नमस्कार,
कल की बड़ी खबर नीतीश कुमार को मिली पाकिस्तानी डॉन की धमकी को लेकर रही। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी में हत्यारे इंजीनियर बेटे से जुड़ी रही। जिसने पत्नी के लिए मां-बाप के टुकड़े कर दिए।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
भगवान राम को काल्पनिक कहने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी कोर्ट में सुनवाई होगी।
यूपी में SIR अभियान के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
कल की बड़ी खबरें:
पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने बिहार CM नीतीश कुमार को दी धमकी, हिजाब विवाद पर माफी की मांग

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा एक विवाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। एक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने की घटना पर पाकिस्तान का कुख्यात अपराधी शहजाद भट्टी भड़क गया है। उसने वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है और चेतावनी भी दी है।
शहजाद भट्टी ने कहा कि अभी भी समय है कि मुख्यमंत्री उस महिला से माफी मांग लें, वरना बाद में यह न कहा जाए कि चेतावनी नहीं दी गई थी। इस बयान के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।
शहजाद भट्टी पाकिस्तान का कुख्यात डॉन बताया जाता है, जो फिलहाल दुबई में रह रहा है। उस पर हथियारों और ड्रग्स की तस्करी जैसे गंभीर आरोप हैं। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, उसके ISI और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी कथित संबंध रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का असर पीड़ित महिला डॉक्टर पर भी पड़ा है। डॉक्टर नुसरत परवीन ने घटना के बाद बिहार छोड़ दिया है और कोलकाता चली गई हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा हुई है, जिसके चलते उन्होंने फिलहाल बिहार सरकार की नौकरी जॉइन न करने का फैसला किया है।
मुख्य बिंदु
हिजाब हटाने की घटना पर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने CM नीतीश कुमार से माफी की मांग की
शहजाद भट्टी दुबई में रह रहा है, उस पर ISI और गैंग कनेक्शन के आरोप हैं
- महिला डॉक्टर नुसरत परवीन ने मानसिक पीड़ा के चलते बिहार की नौकरी जॉइन करने से इनकार किया
PM मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान, संसद में बोले— गुजरात की तरह यह भी शेरों की धरती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इथियोपिया ने अपने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया है। इस सम्मान को पाने वाले वे पहले वैश्विक नेता बन गए हैं। सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया की संसद को संबोधित किया और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक व भावनात्मक समानताओं पर जोर दिया।
अपने संबोधन में PM मोदी ने कहा कि इथियोपिया आकर उन्हें घर जैसा अनुभव हुआ। उन्होंने इथियोपिया को शेरों की धरती बताते हुए कहा कि जिस तरह उनके गृह राज्य गुजरात में एशियाई शेर पाए जाते हैं, उसी तरह इथियोपिया भी शेरों के लिए जाना जाता है। यह समानता दोनों क्षेत्रों की पहचान और गौरव को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इथियोपिया के राष्ट्रगीतों की भी तुलना की। उन्होंने कहा कि भारत के ‘वंदे मातरम’ और इथियोपिया के राष्ट्रगान में मातृभूमि को मां के रूप में देखा गया है। दोनों गीत अपनी-अपनी संस्कृति, विरासत और देश की रक्षा के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।
मुख्य बिंदु
PM मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान, पहले वैश्विक नेता बने
संसद में संबोधन के दौरान इथियोपिया को गुजरात की तरह शेरों की धरती बताया
भारत के ‘वंदे मातरम’ और इथियोपिया के राष्ट्रगान में मातृभूमि की समान भावना पर जोर
मथुरा हादसे के बाद सख्त हुए CM योगी, एक्सप्रेस-वे पर घटाई गई गाड़ियों की स्पीड लिमिट

