नमस्कार,
कल की बड़ी खबर भारत-यूरोपियन यूनियन में ट्रेड डील को लेकर रही। ये डील 18 साल बाद हुई। वहीं, दूसरी बड़ी खबर ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से बाहर किए जाने को लेकर है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- संसद का बजट सत्र शुरू होगा, राष्ट्रपति ज्वाइंट सेशन को संबोधित करेंगी।
- भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथा टी-20, विशाखापट्नम में शाम 7 बजे से खेला जाएगा।
कल की बड़ी खबरें:
भारत–यूरोपीय यूनियन के बीच 18 साल बाद फ्री ट्रेड डील, 2027 से लागू होने की संभावना
भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच करीब 18 वर्षों की लंबी बातचीत के बाद आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति बन गई है। इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते के 2027 से लागू होने की संभावना है। इस डील से भारत के निर्यात, प्रोफेशनल्स, सर्विस सेक्टर और उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में कम या बिना टैक्स के प्रवेश मिलेगा। कपड़ा, चमड़ा, ज्वेलरी, मछली और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों को सीधा फायदा होगा। अनुमान है कि इससे करीब 33 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इन उत्पादों पर लगने वाला लगभग 10 प्रतिशत टैक्स FTA लागू होते ही समाप्त हो सकता है।
कार और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत ने सीमित छूट देने पर सहमति दी है, ताकि घरेलू कंपनियों को नुकसान न हो। हालांकि यूरोप से आने वाली लग्जरी कारों पर टैक्स में बड़ी कटौती संभव है। फिलहाल BMW, Mercedes जैसी प्रीमियम कारों पर 110 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है, जिसे घटाकर लगभग 10 प्रतिशत तक किया जा सकता है।
इसी तरह यूरोपीय देशों से आने वाली शराब और वाइन पर भी टैक्स कम हो सकता है। वर्तमान में इन पर करीब 150 प्रतिशत टैरिफ लगता है, जिसे घटाकर 20 से 30 प्रतिशत किए जाने की संभावना है। इससे भारत में प्रीमियम शराब सस्ती हो सकती है।
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत ने दूध, अनाज, पोल्ट्री, फल और सब्जियों जैसे कृषि उत्पादों को इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बाहर रखा है, ताकि घरेलू कृषि बाजार पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
इस डील से भारतीय प्रोफेशनल्स और सर्विस सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलेगा। भारतीय कंपनियों और प्रोफेशनल्स को यूरोपीय यूनियन के 144 सर्विस सेक्टर्स में काम करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए EU में काम करना और बिजनेस के लिए यात्रा करना पहले से आसान होगा। डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन सेवाएं और नई तकनीकों को भी इस समझौते से बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत और यूरोपीय यूनियन की यह साझेदारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जबकि यूरोपीय यूनियन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। दोनों मिलकर वैश्विक व्यापार और आर्थिक संतुलन में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
मुख्य बिंदु:
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18 साल बाद भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति, 2027 से लागू होने की संभावना
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लग्जरी कारें और यूरोपीय शराब भारत में सस्ती हो सकती हैं
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भारतीय निर्यात, प्रोफेशनल्स और सर्विस सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा
अविमुक्तेश्वरानंद विवाद: बयान के बाद ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़े से निष्कासित, यूपी में अफसरों के इस्तीफे पर सियासी हलचल
अविमुक्तेश्वरानंद विवाद को लेकर दिया गया बयान ममता कुलकर्णी को भारी पड़ गया। किन्नर अखाड़े ने उन्हें महामंडलेश्वर पद से हटाते हुए अखाड़े से बाहर निकाल दिया है।
ममता कुलकर्णी को 23 जनवरी 2025 को प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था। लेकिन 25 जनवरी को दिए गए उनके बयान के बाद विवाद गहरा गया। ममता कुलकर्णी ने कहा था कि “10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उन्हें कोई वास्तविक ज्ञान नहीं है।” इस बयान को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया।
किन्नर अखाड़े के पदाधिकारियों का कहना है कि इस तरह के बयान अखाड़े की परंपरा, मर्यादा और सनातन मूल्यों के खिलाफ हैं। इसी कारण ममता कुलकर्णी को अखाड़े से निष्कासित करने का फैसला लिया गया।
