नमस्कार,
कल की बड़ी खबर पाकिस्तान की मस्जिद में धमाका होने की रही। हादसे में 31 लोगों की मौत हो गई। वहीं, दूसरी बड़ी खबर भारत छठवीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप चैम्पियन बन गया है। हम आपको ये भी बताएंगे कि UP में कैसे कारोबारी ने कैंसर पीड़ित पत्नी की हत्या करवा दी।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- PM मोदी दो दिवसीय यात्रा पर मलेशिया जाएंगे। बतौर प्रधानमंत्री यह उनका तीसरा मलेशिया दौरा होगा।
- गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। वे नक्सल अभियान की समीक्षा करेंगे।
कल की बड़ी खबरें:
भारत बना अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन, इंग्लैंड को 100 रन से हराकर रचा इतिहास
बुलेट पॉइंट्स
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भारत ने रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता
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14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली
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फाइनल में इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर शानदार जीत दर्ज
भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करते हुए छठी बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों के बड़े अंतर से हराया। इस जीत के हीरो रहे 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 80 गेंदों में 175 रन बना डाले। उनकी पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे।
जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। वैभव सूर्यवंशी के अलावा कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी शानदार 53 रनों की पारी खेली।
412 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड की ओर से सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन ने 2-2 विकेट हासिल किए, लेकिन वे अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके।
भारत की इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि युवा क्रिकेट में भारतीय टीम का कोई मुकाबला नहीं है। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी और भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है।
पाकिस्तान की शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान आत्मघाती हमला, 31 की मौत, 169 घायल
बुलेट पॉइंट्स
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इस्लामाबाद की मस्जिद में नमाज के दौरान हुआ भीषण आत्मघाती धमाका
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मरने वालों की संख्या 31 से अधिक, 169 लोग घायल, आंकड़ा बढ़ने की आशंका
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सरकार ने राजधानी में इमरजेंसी लागू की, अब तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 169 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाका उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में लोग मस्जिद में नमाज अदा कर रहे थे। प्रशासन के मुताबिक घायलों में कई की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां और राहत दल मौके पर पहुंचे। घायलों को इस्लामाबाद के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए राजधानी में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ अपराध है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि इससे पहले 11 नवंबर 2025 को भी इस्लामाबाद के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के बाहर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ताजा हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पंजाब में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर हुआ टारगेट अटैक
बुलेट पॉइंट्स
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जालंधर में गुरुद्वारे के बाहर स्कूटी सवार बदमाशों ने मारी 6 गोलियां
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परिवार अस्पताल ले गया, लेकिन इलाज के दौरान मौत
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गैंगस्टर जोगा फोलड़िवाल ने सोशल मीडिया पर ली हत्या की जिम्मेदारी
पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता सतिंदर पाल सिंह उर्फ लक्की ओबेरॉय की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला गुरुद्वारे के बाहर उस समय हुआ जब लक्की ओबेरॉय अपनी कार में बैठने जा रहे थे। स्कूटी पर आए दो शूटरों ने उनके सिर और सीने में ताबड़तोड़ 6 गोलियां दाग दीं। गंभीर हालत में परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
घटना का पूरा घटनाक्रम पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि हमलावर पहले से मौके पर मौजूद थे और मौका मिलते ही उन्होंने सीधे लक्की ओबेरॉय को निशाना बनाया। पुलिस ने इसे सुनियोजित टारगेट किलिंग माना है।
हमले के बाद गैंगस्टर जोगा फोलड़िवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। पुलिस इस दावे की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित कर दी गई हैं।
पुलिस जांच के शुरुआती तीन अहम बिंदु
पहला, हमलावर लंबे समय से रेकी कर रहे थे। उन्हें लक्की ओबेरॉय की दिनचर्या, गाड़ी और गुरुद्वारे आने-जाने के समय की पूरी जानकारी थी।
दूसरा, बदमाशों ने उनके कार में बैठने का इंतजार किया ताकि भागने का मौका न मिले और हमला सटीक हो सके।
तीसरा, हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई। हमलावरों ने वारदात के बाद भागने के रास्ते भी पहले से तय कर रखे थे।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
यूपी में मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर FIR, नाम को लेकर सियासी बवाल
बुलेट पॉइंट्स
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लखनऊ में फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की FIR
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ब्राह्मण समाज की छवि खराब करने का आरोप, कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका
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कांग्रेस, बसपा और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी तेज
उत्तर प्रदेश में अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह शिकायत मुख्यमंत्री के निर्देश पर खुद इंस्पेक्टर विक्रम सिंह की ओर से कराई गई।
