसा मिला अज्ञात युवक है, तो दूसरी ओर राजस्थान कोर्ट में स्टेनोग्राफर पद पर चयनित 25 वर्षीय मधुर यादव की दर्दनाक मौत। दोनों मामलों में आग, झुलसने और परिस्थितियों की समानता ने इन घटनाओं को और रहस्यमय बना दिया है।

🔥 फायर स्टेशन के पीछे झुलसा मिला अज्ञात युवक
मोदीनगर थाना क्षेत्र के निवाड़ी रोड स्थित फायर स्टेशन के पीछे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्थानीय लोगों ने एक युवक को गंभीर रूप से झुलसी हालत में पड़ा देखा। युवक की हालत इतनी नाजुक थी कि वह न तो ठीक से बोल पा रहा था और न ही अपनी पहचान बता सका।
स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मोदीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक युवक गंभीर रूप से झुलसा हुआ है और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
अब तक युवक की पहचान नहीं हो सकी है, जिससे जांच में दिक्कतें आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि जब तक युवक की पहचान नहीं होती और वह बयान देने की स्थिति में नहीं आता, तब तक घटना की पूरी सच्चाई सामने आना मुश्किल है।
🔍 जांच के कई एंगल, कोई निष्कर्ष नहीं
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। आसपास यह जांच की जा रही है कि क्या वहां पेट्रोल, केमिकल या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ के अवशेष मौजूद थे। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह मामला आत्मदाह का तो नहीं, या फिर किसी दुर्घटना अथवा साजिश का परिणाम।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक वहां कैसे पहुंचा और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
⚫ दूसरा मामला: मधुर यादव की दर्दनाक मौत
मोदीनगर की ही एक और घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। मंगल विहार कॉलोनी निवासी मधुर यादव (25) की रविवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। मधुर गंभीर रूप से झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मधुर के परिवार के लिए यह सदमा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि कुछ ही दिन पहले उसका चयन राजस्थान कोर्ट में स्टेनोग्राफर के पद पर हुआ था। ज्वाइनिंग डेट का इंतजार था और घर में खुशी का माहौल बनने ही वाला था।
🏠 घर से निकला, 2 किमी दूर मिली जलती हालत
परिजनों के अनुसार, मधुर शनिवार रात करीब 9 बजे घर से निकला था। उसने फोन पर बताया कि वह आसपास ही जा रहा है और थोड़ी देर में लौट आएगा। लेकिन इसके बाद उसका फोन बार-बार स्विच ऑफ आने लगा।
करीब दो घंटे बाद निवाड़ी रोड स्थित 30 फीटा रोड के पास एक राहगीर अभिषेक ने एक युवक को जलती हुई हालत में देखा। उसने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और मधुर को मोदीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह करीब 80 प्रतिशत तक झुलस चुका है। हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया।
🏥 इलाज के दौरान मौत
परिजन मधुर को लेकर तुरंत दिल्ली पहुंचे, जहां उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार सुबह मधुर ने दम तोड़ दिया।
इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। कोई यकीन नहीं कर पा रहा कि नौकरी लगने के बाद भी एक होनहार युवक इस तरह जिंदगी से हार सकता है।
📱 मोबाइल जांच से सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पुलिस जांच के दौरान मधुर के मोबाइल फोन को कब्जे में लिया गया। जांच में सामने आया कि 31 जनवरी को उसने इंटरनेट पर कुछ ऐसे सवाल सर्च किए थे, जिनसे आत्महत्या की आशंका गहराती है।
हालांकि पुलिस इन तथ्यों की तकनीकी और मनोवैज्ञानिक जांच भी करवा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह मानसिक दबाव का परिणाम था या कोई और वजह।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एक सप्ताह पहले उसके हाथ के जलने की घटना कैसे हुई थी और क्या उसका इस घटना से कोई संबंध है।
👨👩👦 परिवार का आरोप: साजिश कर जलाया गया
मधुर के पिता जितेंद्र यादव, जो सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं, ने आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उनके बेटे को किसी ने नशीला स्प्रे सुंघाकर बेहोश किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
पिता का आरोप है कि बेटे के फोन से किसी अज्ञात व्यक्ति ने सूचना दी कि उसे जला दिया गया है। परिवार का कहना है कि मधुर मानसिक रूप से मजबूत था और नौकरी लगने के बाद बेहद खुश था।
मधुर के चाचा विजेंद्र यादव ने भी थाने में तहरीर देकर इसे हत्या करार दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
🗣️ पड़ोसियों की राय और अफेयर का एंगल
पड़ोसियों के मुताबिक मधुर का एक युवती से प्रेम संबंध था। कुछ लोगों का कहना है कि युवती शादी का दबाव बना रही थी, जिससे वह तनाव में हो सकता है। हालांकि इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार इस एंगल को भी सिरे से खारिज कर रहा है।
👮 पुलिस का आधिकारिक बयान
ACP मोदीनगर अमित सक्सेना के अनुसार, प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मोबाइल डेटा, घटनास्थल की स्थिति और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि परिवार के आरोपों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है और हर पहलू की जांच की जा रही है।
🔍 कई सवाल अब भी बाकी
क्या मधुर यादव ने खुद यह कदम उठाया?
क्या वह किसी मानसिक या सामाजिक दबाव में था?
क्या यह मामला आत्महत्या नहीं बल्कि साजिश है?
फायर स्टेशन के पीछे मिले अज्ञात युवक का इस घटना से कोई संबंध है या नहीं?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे।
The Modinagar burn case has shocked Ghaziabad as a young man, Madhur Yadav, who was recently selected as a stenographer in Rajasthan Court, died after sustaining severe burn injuries. The incident has raised serious questions about whether it was a case of suicide or a planned conspiracy. Modinagar police are investigating the matter from all angles, including mobile phone data, CCTV footage, and family allegations, making this one of the most sensitive burn death cases in recent UP crime news.


