इधर, अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान से जुड़ा मामला प्रशासनिक स्तर पर भी तूल पकड़ता जा रहा है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, जिन्होंने कथित अपमान से आहत होकर इस्तीफा दिया था, उन्हें राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। शासन ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है और माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर अयोध्या से भी एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री के लिए कथित रूप से इस्तेमाल किए गए शब्दों से वे आहत हैं और अब इस तरह का अपमान और सहन नहीं कर सकते।
इस पूरे मामले ने धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है और विवाद लगातार गहराता जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
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बयान के बाद ममता कुलकर्णी किन्नर अखाड़े से निष्कासित
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अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से जुड़े मामलों में यूपी प्रशासन में हलचल
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योगी समर्थन और अपमान के मुद्दे पर अफसरों के इस्तीफे चर्चा में
UGC नियमों के खिलाफ देशभर में विरोध, यूपी में उबाल; भाजपा नेताओं के इस्तीफे, सवर्ण सांसदों को भेजी गईं चूड़ियां
देशभर में UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश में यह आंदोलन अब सड़कों तक पहुंच गया है। लखनऊ, वाराणसी, रायबरेली समेत कई जिलों में छात्र संगठनों और सवर्ण समाज के लोगों ने खुलकर विरोध प्रदर्शन किए।
वाराणसी में प्रदर्शनकारियों ने एडीसीपी की गाड़ी रोक दी और “हमारी भूल, कमल का फूल” जैसे नारे लगाए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की स्थिति भी बनी। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रों ने UGC के नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब दोस्ती भी जाति देखकर करनी पड़ेगी। छात्रों का आरोप है कि नए नियम सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं।
बरेली में इस मुद्दे पर सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। जानकारी के अनुसार, उनके बाद 5 से अधिक भाजपा नेताओं ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
रायबरेली में विरोध का तरीका और ज्यादा चर्चा में आ गया। भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह और गौरक्षा दल के अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने सवर्ण समाज के सांसदों और विधायकों को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां भेजीं। इसे उन्होंने जनप्रतिनिधियों की चुप्पी के खिलाफ विरोध का संकेत बताया।
UGC के नए नियमों को लेकर अब यह मुद्दा सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
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UGC के नए नियमों के खिलाफ यूपी समेत देशभर में प्रदर्शन
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वाराणसी और BHU में छात्रों का विरोध, पुलिस से झड़प
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भाजपा नेताओं के इस्तीफे और सांसदों को चूड़ियां भेजे जाने से सियासी गर्मी
शंकराचार्य विवाद पर उमा भारती का समर्थन, बोलीं– सबूत मांगकर प्रशासन ने मर्यादा तोड़ी
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब सरकार के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है। इस मामले में भाजपा की वरिष्ठ और फायरब्रांड नेता उमा भारती खुलकर अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में सामने आ गई हैं।
उमा भारती ने कहा कि किसी शंकराचार्य से इस तरह सबूत मांगना प्रशासन की मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संत समाज के प्रति सम्मान बनाए रखना सरकार और अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उमा भारती के बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बताई जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले पर सही स्तर पर संज्ञान लिया जा सके।
इस बीच विवाद और गहरा गया जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी बाबा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखा। अपने पत्र में उन्होंने मांग की कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को सम्मान के साथ गंगा स्नान कराने की व्यवस्था की जाए।
