नमस्कार,
कल की बड़ी खबर बजट 2026-27 से जुड़ी रही। इसमें आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया, लेकिन रक्षा बजट 15% बढ़ा है। दूसरी बड़ी खबर पाकिस्तान सरकार के ऐलान की रही। उसने भारत के साथ टी-20 वर्ल्ड कप मैच खेलने से इनकार कर दिया है।

आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. सीएम योगी ललितपुर के दौरे पर रहेंगे।
2. बजट सत्र के चौथे दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
3. सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
कल की बड़ी खबरें:
बजट 2026: टैक्स में राहत नहीं, लेकिन दवाइयाँ और सफर सस्ते; रक्षा बजट में 15% से ज्यादा बढ़ोतरी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। करीब 85 मिनट के भाषण में आम करदाताओं के लिए कोई बड़ी टैक्स राहत नहीं दी गई, लेकिन सरकार ने स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और शिक्षा जैसे सेक्टर्स पर खास फोकस किया है। इस बजट में कुछ चीजें सस्ती हुई हैं, तो कुछ महंगी भी।
इनकम टैक्स और रिटर्न से जुड़े फैसले
इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि टैक्सपेयर्स को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए राहत दी गई है। अब 31 दिसंबर की बजाय 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल की जा सकेगी।
क्या-क्या सस्ता हुआ
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी है, जिससे इन दवाओं की कीमतें कम होंगी।
EV बैटरी और सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को टैक्स फ्री किया गया है, जिससे ये प्रोडक्ट सस्ते हो सकते हैं।
जूते और कपड़े भी सस्ते होने की उम्मीद है, क्योंकि इनके रॉ मटेरियल पर टैक्स घटाया गया है।
विदेश घूमना अब थोड़ा सस्ता होगा। टूर पैकेज बुकिंग पर लगने वाला टैक्स 2% घटाया गया है।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स और कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी हटने से हवाई यात्रा सेक्टर को राहत मिलेगी।
क्या-क्या महंगा हुआ
शराब पर TCS को 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है, जिससे शराब की कीमतें बढ़ सकती हैं।
स्टॉक ऑप्शन्स और फ्यूचर ट्रेडिंग पर टैक्स 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, जिससे शेयर बाजार में ट्रेडिंग महंगी होगी।
शराब, लग्जरी घड़ियाँ, स्क्रैप और खनिज जैसे सेक्टर्स में कस्टम ड्यूटी बढ़ने से इनकी कीमतों में इजाफा हो सकता है।
रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
रक्षा बजट को ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया गया है। यह 15.2% की बढ़ोतरी है, जो पिछले 10 सालों में सबसे बड़ी मानी जा रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे सेना की तैयारियां और मजबूत होंगी।
बजट 2026 की 6 बड़ी घोषणाएं
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इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय।
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देश में 3 आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाएंगे और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 मेडिकल हब बनाए जाएंगे।
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7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा, जिनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद और दिल्ली-वाराणसी जैसे रूट शामिल हैं।
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5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास पर ₹12.2 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे।
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15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स खोली जाएंगी, जहां एनिमेशन, VFX और डिजिटल कंटेंट बनाना सिखाया जाएगा।
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करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, ताकि उनकी शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
बजट 2026 के मुख्य बिंदु
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टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, लेकिन हेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
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कैंसर दवाएं, EV बैटरी और टूर पैकेज सस्ते
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रक्षा बजट में 15% से ज्यादा की ऐतिहासिक बढ़ोतरी
टी-20 वर्ल्ड कप 2026: भारत-पाकिस्तान मुकाबला रद्द, पाकिस्तान सरकार ने किया बॉयकॉट का ऐलान
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में क्रिकेट फैंस को बड़ा झटका लगा है। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला अब नहीं खेला जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस मैच के बॉयकॉट का ऐलान कर दिया है।
भारत और पाकिस्तान की टीमें 15 फरवरी को कोलंबो में आमने-सामने होने वाली थीं, लेकिन अब यह मुकाबला रद्द माना जा रहा है। फिलहाल यह भी साफ नहीं है कि अगर नॉकआउट स्टेज में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आते हैं, तो पाकिस्तान उस मैच में हिस्सा लेगा या नहीं।
बॉयकॉट की वजह क्या है?
