नमस्कार,
कल की बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से जुड़ी रही। कोर्ट ने कहा कि जिन्हें बैट पकड़ना नहीं आता, वे क्रिकेट संघ में हैं। दूसरी बड़ी खबर भारत-US डील के असर की रही। इसकी वजह से मार्केट चढ़ा और रुपया मजबूत हुआ।

आज के प्रमुख इवेंट्स:
- भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन तेलंगाना के महबूबनगर में रैली करेंगे।
- पश्चिम बंगाल में SIR अभियान के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
कल की बड़ी खबरें:
राहुल गांधी के भाषण पर लोकसभा में फिर हंगामा, नरवणे की किताब का हवाला देने पर स्पीकर ने रोका
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण को लेकर लगातार दूसरे दिन भारी हंगामा हुआ। जैसे ही राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के एक लेख का हवाला देते हुए अपनी बात रखनी शुरू की, सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। शोर-शराबा इतना बढ़ गया कि विपक्षी सांसदों ने पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया की ओर कागज उछाल दिए। स्थिति बिगड़ने पर सदन की कार्यवाही बाधित हुई और अनुशासनहीनता के आरोप में 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
राहुल गांधी ने हंगामे के बीच कहा कि उन्हें जानबूझकर बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा उठा रहा हूं। मैं देश को बताना चाहता हूं कि भारत-चीन सीमा पर क्या हुआ, लेकिन मेरी आवाज दबाई जा रही है।” राहुल का दावा है कि 2020 में पूर्वी लद्दाख में चीनी टैंक भारतीय सीमा के भीतर आ गए थे और इसी दौरान हमारे सैनिक शहीद हुए। वे यह बातें पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की अप्रकाशित किताब के आधार पर सदन में रख रहे थे।
सत्ता पक्ष के सांसदों का कहना था कि अप्रकाशित सामग्री को सदन में पेश करना नियमों के खिलाफ है, जबकि विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की आजादी और राष्ट्रीय हित से जुड़ा मुद्दा बता रहा है। इस टकराव के कारण सदन में माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा।
मुख्य बिंदु:
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राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला दिया, जिस पर NDA सांसदों ने कड़ा विरोध जताया।
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हंगामे के दौरान विपक्षी सांसदों ने पीठासीन सभापति की ओर कागज उछाले, 8 सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित।
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राहुल का आरोप—2020 में लद्दाख में चीनी घुसपैठ और सैनिकों की शहादत पर उन्हें सदन में बोलने से रोका जा रहा है।
भारत-US ट्रेड डील ऐतिहासिक, इससे हर क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा: पीयूष गोयल
केंद्र सरकार ने भारत और अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील को देश के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार शाम इस समझौते पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह ऐसी डील है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होगा। उनके मुताबिक इस समझौते से भारत का निर्यात तेजी से बढ़ेगा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नए अवसर मिलेंगे।
गोयल ने कहा कि इस डील से इंजीनियरिंग पार्ट्स बनाने वाले उद्योग, टेक्सटाइल, मरीन प्रोडक्ट्स, ज्वेलरी और अन्य निर्माण क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। इससे देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और भारतीय उत्पादों की वैश्विक मांग में इजाफा होगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मित्रता का सम्मान किया और अन्य देशों की तुलना में भारत के साथ बेहतर व्यापार समझौता किया।
वहीं, विपक्ष द्वारा इस डील के विरोध पर गोयल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता नकारात्मक सोच के कारण इसका विरोध कर रहे हैं और देश को गुमराह कर रहे हैं। गोयल के अनुसार इस समझौते की देश-विदेश में सराहना हो रही है और इससे भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी ट्रेड डील में देश की जनता की मेहनत और हितों के साथ समझौता किया है।
मुख्य बिंदु:
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पीयूष गोयल ने भारत-US ट्रेड डील को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे निर्यात और रोजगार बढ़ेंगे।
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इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, मरीन गुड्स और ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों को बड़े अवसर मिलेंगे।