दिनेश फलाहारी बाबा ने यह भी मांग की कि संबंधित अधिकारियों को शंकराचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से संत समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
शंकराचार्य और प्रशासन के बीच बढ़ते टकराव ने अब धार्मिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया है।
मुख्य बिंदु:
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उमा भारती ने अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए
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शंकराचार्य ने कहा– यह बात मुख्यमंत्री योगी तक पहुंचाई जाए
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खून से पत्र लिखकर सम्मान और माफी की मांग, विवाद और गहराया
चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक दिन में ₹26,859 उछली; सोना भी ₹5 हजार महंगा
देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। चांदी एक ही दिन में ₹26,859 प्रति किलो महंगी हो गई, जिसके बाद इसका भाव पहली बार ₹3.44 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है।
इस साल चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। अब तक सिर्फ 27 दिनों में ही चांदी ₹1.14 लाख प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है, जिससे निवेशकों और बाजार दोनों में हलचल बढ़ गई है।
वहीं सोने की कीमतों में भी तेज उछाल आया है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹4,591 बढ़कर ₹1,58,901 पर पहुंच गया। सुबह के कारोबार में इसका भाव ₹1,59,027 प्रति 10 ग्राम तक चला गया था। इससे पहले 23 जनवरी को सोने का भाव ₹1,54,310 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक कारणों की वजह से आने वाले महीनों में भी सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
चांदी में तेजी की 3 बड़ी वजहें:
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सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) में बढ़ते इस्तेमाल से चांदी अब केवल ज्वेलरी नहीं, बल्कि अहम औद्योगिक कच्चा माल बन चुकी है।
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अमेरिकी कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर चांदी का स्टॉक जमा किए जाने से ग्लोबल सप्लाई दबाव में है, जिससे दाम तेजी से बढ़े हैं।
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उत्पादन रुकने की आशंका के चलते कंपनियां और निवेशक पहले से खरीदारी कर रहे हैं, जिससे आने वाले महीनों में भी तेजी बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
अरिजीत सिंह का बड़ा ऐलान: अब नहीं करेंगे प्लेबैक सिंगिंग, बोले– आगे सीखते रहेंगे
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने यह जानकारी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट के जरिए साझा की।
अरिजीत सिंह ने पोस्ट में लिखा कि वह अब प्लेबैक वोकलिस्ट के तौर पर कोई नया असाइनमेंट नहीं लेंगे। उन्होंने अपने फैंस का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सफर बेहद खूबसूरत रहा और ईश्वर की कृपा से उन्हें अपार प्रेम मिला।
उन्होंने लिखा, “हैलो, आप सभी को नया साल मुबारक। इतने वर्षों तक प्यार देने के लिए धन्यवाद। मैं खुशी के साथ बताना चाहता हूं कि अब मैं प्लेबैक सिंगर के रूप में कोई नया काम स्वीकार नहीं करूंगा। इसे यहीं समाप्त कर रहा हूं। यह यात्रा शानदार रही। भगवान ने मुझ पर बहुत कृपा की है। आगे सीखते रहेंगे।”
अरिजीत के इस फैसले से उनके चाहने वाले हैरान हैं, क्योंकि वे पिछले एक दशक से बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय आवाज बने हुए हैं।
अरिजीत सिंह को साल 2013 में रिलीज हुई फिल्म ‘आशिकी 2’ से बड़ा ब्रेक मिला था। फिल्म का गाना “तुम ही हो” उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने ‘चाहूं मैं या ना’, ‘रब्ता’, ‘अगर तुम साथ हो’, ‘गेरुआ’ और ‘ऐ दिल है मुश्किल’ जैसे कई सुपरहिट गानों से संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
अब उनके इस फैसले के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वे आगे किस तरह के संगीत प्रयोग या नए सफर की ओर बढ़ेंगे।
मुख्य बिंदु:
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अरिजीत सिंह ने इंस्टाग्राम पर प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का ऐलान किया
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बोले– अब कोई नया प्लेबैक असाइनमेंट नहीं लेंगे
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‘आशिकी 2’ के “तुम ही हो” से मिला था करियर का बड़ा मोड़






















