नमस्कार,
आज नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं, कल की सबसे बड़ी खबर अमेरिकी रिपोर्ट को लेकर रही। इसमें दावा किया गया कि राम मंदिर बाबरी के खंडहर पर बना है।

आज के प्रमुख इवेंट्स:
- RSS चीफ मोहन भागवत मणिपुर जाएंगे। राज्य में जातीय हिंसा के बाद यह उनकी पहली यात्रा है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर आज ताजमहल देखने आगरा आ रहे हैं।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगी। वे अंबिकापुर में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के प्रोग्राम में शामिल होंगी।
कल की बड़ी खबरें:
नीतीश कुमार 10वीं बार बनेंगे बिहार के मुख्यमंत्री, पीएम मोदी और 11 राज्यों के CM रहेंगे मौजूद
बुलेट पॉइंट्स:
• NDA को बिहार विधानसभा में तीन-चौथाई बहुमत, कुल 202 सीटों पर जीत
• नीतीश, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा आज लेंगे शपथ
• शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान, पटना में आयोजित होगा
बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने जा रही है। नीतीश कुमार आज अपने राजनीतिक करियर में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बुधवार को उन्होंने मौजूदा सरकार से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद NDA विधायक दल ने उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुना।
शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आज आयोजित होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 11 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होने वाले हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
इस बार के विधानसभा चुनाव में NDA ने बड़ी जीत हासिल की है। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में NDA ने 202 सीटों पर कब्जा किया। इनमें भाजपा को 89, जेडीयू को 85, एलजेपी (रामविलास) को 19, हम को 5 और आरएलएम को 4 सीटें मिलीं। दूसरी ओर महागठबंधन मात्र 35 सीटों पर सिमट गया।
राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार शिशिर सिन्हा का कहना है कि भाजपा के पास बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई चेहरा नहीं है। यही वजह है कि NDA में नेतृत्व की जिम्मेदारी एक बार फिर से नीतीश कुमार को सौंपी गई है।
दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन: अल फलाह यूनिवर्सिटी के 10 लोग लापता, आतंकी उमर नबी से जुड़े होने का शक
बुलेट पॉइंट्स:
• अल फलाह यूनिवर्सिटी के 10 लोग अचानक गायब, फोन स्विच ऑफ
• जांच में शक: सभी लोग धमाके की ग्राउंड वर्किंग में शामिल हो सकते हैं
• आतंकी उमर नबी के मोबाइल से 70+ वीडियो मिले, जिनमें आत्मघाती हमले का प्रचार
दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 लोग अचानक लापता हो गए हैं और उनके सभी मोबाइल फोन बंद मिल रहे हैं। अधिकारियों को संदेह है कि ये लोग विस्फोट की तैयारी और ग्राउंड वर्क में शामिल हो सकते हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी लापता लोग आतंकी डॉ. उमर नबी के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि उमर नबी एक ऐसी टीम तैयार कर रहा था, जिसे आत्मघाती हमलों के लिए तैयार किया जाए।
एजेंसियों ने उमर नबी के मोबाइल से 70 से ज्यादा वीडियो बरामद किए हैं। इन वीडियो में वह आत्मघाती हमले को सही ठहराता दिख रहा है और कह रहा है कि धमाका करना “शहादत” का रास्ता है। जानकारी के अनुसार उमर ने ऐसे वीडियो 11 लोगों को भेजे थे, ताकि उन्हें सुसाइड बॉम्बर बनने के लिए प्रभावित किया जा सके।
USCIRF की रिपोर्ट में विवाद: बाबरी मस्जिद के खंडहरों पर राम मंदिर का दावा, काशी के संतों ने कड़ी आपत्ति जताई
बुलेट पॉइंट्स:
• अमेरिकी USCIRF की 2025 रिपोर्ट में राम मंदिर को बाबरी मस्जिद के खंडहरों पर बना बताया
• PM मोदी, अमित शाह और RSS का उल्लेख करते हुए रिपोर्ट में कई विवादित दावे