मथुरा में हुए भीषण सड़क हादसे में 19 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा घटा दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
सरकार के नए आदेश के तहत छोटे वाहनों जैसे कार और जीप की अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटा से घटाकर 80 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। वहीं, बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों की स्पीड लिमिट 100 किमी प्रति घंटा से घटाकर 60 किमी प्रति घंटा तय की गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर 2 हजार से 4 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह व्यवस्था अगले दो महीनों तक लागू रहेगी।
इसके अलावा, खराब मौसम और कम दृश्यता को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। यमुना विकास प्राधिकरण के अनुसार, यदि विजिबिलिटी शून्य से 50 मीटर के बीच होती है तो वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसी स्थिति में गाड़ियों को एक्सप्रेस-वे पर बने फैसिलिटी सेंटर पर रोका जाएगा और दृश्यता सामान्य होने पर ही आगे रवाना किया जाएगा।
मुख्य बिंदु
मथुरा हादसे के बाद आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर नई स्पीड लिमिट लागू
कार/जीप की गति 80 किमी और बस/ट्रक की 60 किमी प्रति घंटा तय
कम विजिबिलिटी में वाहनों को फैसिलिटी सेंटर पर रोका जाएगा
जौनपुर डबल मर्डर: मुस्लिम पत्नी से शादी के विरोध में इंजीनियर बेटे ने माता-पिता की हत्या, शवों के टुकड़े कर नदी में फेंके

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक इंजीनियर बेटे ने अपनी मुस्लिम पत्नी से शादी के विरोध से नाराज़ होकर अपने ही माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने दोनों की हत्या के बाद शवों के टुकड़े कर गोमती नदी में बहा दिए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अम्बेश कुमार ने पहले अपने माता-पिता के सिर खलबट्टे (इमाम दस्ता) से कुचलकर उनकी हत्या की। इसके बाद आरी से दोनों शवों को काटकर कुल 6 टुकड़े किए। इन टुकड़ों को 7 बोरियों में भरकर कार से गोमती नदी के किनारे ले गया और एक-एक कर सभी बोरियां नदी में फेंक दीं।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने करीब 6 साल पहले पश्चिम बंगाल की एक मुस्लिम युवती से लव मैरिज की थी। उसके माता-पिता इस शादी से खुश नहीं थे और वे शादी तुड़वाना चाहते थे, इसी बात को लेकर घर में लगातार विवाद चल रहा था।
पुलिस 3 दिनों से शवों की तलाश में जुटी है। इस अभियान में 15 गोताखोर लगाए गए हैं। अब तक पिता के शव का केवल आधा हिस्सा ही बरामद हो पाया है। आरोपी ने 8 दिसंबर को इस वारदात को अंजाम दिया था और उसे 15 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया।
मुख्य बिंदु
जौनपुर में इंजीनियर बेटे ने माता-पिता की हत्या कर शवों के टुकड़े नदी में फेंके
मुस्लिम युवती से शादी को लेकर माता-पिता से चल रहा था विवाद
3 दिन से 15 गोताखोर शवों की तलाश में जुटे, आरोपी गिरफ्तार
चांदी पहली बार ₹2 लाख प्रति किलो के पार, एक दिन में ₹7,664 की जोरदार तेजी

