नमस्कार,
कल की बड़ी खबर पद्म पुरस्कारों के ऐलान की रही। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र को पद्म विभूषण मिलेगा। वहीं रोहित शर्मा को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। दूसरी खबर एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला से जुड़ी है, जिन्हें अशोक चक्र मिलेगा।

आज के प्रमुख इवेंट्स:
- बिजली (संशोधन) बिल 2026 के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा लखनऊ में ट्रैक्टर मार्च निकालेगा।
कल की बड़ी खबरें:
धर्मेंद्र को पद्म विभूषण, रोहित शर्मा सहित 131 हस्तियों को मिलेगा पद्म सम्मान
केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस सूची में कला, खेल, राजनीति, समाजसेवा और अन्य क्षेत्रों में योगदान देने वाली कुल 131 हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, इस वर्ष 5 लोगों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 को पद्मश्री पुरस्कार दिया जाएगा। इनमें कई नाम ऐसे हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में देश को नई पहचान दिलाई है।
दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को उनके भारतीय सिनेमा में अतुलनीय योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। वहीं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन और प्रसिद्ध गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण प्रदान किया जाएगा।
खेल जगत से भी कई चर्चित नामों को पद्मश्री सम्मान मिला है। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार, हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया और अभिनेता आर. माधवन को पद्मश्री से नवाजा जाएगा।
इस वर्ष पद्म पुरस्कार पाने वालों में महिलाओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली है। कुल 131 पुरस्कार विजेताओं में 19 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 6 सम्मान विदेशी, एनआरआई, पीआईओ और ओसीआई श्रेणी के व्यक्तियों को दिए जाएंगे। वहीं 16 हस्तियों को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
मुख्य बिंदु
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कुल 131 पद्म पुरस्कारों का ऐलान, जिनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री शामिल
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रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर, सविता पूनिया और आर. माधवन को पद्मश्री सम्मान
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19 महिलाएं और 16 मरणोपरांत सम्मान इस वर्ष की सूची में शामिल
गणतंत्र दिवस से पहले गैलेंट्री अवॉर्ड्स का ऐलान, अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र
गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड्स और सर्विस मेडल्स की घोषणा कर दी। इस वर्ष वीरता, साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए सशस्त्र बलों, पुलिस और अन्य सुरक्षा सेवाओं से जुड़े सैकड़ों कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।
सबसे बड़ा सम्मान अशोक चक्र भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा 3 अधिकारियों को कीर्ति चक्र और 13 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट होने के साथ-साथ ISRO के अंतरिक्ष यात्री भी हैं। उन्होंने 25 जून 2025 को नासा के एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की यात्रा की थी। इस मिशन के दौरान वे 18 दिनों तक अंतरिक्ष में रहे थे, जो भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
इस बार उत्कृष्ट सेवा के लिए कुल 982 कर्मियों को मेडल दिए जाएंगे। इनमें पुलिस, फायर ब्रिगेड, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इन 982 सम्मानों में 125 गैलेंट्री मेडल्स भी शामिल हैं।
अशोक चक्र
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ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, भारतीय वायुसेना
कीर्ति चक्र (3)
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मेजर अर्शदीप सिंह, असम राइफल्स
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नायब सूबेदार दोलेश्वर सुब्बा, पैरा स्पेशल फोर्स
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ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, फ्लाइंग पायलट
शौर्य चक्र (13)
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लेफ्टिनेंट कर्नल घटागे आदित्य श्रीकुमार, 21 पैरा (एसएफ)
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मेजर अंशुल बलटू जक, 32 असम राइफल्स
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मेजर शिवकांत यादव, 5 पैरा (एसएफ)
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मेजर विवेक, 42 राष्ट्रीय राइफल्स
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मेजर लैशांगथेम दीपक सिंह, 11 पैरा (एसएफ)
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कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर, 6 पैरा (एसएफ)
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सूबेदार पी.एच. मोसेस, 1 असम राइफल्स
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लांस डफादार बलदेव चंद (मरणोपरांत), 4 राष्ट्रीय राइफल्स
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राइफलमैन मंगलेम संग वैफेई, 3 असम राइफल्स
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राइफलमैन धुर्बा ज्योति दत्ता, 33 असम राइफल्स
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लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के, नौसेना
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लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए, नौसेना
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सहायक कमांडेंट विपिन विल्सन, गृह मंत्रालय
मुख्य बिंदु
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गणतंत्र दिवस से पहले केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड्स की घोषणा की
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अंतरिक्ष मिशन में योगदान के लिए शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र
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कुल 982 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा और वीरता के लिए सम्मानित किया जाएगा
अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान— “कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा”; डिप्टी CM पहुंचे प्रयागराज
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद सातवें दिन भी थमा नहीं है। पूरे मामले को लेकर माहौल लगातार गरम बना हुआ है। इसी बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चाहे उन पर कितना भी दबाव बनाया जाए, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “हम भाजपा की आंख की किरकिरी बन गए हैं। चाहे जितना परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जितना हमारे ऊपर जुल्म होगा, उतनी ही मजबूती से हम आगे बढ़ेंगे।” उनके इस बयान के बाद विवाद और तेज हो गया है।
दो दिन पहले शिविर में उस वक्त हंगामा हो गया, जब ‘कट्टर सनातनी सेना’ नामक संगठन से जुड़े करीब 10 युवक शिविर में घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान युवकों ने ‘योगी जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। मौके पर मौजूद शिष्यों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पूरी घटना को अपने ऊपर सीधा हमला बताया है।
विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को माघ मेले के दौरान हुई थी। मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया और पैदल जाने को कहा। इस बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद मामला लगातार बढ़ता चला गया।
बढ़ते विवाद और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए रविवार को उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री भी प्रयागराज पहुंचे। माना जा रहा है कि प्रशासन हालात को नियंत्रित करने और मामले का समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।
मुख्य बिंदु
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी
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शिविर में घुसने की कोशिश और नारेबाजी के बाद माहौल हुआ तनावपूर्ण
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हालात संभालने के लिए डिप्टी मुख्यमंत्री प्रयागराज पहुंचे





