• काशी के संतों ने रिपोर्ट को भारत की संप्रभुता और सांस्कृतिक विरासत का अपमान बताया
अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने अपनी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर को लेकर विवादित दावे किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में उस स्थान पर राम मंदिर का उद्घाटन किया, जिसे USCIRF बाबरी मस्जिद के खंडहरों का क्षेत्र बताती है। रिपोर्ट में पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और RSS का भी उल्लेख शामिल है।
इन दावों पर भारत के संत समाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, देश की संप्रभुता और भारतीयों को दी गई संवैधानिक गारंटी का गंभीर अपमान है।
रिपोर्ट में 1992 की घटना का भी उल्लेख है, जिसमें USCIRF के अनुसार हिंदू भीड़ ने 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद को ढहा दिया था, और यह दावा किया था कि यह स्थान भगवान राम का जन्मस्थान है। इस घटना के बाद देशभर में दंगे हुए थे, जिनमें करीब दो हजार लोगों की मौत हुई थी।
POK के पूर्व PM का कबूलनामा: लाल किले से कश्मीर तक आतंकी हमले किए, मोदी को ललकारने का भी दावा
बुलेट पॉइंट्स:
• POK के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक ने भारत पर आतंकी हमलों की बात स्वीकार की
• हक ने PoK विधानसभा में कहा— पाक आतंकियों ने लाल किले से कश्मीर तक भारत को निशाना बनाया
• तीन दिन पहले बहुमत न होने पर उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटाया गया
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। PoK विधानसभा में उन्होंने खुले तौर पर दावा किया कि पाकिस्तानी आतंकियों ने भारत में कई जगहों पर हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि लाल किले से लेकर कश्मीर के जंगलों तक आतंकियों ने भारत को निशाना बनाया।
अपने भाषण में हक ने भारत को धमकी देते हुए कहा कि यदि भारत बलूचिस्तान में दखल देगा तो पाकिस्तानी आतंकी भारत में घुसकर हमले करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर ललकारा था।
चौधरी अनवारुल हक को तीन दिन पहले ही PoK के प्रधानमंत्री पद से हटाया गया, क्योंकि उनकी पार्टी विधानसभा में बहुमत साबित करने में विफल रही। उनकी यह स्वीकारोक्ति पाकिस्तान और PoK की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है।
अमेरिकी रिपोर्ट का दावा: चीन ने राफेल को बदनाम करने के लिए फर्जी कैंपेन चलाया, J-35 को बढ़ावा देने की साजिश
बुलेट पॉइंट्स:
• चीन ने सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड तस्वीरें फैलाकर भारतीय राफेल को गिराया हुआ दिखाया
• USCC रिपोर्ट के अनुसार यह कैंपेन राफेल की बिक्री रोकने और अपने J-35 फाइटर जेट को प्रमोट करने के लिए चलाया गया
• रिपोर्ट में चीन की तकनीकी बढ़त, सप्लाई चेन पर पकड़ और साइबर खतरे को बड़ा जोखिम बताया गया
एक अमेरिकी रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला दावा सामने आया है कि चीन ने राफेल लड़ाकू विमान की अंतरराष्ट्रीय बिक्री पर असर डालने के लिए एक संगठित फर्जी कैंपेन चलाया। अमेरिका की USCC रिपोर्ट के अनुसार भारत और पाकिस्तान के संघर्ष के तुरंत बाद चीन ने सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट्स से AI-जनरेटेड तस्वीरें वायरल करनी शुरू कर दीं। इन तस्वीरों में दावा किया गया कि भारतीय राफेल को गिरा दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन इस दुष्प्रचार के जरिए अपने नए J-35 लड़ाकू विमान को बढ़ावा देना चाहता था। फर्जी खबरों और AI-आधारित इमेजेज के जरिए वह राफेल की विश्वसनीयता कमजोर करने की कोशिश कर रहा था, ताकि उसकी अंतरराष्ट्रीय डील्स प्रभावित हों।
अमेरिकी रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि चीन तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों में आगे बढ़ता जा रहा है। साथ ही, कई महत्वपूर्ण कच्चे माल और ग्लोबल सप्लाई चेन पर उसका मजबूत नियंत्रण है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन रूस और ईरान जैसे देशों से रणनीतिक साझेदारी बढ़ा रहा है, जिससे वैश्विक सुरक्षा चिंताएं और गहरी होती जा रही हैं।