पुलिस का कहना है कि फिल्म का टाइटल और इसकी कहानी एक खास जाति, विशेष रूप से ब्राह्मण समाज को नकारात्मक रूप में पेश करती है। इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। इसी आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्य सरकार ने इस फिल्म के शीर्षक को लेकर केंद्र सरकार से आपत्ति जताई थी। उनके मुताबिक भारत सरकार ने अनुरोध स्वीकार करते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म को इस टाइटल को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
बसपा प्रमुख मायावती ने भी फिल्म पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म ब्राह्मण समाज का अपमान करती है और केंद्र सरकार को इसे पूरी तरह बैन करना चाहिए। वहीं यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि घूसखोर ब्राह्मण नहीं, बल्कि भाजपा सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी शासन में 700 से अधिक ब्राह्मणों की हत्याएं हो चुकी हैं।
फिल्म को लेकर बढ़ते विरोध के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मामला अब सिर्फ फिल्म तक सीमित न रहकर जातीय और सियासी टकराव का मुद्दा बनता दिख रहा है।
हापुड़ में कारोबारी ने 5 लाख देकर कराई पत्नी की हत्या, कैंसर से पीड़ित थी महिला
बुलेट पॉइंट्स
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इलाज के खर्च और घरेलू विवाद से बचने के लिए रची साजिश
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दो कर्मचारियों से कराया मर्डर, कर्ज माफी का दिया लालच
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कोड वर्ड ‘साड़ी के पैसे’ से तय हुआ था हत्या का संकेत
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी ने अपनी ही पत्नी की 5 लाख रुपये देकर हत्या करवा दी। 40 वर्षीय महिला कैंसर से पीड़ित थी और इलाज को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। पुलिस के अनुसार इन्हीं विवादों से छुटकारा पाने के लिए पति ने हत्या की साजिश रची।
कारोबारी ने अपने दो कर्मचारियों को इस काम के लिए तैयार किया। दोनों पर उसके 60-60 हजार रुपये बकाया थे, जिसे माफ करने का लालच दिया गया। साथ ही हत्या के बदले 5 लाख रुपये देने का वादा किया गया। योजना को गुप्त रखने के लिए एक कोड वर्ड तय किया गया था—‘साड़ी के पैसे’, ताकि बातचीत पर किसी को शक न हो।
मौका पाकर आरोपी पति ने दोनों कर्मचारियों को घर बुलाया। इसके बाद तीनों ने मिलकर महिला पर हमला कर दिया। पहले कंबल से उसका मुंह दबाया गया और फिर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद मामले को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने आरोपी पति और दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी सबूत जुटा लिए गए हैं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और रिश्तों के नाम पर हुए इस अपराध ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, चुराचांदपुर में पत्थरबाजी और आगजनी से हालात तनावपूर्ण
बुलेट पॉइंट्स
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डिप्टी सीएम नेम्चा किपगेन के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हुआ
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प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़कें जाम कीं, पुलिस तैनात
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कुछ संगठनों ने डिप्टी सीएम की हत्या पर इनाम घोषित किया
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। गुरुवार शाम डिप्टी सीएम नेम्चा किपगेन के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर पत्थरबाजी की, टायर जलाए और कई इलाकों में रास्ते जाम कर दिए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है।
विरोध कर रहे लोग कुकी समुदाय से हैं। उनका आरोप है कि कुकी समुदाय से आने वाली डिप्टी सीएम ने मैतेई समुदाय के साथ गठबंधन कर अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात किया है। इसी नाराजगी के चलते प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ स्थानीय संगठनों ने खुलेआम भड़काऊ ऐलान कर दिए। इन संगठनों ने डिप्टी सीएम नेम्चा किपगेन की हत्या करने वाले को 20 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही विधायक एलएम खाउते और एन सेनाते की हत्या पर 10-10 लाख रुपये का इनाम रखने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 से जातीय हिंसा जारी है। इस संघर्ष में अब तक लगभग 260 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। ताजा घटनाओं ने राज्य में शांति बहाली की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका दिया है।
दिल्ली में गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत, राहुल गांधी बोले– यह हादसा नहीं, सत्ता की लापरवाही से हुई हत्या
बुलेट पॉइंट्स
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जल बोर्ड के खोदे गड्ढे में गिरने से कमल भयानी की जान गई
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दिल्ली जल बोर्ड ने तीन इंजीनियरों को सस्पेंड किया
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परिवार का आरोप– पुलिस ने समय पर मदद नहीं की
दिल्ली में लापरवाही भरे निर्माण कार्य ने एक युवक की जान ले ली। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरकर बाइक सवार कमल भयानी की मौत हो गई। हादसे के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बन गई है।
मृतक के परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद वे रातभर 7 से 8 थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने समय पर तलाश शुरू नहीं की। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस तुरंत मदद करती तो कमल की जान बचाई जा सकती थी। सुबह पुलिस को युवक का शव गड्ढे के पास पड़ा होने की सूचना मिली।
इस घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सामान्य हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। असली कातिल सड़क नहीं, बल्कि गैरजिम्मेदार सत्ता है। उन्होंने नोएडा और इंदौर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग शहरों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन सरकार जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
गौरतलब है कि 16 जनवरी को नोएडा में भी एक दर्दनाक घटना हुई थी। घने कोहरे के कारण सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता दलदल में फंस गए थे और करीब 80 मिनट तक मदद की गुहार लगाते रहे। रेस्क्यू टीम के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इन घटनाओं ने शहरी प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

