- विपक्ष के विरोध पर गोयल का आरोप—राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं, डील से भारत को बड़ा फायदा होगा।
अपराध पर जीरो टॉलरेंस जरूरी, पुलिस गोली न चलाए तो क्या खुद गोली खाए: मुख्यमंत्री योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में हो रहे एनकाउंटर को लेकर सख्त रुख दोहराया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने जरूरी थे। योगी ने याद दिलाया कि 2012 से 2017 के बीच यूपी में 900 से ज्यादा दंगे हुए थे। उस समय लगभग हर शहर ने कर्फ्यू का दौर देखा और ऐसा कोई व्यापारी नहीं था, जिसे गुंडा टैक्स न देना पड़ा हो। अपराधियों का बोलबाला था और आम जनता भय के माहौल में जी रही थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्हें प्रदेश की जिम्मेदारी मिली तो उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई। सरकार ने तय किया कि कानून के साथ कोई समझौता नहीं होगा, चाहे अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर अपना व्यक्ति भी गलत करेगा तो उसके खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी, जो किसी माफिया या अपराधी के खिलाफ होती है।
एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए योगी ने कहा कि लोग पूछते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई। उनका सवाल था—अगर पुलिस गोली न चलाए तो क्या खुद गोली खाए? उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण और पुलिस की सुरक्षा दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए और कानून का पालन ही सबसे ऊपर है।
मुख्य बिंदु:
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योगी ने कहा 2012-2017 के बीच यूपी में दंगे, कर्फ्यू और गुंडा टैक्स आम बात थी, इसलिए कड़ी कार्रवाई जरूरी हुई।
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सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’, अपना हो या पराया—कानून सब पर समान लागू होगा।
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एनकाउंटर पर सवालों के जवाब में बोले—पुलिस कार्रवाई न करे तो क्या खुद गोली खाए
क्रिकेट संघों का नेतृत्व खेल समझने वालों के हाथ हो, रिटायर्ड खिलाड़ियों को मिले जगह: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेट और अन्य खेल संस्थाओं के प्रबंधन को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि खेल संगठनों का नेतृत्व ऐसे लोगों को करना चाहिए, जिन्हें खेल की वास्तविक समझ हो। अदालत ने तंज भरे लहजे में कहा कि आज स्थिति यह है कि क्रिकेट संघों में ऐसे लोग बैठे हैं, जिन्हें ठीक से बैट पकड़ना भी नहीं आता, जबकि इन संस्थाओं में रिटायर्ड और अनुभवी क्रिकेटरों को अहम भूमिका मिलनी चाहिए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि खेल प्रशासन में पारदर्शिता और योग्यता सबसे जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के चुनाव पर रोक लगाई गई थी। MCA के चुनाव 6 जनवरी को प्रस्तावित थे, लेकिन उनमें भाई-भतीजावाद और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
अदालत ने कहा कि खेल संस्थाओं का उद्देश्य खिलाड़ियों और खेल के विकास को बढ़ावा देना होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत हितों की पूर्ति। इसलिए जरूरी है कि इन संस्थाओं में खेल से जुड़े अनुभवी लोगों को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्य बिंदु:
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्रिकेट संघों में नेतृत्व रिटायर्ड और अनुभवी खिलाड़ियों के हाथ होना चाहिए।
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कोर्ट की टिप्पणी—संघों में ऐसे लोग हैं जिन्हें खेल की बुनियादी समझ भी नहीं।
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महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक हटाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, भाई-भतीजावाद के लगे थे आरोप।
शेयर बाजार में जोरदार उछाल: सेंसेक्स 2073 अंक चढ़ा, रुपया मजबूत, अडाणी शेयरों में 11% तक तेजी
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मंगलवार को सेंसेक्स 2073 अंक यानी 2.54% की बढ़त के साथ 83,739 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 639 अंक (2.55%) उछलकर 25,728 पर पहुंच गया। बाजार में आई इस मजबूती का असर रुपये पर भी दिखा और डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 129 पैसे मजबूत होकर 90.20 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गई।