पाकिस्तान ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के एक हालिया निर्णय के विरोध में लिया है।
International Cricket Council ने 24 जनवरी को बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला किया था। इसी फैसले से पाकिस्तान नाराज है।
दरअसल, बांग्लादेश सरकार ने भारत में अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद ICC ने टूर्नामेंट की टीमों में बदलाव किया, जिसे पाकिस्तान ने पक्षपातपूर्ण बताते हुए भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर दिया।
अभी क्या स्थिति है?
ग्रुप स्टेज में भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होगा।
नॉकआउट मुकाबलों को लेकर पाकिस्तान का रुख अब तक स्पष्ट नहीं है।
ICC की ओर से इस मुद्दे पर कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मुख्य बिंदु
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टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत-पाकिस्तान ग्रुप मैच नहीं होगा
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पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक रूप से मैच के बॉयकॉट का ऐलान किया
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ICC के टीम चयन फैसले को बताया गया बॉयकॉट की मुख्य वजह
केंद्रीय बजट 2026: चुनावी साल में भी यूपी को बड़ी राहत नहीं, बिहार जैसी तवज्जो से रहा दूर
केंद्रीय बजट 2026 में उत्तर प्रदेश को लेकर जो उम्मीदें लगाई जा रही थीं, वे पूरी होती नजर नहीं आईं। अगले साल मार्च–अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए माना जा रहा था कि बजट में यूपी को बिहार की तरह कई बड़ी सौगातें मिलेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में उत्तर प्रदेश के लिए कुछ सीमित घोषणाएं जरूर कीं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने की राहत नहीं माना जा रहा है। घोषित योजनाओं में मुख्य रूप से दो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और एक शिप रिपेयर सेंटर शामिल हैं।
काशी पर रहा खास फोकस
बजट में काशी को विशेष प्राथमिकता दी गई है। काशी से दो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में पोर्ट विकसित करने की योजना भी सामने आई है। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
यूपी को क्यों माना जा रहा है ‘कम मिला’ राज्य?
उत्तर प्रदेश ने आबादी के आधार पर केंद्रीय करों और शुल्कों में अपने हिस्से को बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि इस बार यूपी को पिछले बजट की तुलना में 0.32 प्रतिशत कम हिस्सा मिला है। यही वजह है कि बजट को लेकर प्रदेश में असंतोष की चर्चा हो रही है।
मुख्य बिंदु
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चुनावी साल होने के बावजूद यूपी को बजट में बड़ी सौगात नहीं
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सिर्फ 2 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और शिप रिपेयर सेंटर की घोषणा
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केंद्रीय करों में यूपी का हिस्सा पिछली बार से 0.32% कम
बजट 2026 के बाद बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1546 अंक गिरा, निफ्टी 495 अंक टूटा
केंद्रीय बजट 2026 के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबारी दिन की शुरुआत से ही बाजार दबाव में रहा और दिन के अंत तक बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशकों में बजट के कुछ फैसलों को लेकर निराशा साफ नजर आई।
1 फरवरी को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 1546 अंक गिरकर 80,722 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 495 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,825 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार गिरने की मुख्य वजह
सरकार ने फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया है।
इसके अलावा ऑप्शंस प्रीमियम और एक्सरसाइज पर STT बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया।
इन फैसलों से ट्रेडिंग महंगी हो गई, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा और भारी बिकवाली देखने को मिली।
7 साल में बजट वाले दिन की सबसे बड़ी गिरावट
यह बीते सात सालों में बजट के दिन आई सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इससे पहले 2020-21 के बजट के दिन सेंसेक्स 987 अंक और निफ्टी करीब 300 अंक गिरकर बंद हुआ था। इस बार गिरावट का आंकड़ा उससे भी ज्यादा रहा।
सोना-चांदी भी कमजोर
शेयर बाजार के साथ-साथ कीमती धातुओं में भी गिरावट देखी गई। बजट के बाद सोना और चांदी दोनों के दामों में कमजोरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को दोहरा झटका लगा।
मुख्य बिंदु
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बजट के बाद सेंसेक्स 1546 अंक और निफ्टी 495 अंक गिरा
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फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT बढ़ने से बाजार में बिकवाली
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7 साल में बजट वाले दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज
ट्रम्प का दावा: भारत अब ईरान नहीं, वेनेजुएला से खरीदेगा तेल; डील पहले से तय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि भारत अब ईरान की जगह वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि इस संबंध में डील पहले ही तय हो चुकी है और भारत अब ईरान से तेल नहीं खरीदेगा।
ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि अगर चीन चाहे तो वह भी वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है। उनका इशारा साफ तौर पर वैश्विक तेल व्यापार में बदलाव की ओर माना जा रहा है।
भारत-वेनेजुएला तेल व्यापार का पुराना रिश्ता
भारत पहले वेनेजुएला से तेल खरीदता रहा है।
2019 में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे और चेतावनी दी थी कि जो देश वेनेजुएला से व्यापार करेगा, उस पर भी सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
इन प्रतिबंधों के बाद भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीदना बंद कर दिया था और ईरान से आयात बढ़ाया था।
अभी स्थिति क्या है?