कीमती धातुओं के बाजार में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। चांदी पहली बार ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई। बुधवार सुबह चांदी ₹8,773 की तेजी के साथ ₹2,00,750 प्रति किलो पर खुली। बाद में हल्की गिरावट के साथ यह ₹1,99,641 प्रति किलो पर बंद हुई।
अगर बीते वर्षों पर नजर डालें तो 2011 में चांदी की कीमत करीब ₹50 हजार प्रति किलो थी। 14 साल में यह बढ़कर 18 मार्च 2025 को ₹1 लाख के स्तर पर पहुंची, लेकिन इसके बाद सिर्फ 9 महीनों में ही कीमत दोगुनी होकर ₹2 लाख प्रति किलो के करीब पहुंच गई।
2004 से अब तक चांदी की कीमतों का सफर
2004: ₹10 हजार प्रति किलो
2008: ₹20 हजार
2011: ₹30 हजार से ₹50 हजार
2020: ₹60 हजार
2023: ₹70 हजार
2024: ₹80 हजार से ₹90 हजार
2025: ₹2 लाख से ऊपर
चांदी में तेजी के प्रमुख कारण
इंडस्ट्रियल डिमांड में उछाल: सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा
टैरिफ का डर: अमेरिकी कंपनियां संभावित टैरिफ से पहले चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं
पहले से खरीदारी: सप्लाई बाधित होने की आशंका में मैन्युफैक्चरर्स एडवांस खरीद कर रहे हैं
निवेश बढ़ा: सिल्वर ETF में निवेश बढ़ने से मांग और मजबूत हुई
इस बीच सोने की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। सोना ₹540 की बढ़त के साथ ₹1,32,317 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। साल 2025 में अब तक सोने की कीमत में कुल ₹56,155 की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।
राजस्थान-बंगाल में करीब 1 करोड़ वोटरों के नाम कटे, 5 राज्यों की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी

चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 5 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 58 लाख और राजस्थान में 44 लाख वोटरों के नाम कटे हैं।
इसके अलावा गोवा और पुडुचेरी में लगभग 1-1 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जबकि लक्षद्वीप में 1,616 नाम वोटर लिस्ट से निकाले गए हैं। 27 अक्टूबर को SIR की घोषणा के समय इन राज्यों में कुल 13.35 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जो ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद घटकर 12.33 करोड़ रह गए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 28 अक्टूबर से SIR की प्रक्रिया शुरू की गई थी। आयोग ने साफ किया है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें अलग से कोई नोटिस नहीं भेजा जाएगा।
अब यदि किसी मतदाता को आपत्ति है या उसका नाम गलती से कट गया है, तो वह जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। SIR का दूसरा चरण फरवरी 2026 तक चलेगा और अंतिम वोटर लिस्ट 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।
मुख्य बिंदु
पश्चिम बंगाल में 58 लाख और राजस्थान में 44 लाख वोटरों के नाम हटे
5 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, कुल मतदाता संख्या घटी
SIR का दूसरा चरण फरवरी 2026 तक, अंतिम सूची 14 फरवरी को जारी होगी
भाजपा वाजपेयी को राष्ट्रपति बनाना चाहती थी, आडवाणी को PM बनाने का था प्लान: किताब में दावा

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है। वाजपेयी के करीबी रहे अशोक टंडन की किताब ‘अटल संस्मरण’ में दावा किया गया है कि साल 2002 में राष्ट्रपति चुनाव से पहले भाजपा ने अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रपति बनाने का प्रस्ताव रखा था, जबकि लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री बनाने की योजना थी।
किताब के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व चाहता था कि वाजपेयी राष्ट्रपति पद संभालें, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया। इसके बाद NDA ने सर्वसम्मति से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का फैसला किया।
अशोक टंडन के अनुसार, वाजपेयी ने राष्ट्रपति पद के लिए व्यापक सहमति बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस नेताओं से भी बातचीत की थी। उन्होंने सोनिया गांधी, प्रणब मुखर्जी और मनमोहन सिंह के साथ बैठक कर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर सोनिया गांधी ने कहा था कि यह नाम चौंकाने वाला है, लेकिन कांग्रेस इस पर विचार करेगी।
किताब में यह भी उल्लेख है कि वाजपेयी और आडवाणी के बीच मतभेद जरूर थे, लेकिन इसके बावजूद दोनों नेताओं के रिश्ते कभी खराब नहीं हुए और आपसी सम्मान बना रहा।
मुख्य बिंदु
2002 में भाजपा वाजपेयी को राष्ट्रपति और आडवाणी को प्रधानमंत्री बनाना चाहती थी
वाजपेयी ने प्रस्ताव ठुकराया, NDA ने एपीजे अब्दुल कलाम को उम्मीदवार बनाया
सोनिया गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं से सहमति बनाने के लिए वाजपेयी ने की बैठक



