ट्रेड डील का सबसे ज्यादा फायदा अडाणी ग्रुप के शेयरों को मिला। समूह का अमेरिका में बड़े पैमाने पर कारोबार होने के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा और कई शेयर 11% तक चढ़ गए। अडाणी एंटरप्राइजेज 10.58% बढ़कर 2,206 रुपये पर बंद हुआ, जबकि अडाणी ग्रीन 10.43% की तेजी के साथ 932 रुपये पर पहुंच गया। अडाणी पोर्ट्स 9.19% उछलकर 1,532 रुपये और अडाणी पावर 7.36% बढ़कर 144 रुपये पर बंद हुआ।
कमोडिटी बाजार में भी तेजी का रुख रहा। MCX पर चांदी 32,422 रुपये महंगी होकर 2,78,683 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने की कीमत में 7,307 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 1,49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
मुख्य बिंदु:
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सेंसेक्स 2073 अंक और निफ्टी 639 अंक चढ़ा, रुपया 129 पैसे मजबूत हुआ।
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ट्रेड डील के असर से अडाणी ग्रुप के शेयरों में 7% से 11% तक की तेजी।
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सोना 7,307 रुपये और चांदी 32,422 रुपये महंगी हुई।
कानून मानें या भारत छोड़ें: सुप्रीम कोर्ट की मेटा-वॉट्सएप को सख्त चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने मेटा और वॉट्सएप की डेटा पॉलिसी को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि कंपनियों को भारतीय कानून का पालन करना होगा, वरना उन्हें देश छोड़ना पड़ेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इन ऐप्स की प्राइवेसी शर्तें इतनी जटिल और चालाकी से लिखी जाती हैं कि आम उपयोगकर्ता उन्हें समझ ही नहीं पाता। इससे लोगों के निजी डेटा के दुरुपयोग और चोरी का गंभीर खतरा बना रहता है।
कोर्ट ने कहा कि नागरिकों की निजता सर्वोपरि है और इससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। बेंच ने स्पष्ट किया कि टेक कंपनियां व्यापार के नाम पर लोगों की निजी जानकारी को साझा करने या उसका व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। भारत में काम करना है तो यहां के नियम-कायदों का सम्मान करना होगा।
दरअसल, यह मामला कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा मेटा पर लगाए गए 213 करोड़ रुपये के जुर्माने से जुड़ा है। CCI ने नवंबर 2024 में कहा था कि वॉट्सएप की नई पॉलिसी यूजर डेटा का दुरुपयोग करती है और प्रतिस्पर्धा के नियमों का उल्लंघन करती है। मेटा ने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सख्त टिप्पणी की।
मुख्य बिंदु:
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सुप्रीम कोर्ट की दो टूक—मेटा-वॉट्सएप भारतीय कानून मानें, वरना देश छोड़ें।
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प्राइवेसी शर्तें जटिल होने से आम यूजर का डेटा असुरक्षित, निजता से समझौता नहीं होगा।
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CCI ने डेटा पॉलिसी के दुरुपयोग पर मेटा पर 213 करोड़ का जुर्माना लगाया था, उसी मामले पर सुनवाई।
युमनाम खेमचंद होंगे मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री, भाजपा विधायक दल ने चुना नेता
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पार्टी सूत्रों का कहना है कि राज्य में जारी जातीय तनाव को देखते हुए कुकी-जो समुदाय को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत 10 कुकी विधायकों में से किसी एक को उपमुख्यमंत्री पद दिए जाने पर विचार हो रहा है, ताकि सरकार में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मणिपुर पिछले लगभग दो वर्षों से हिंसा की चपेट में है। मई 2023 में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुए संघर्ष में अब तक करीब 260 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। लगातार बिगड़ते हालात के बीच 9 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद नए नेतृत्व की तलाश की जा रही थी।
मुख्य बिंदु:
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भाजपा विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को नेता चुना गया, आज हो सकता है शपथ ग्रहण।
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कुकी-जो समुदाय से एक विधायक को डिप्टी सीएम बनाने पर विचार, संतुलन बनाने की कोशिश।
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मणिपुर हिंसा में अब तक 260 मौतें, बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद नया नेतृत्व चुना गया।





















