नमस्कार,
कल की बड़ी खबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान से जुड़ी रही। उन्होंने कहा कि PM मोदी ने देश बेच दिया है। अब उन्हें कोई शक्ति नहीं बचा सकती। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी के लखनऊ में पिता के टुकड़े करके नीले ड्रम में भरने वाले बेटे के खुलासे से जुड़ी है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- PM मोदी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर इजराइल जाएंगे। वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कई अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
- मथुरा के बरसाना में लट्ठमार होली खेली जाएगी।
कल की बड़ी खबरें:
राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला: ‘अमेरिका से ट्रेड डील में देश और किसानों के हितों से समझौता’
भोपाल में कांग्रेस द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आयोजित किसान चौपाल कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और ट्रेड समझौते को देश के हितों के खिलाफ बताया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के साथ ऐसी ट्रेड डील की है, जिससे भारत को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते के कारण भारत को अधिक टैक्स देना पड़ेगा और हर साल अमेरिका से बड़ी मात्रा में सामान खरीदने की बाध्यता बढ़ेगी। राहुल गांधी के अनुसार, इस डील से किसानों और देश की आर्थिक स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय मामलों और उद्योगपति अडाणी से जुड़े विवादों का दबाव है, जिसकी वजह से भारत के डेटा और किसानों के भविष्य से समझौता किया गया। राहुल गांधी ने कहा कि यह फैसला बिना कैबिनेट से उचित सलाह लिए जल्दबाजी में किया गया।
राहुल गांधी के भाषण की मुख्य बातें:
• प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर बिना कैबिनेट चर्चा के अमेरिका से ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया
• ट्रेड समझौते से भारत को आर्थिक नुकसान और अमेरिका पर निर्भरता बढ़ने का आरोप
• किसानों और देश के डेटा सुरक्षा हितों से समझौता होने का दावा
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि देशहित से जुड़े ऐसे समझौतों पर संसद और जनता को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।
लखनऊ में बेटे ने की पिता की हत्या, शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया, सिर 21 किमी दूर फेंका
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रिश्तों को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर अलग-अलग जगह ठिकाने लगाने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के बाद पिता के शव को घर के बाथरूम में ले जाकर आरी से कई टुकड़ों में काट दिया। शव के हिस्सों को एक नीले ड्रम में छिपा दिया, जबकि कटे हुए सिर को करीब 21 किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया।
घटना के समय घर में आरोपी की छोटी बहन भी मौजूद थी। आरोप है कि अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को कहा। वारदात के तीन दिन बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस को उसके व्यवहार पर शक हुआ, जिसके बाद सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करने की बात कबूल कर ली।
बुधवार को पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां उससे पूरे घटनाक्रम को दोहराकर एक-एक पहलू की जांच की गई।
घटना से जुड़ी मुख्य बातें:
• बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव के टुकड़े किए
• शव के हिस्से नीले ड्रम में छिपाए, सिर 21 किमी दूर फेंका
• गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस पूछताछ में सच कबूला
पुलिस अब हत्या के पीछे की असली वजह और पारिवारिक विवाद के पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
यौन शोषण मामले में शंकराचार्य ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत मांगी
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यौन शोषण मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उनका कहना है कि प्रयागराज पुलिस उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है, इसलिए उन्होंने अदालत से संरक्षण की मांग की है।
याचिका में शंकराचार्य ने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया के सामने अजय पाल शर्मा और आरोप लगाने वाले आशुतोष महाराज की एक साथ मौजूद तस्वीर भी दिखाई और मामले को षड्यंत्र बताया।
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब शाहजहांपुर के एक व्यक्ति ने भी आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए। उस व्यक्ति का दावा है कि शंकराचार्य को जानबूझकर फंसाया गया है। उसने आरोप लगाया कि आशुतोष पांडेय ने अपनी नाबालिग बेटियों के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें:
• शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की
• गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए पुलिस अधिकारियों पर साजिश का आरोप लगाया
• आरोप लगाने वाले पक्ष पर भी नए गंभीर आरोप सामने आए
फिलहाल मामले की सुनवाई अदालत में लंबित है और पुलिस तथा संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच जारी है।
AI समिट हंगामा मामला: उदय भानु चिब 4 दिन की पुलिस रिमांड पर, कांग्रेस ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक कार्रवाई
दिल्ली में आयोजित AI समिट के दौरान हुए हंगामे के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शन की पूरी योजना के पीछे वही मुख्य साजिशकर्ता थे।
पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित AI समिट के दौरान कांग्रेस से जुड़े 11 लोगों ने कार्यक्रम स्थल में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाली टी-शर्ट लहराई और “PM मोदी इज कॉम्प्रोमाइज्ड” के नारे लगाए थे। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे।
मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन सुनियोजित था और इसके पीछे संगठित रणनीति बनाई गई थी।
वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है और इसे प्रधानमंत्री की “सनक” का परिणाम बताया।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें:
• उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
• AI समिट में शर्टलेस विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी का आरोप
• कांग्रेस ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
केरल का नाम अब ‘केरलम’: मोदी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी, कई बड़े प्रोजेक्ट्स भी पास
केंद्र सरकार ने केरल राज्य के नाम में बदलाव को मंजूरी दे दी है। अब आधिकारिक रूप से केरल को ‘केरलम’ नाम से जाना जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
राज्य सरकार और स्थानीय लोगों का कहना है कि मलयालम भाषा में राज्य को पारंपरिक रूप से ‘केरलम’ ही कहा जाता है, इसलिए स्थानीय पहचान और सांस्कृतिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए नाम परिवर्तन का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अब केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है।
प्रधानमंत्री के नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में देशभर से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया।
कैबिनेट बैठक में कुल 12,236 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके अलावा मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में तीन प्रमुख रेल परियोजनाओं सहित कुल 8 अहम फैसले लिए गए।
मुख्य बातें:
• केंद्र सरकार ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
• पीएम मोदी के नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में कैबिनेट की पहली बैठक आयोजित
• 12,236 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स और तीन रेल परियोजनाओं समेत 8 बड़े फैसले मंजूर
सरकार के अनुसार, इन फैसलों से क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
आरक्षण पर बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत: ‘200 साल भी देना पड़े तो उचित, समाज ने सदियों तक भेदभाव सहा’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में आरक्षण और सामाजिक समरसता को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। हिमालयन कल्चरल सेंटर में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक अन्याय को देखते हुए यदि आरक्षण लंबे समय तक भी देना पड़े तो यह उचित है।
मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज के एक बड़े वर्ग ने लगभग दो हजार वर्षों तक छुआछूत और सामाजिक भेदभाव का सामना किया, लेकिन इसके बावजूद उसने देश के प्रति निष्ठा बनाए रखी। उन्होंने कहा कि समाज में समानता और न्याय स्थापित करना सभी की जिम्मेदारी है।
अपने संबोधन में भागवत ने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत में रहने वाले सभी लोगों के पूर्वज एक हैं और सभी की रगों में एक ही खून बहता है। उन्होंने कहा कि हिंदू बनने के लिए किसी को अपनी पहचान छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि देश के प्रति निष्ठा ही सबसे महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज जिन लोगों से मतभेद हैं, उन्हें भविष्य में समाज के साथ जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।
मुख्य बातें:
• मोहन भागवत ने कहा कि ऐतिहासिक अन्याय के कारण लंबी अवधि तक आरक्षण उचित हो सकता है
• समाज के एक वर्ग ने सदियों तक भेदभाव सहा, फिर भी देश के प्रति निष्ठा बनाए रखी
• भारत में सभी लोगों के पूर्वज एक होने और सामाजिक एकता पर दिया जोर
उन्होंने समाज में समरसता, संवाद और आपसी विश्वास बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।







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