ट्रम्प ने डील तय होने का दावा किया है।
भारत सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अगर यह फैसला लागू होता है, तो भारत की ऊर्जा नीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
मुख्य बिंदु
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ट्रम्प का दावा: भारत ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदेगा
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अमेरिका-वेनेजुएला प्रतिबंधों के कारण पहले बदला था भारत का रुख
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भारत सरकार की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
कांग्रेस का आरोप: अनिल अंबानी ने एपस्टीन से मांगी मदद, मोदी–ट्रम्प की मुलाकात कराने की कोशिश का दावा
कांग्रेस ने एक बड़ा राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा है कि उद्योगपति अनिल अंबानी ने 2017 में कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से मदद मांगी थी। कांग्रेस का दावा है कि इसका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात करवाना था।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दो चैट के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री के लिए मदद अनिल अंबानी के जरिए क्यों मांगी जा रही थी।
एपस्टीन के जरिए ट्रम्प के करीबी नेताओं से संपर्क का दावा
कांग्रेस के मुताबिक, एपस्टीन ने इस कथित डील को आगे बढ़ाने के लिए ट्रम्प के करीबी नेताओं से बातचीत की थी।
इनमें ट्रम्प के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर और उनके पूर्व रणनीतिकार Steve Bannon शामिल बताए जा रहे हैं।
2019 के चुनावों से जुड़ा सवाल
पवन खेड़ा ने सवाल किया है कि क्या 2019 के लोकसभा चुनावों के आसपास प्रधानमंत्री मोदी एपस्टीन जैसे बदनाम व्यक्ति के संपर्क में थे। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला सिर्फ कूटनीति का नहीं, बल्कि गंभीर नैतिक सवालों से जुड़ा है।
पहले भी लगाए जा चुके हैं आरोप
31 जनवरी को कांग्रेस की ओर से यह दावा भी किया गया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने एपस्टीन की सलाह पर ट्रम्प को राजनीतिक फायदा पहुंचाने के लिए इजराइल में कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कांग्रेस ने एपस्टीन के आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए इन आरोपों को बेहद गंभीर बताया था।
मुख्य बिंदु
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कांग्रेस का दावा: अनिल अंबानी ने 2017 में जेफ्री एपस्टीन से मदद मांगी
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आरोप है कि मोदी–ट्रम्प की मुलाकात कराने की कोशिश की गई
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कांग्रेस ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की मदद क्यों मांगी गई
मुंबई में सनसनी: रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग, लॉरेंस गैंग के नाम से धमकी
मुंबई के मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना सामने आई है। जुहू इलाके में स्थित उनके आवास के बाहर अज्ञात लोगों ने चार राउंड फायरिंग की। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने मामले में अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन घटना को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
लॉरेंस गैंग के नाम से हमले का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया है कि यह फायरिंग लॉरेंस गैंग की ओर से की गई है। पोस्ट में लिखा गया है कि रोहित शेट्टी उनके काम में दखल देता है और अगर वह नहीं समझे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इस मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का जिक्र सामने आ रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
रोहित शेट्टी मुंबई के जुहू इलाके में रहते हैं, जहां कई बड़े बॉलीवुड सितारों के घर भी हैं। फायरिंग की घटना के बाद उनके घर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
मुख्य बिंदु
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मुंबई के जुहू इलाके में रोहित शेट्टी के घर के बाहर 4 राउंड फायरिंग
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सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग के नाम से हमले का दावा
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पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी












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