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि चीन में तैयार हो रही बैटरियों और रिमोट सिस्टम्स के जरिए साइबर हमलों का जोखिम बढ़ सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।
272 रिटायर्ड जजों और अफसरों का राहुल गांधी पर निशाना: कहा— चुनाव आयोग की छवि खराब की जा रही है
बुलेट पॉइंट्स:
• 272 पूर्व जजों और ब्यूरोक्रेट्स ने राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ ओपन लेटर जारी किया
• आरोप— बिना सबूत चुनाव आयोग पर बार-बार वोट चोरी के आरोप लगाकर उसकी विश्वसनीयता पर हमला
• राहुल ने तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस में EC को मोदी सरकार की “B टीम” बताया, वोट चोरी के आरोप दोहराए
देशभर के 272 रिटायर्ड जजों और ब्यूरोक्रेट्स ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ एक ओपन लेटर जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना किसी ठोस प्रमाण के चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। ओपन लेटर में लिखा गया कि राहुल गांधी अब तक वोट चोरी के आरोपों पर तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, लेकिन कोई सबूत पेश नहीं किया गया।
राहुल गांधी ने 4 नवंबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया था कि चुनाव आयोग मोदी सरकार के साथ मिलकर वोट चोरी करवा रहा है। उन्होंने EC को प्रधानमंत्री मोदी की “B टीम” बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा मिलकर देशभर में वोट चोरी कर रही है।
रिटायर्ड अधिकारियों का कहना है कि ऐसे आरोप लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के भरोसे को कमजोर करते हैं। उनका तर्क है कि बिना प्रमाण के लगातार ऐसे दावे करना चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सीधा हमला है।
मेरठ में ओलंपियन दुल्हन और बॉक्सर दूल्हे की शादी में हवाई फायरिंग, नोट उड़ाने का वीडियो वायरल; दोनों पर FIR
बुलेट पॉइंट्स:
• इंटरनेशनल जेवलिन थ्रोअर अन्नू रानी और किक बॉक्सर साहिल भारद्वाज की शादी में हवाई फायरिंग
• दूल्हे ने स्टेज पर 10-10 के नोटों की गड्डियां उछालीं, वीडियो वायरल होते ही FIR दर्ज
• अन्नू रानी का बचपन से जेवलिन की तैयारी, गन्ने का भाला बनाकर खेल की शुरुआत
मेरठ में अंतरराष्ट्रीय जेवलिन थ्रोअर अन्नू रानी और किक बॉक्सर साहिल भारद्वाज की शादी मंगलवार की रात बड़ी धूमधाम के साथ हुई, लेकिन समारोह के दौरान हुई हवाई फायरिंग अब दोनों के लिए मुसीबत बन गई है। शादी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दंपति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
शादी में लाल लहंगे में सजी अन्नू रानी जब स्टेज पर पहुंचीं, तो साहिल ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें आगे ले जाया। इसके बाद दोनों ने मंच पर ही राइफल से दो हवाई फायर किए। जयमाला के समय साहिल ने 10-10 के नोटों की दो गड्डियां निकालकर अन्नू के ऊपर से उछाल दीं। इसके बाद शादी की रस्में पूरी की गईं।
जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पुलिस ने इसका संज्ञान लेते हुए सरधना थाने में अन्नू रानी और साहिल भारद्वाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। हवाई फायरिंग और नोट उड़ाने को सार्वजनिक शांति भंग करने और हथियारों के दुरुपयोग के रूप में देखा गया है।
अन्नू रानी की कहानी भी काफी प्रेरणादायक रही है। मेरठ के बहादुरपुर गांव में 28 अगस्त 1992 को किसान परिवार में जन्मीं अन्नू ने शुरुआत में खेत में गन्ने को भाला बनाकर फेंकना शुरू किया। उनके भाई उपेंद्र ने उनकी प्रतिभा पहचानी और उन्हें खेल की ओर आगे बढ़ाया, जिसके बाद अन्नू अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचीं।

























