नमस्कार,
कल की बड़ी खबर AI वीडियो के लिए बने नए नियम से जुड़ी रही। यह 20 फरवरी से लागू होंगे। दूसरी बड़ी खबर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को मिली जान से मारने की धमकी को लेकर रही।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- यूपी सरकार अपना बजट पेश करेगी।
- सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
कल की बड़ी खबरें:
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 118 सांसदों के हस्ताक्षर
विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया है, जिस पर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में भेदभाव करते हैं और विपक्षी नेताओं, खासकर राहुल गांधी को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं देते। रिपोर्ट्स के अनुसार, ओम बिरला फिलहाल लोकसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे और अविश्वास प्रस्ताव के निपटारे के बाद ही स्पीकर की कुर्सी संभालेंगे। इस प्रस्ताव पर 9 मार्च को सदन में चर्चा होने की संभावना है।
विपक्ष के प्रमुख आरोप
विपक्ष का कहना है कि स्पीकर ओम बिरला सत्तापक्ष को अधिक समय देते हैं, जबकि विपक्ष की आवाज को दबाया जाता है। राहुल गांधी को कई मौकों पर बोलने से रोका गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि स्पीकर ने महिला सांसदों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गलत तरीके से हमला करने का झूठा आरोप लगाया।
मुख्य बिंदु
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अविश्वास प्रस्ताव पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर, 9 मार्च को चर्चा संभव
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विपक्ष का आरोप, स्पीकर सदन में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हैं
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प्रस्ताव के निर्णय तक ओम बिरला लोकसभा की कार्यवाही से दूर रह सकते हैं
लोकसभा में अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- गोली चलवाने वाले ही राम मंदिर बनवा रहे
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मनरेगा योजना का जिक्र करते हुए तंज कसा कि इसका नया नाम वीबीजी रामजी कर दिया गया है। भाजपा सांसद और अभिनेता अरुण गोविल की ओर इशारा करते हुए अखिलेश ने कहा कि हमारे रामजी कहां हैं, जिन्हें हम बचपन से देखते आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में रामजी को सबसे पीछे बैठाया गया है, जबकि उन्हें सम्मान देते हुए आगे की पंक्ति में नंबर दो की सीट पर बैठाना चाहिए।
इस दौरान सत्ता पक्ष के कुछ सांसदों ने अखिलेश पर पलटवार करते हुए कहा कि कार सेवकों पर गोली चलाने वाले आज राम मंदिर की बात कर रहे हैं। इस टिप्पणी पर अखिलेश यादव भड़क गए। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि जिन्होंने गोली चलवाई, वही आज राम मंदिर बनवा रहे हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष को आधी-अधूरी जानकारी के साथ सदन में न आने की नसीहत भी दी।
अखिलेश का यह बयान सीधे तौर पर आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा की ओर इशारा माना जा रहा है। नृपेंद्र मिश्रा वर्तमान में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं और उनकी देखरेख में ही मंदिर का निर्माण कार्य हुआ है। वर्ष 1990 में वे तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के प्रमुख सचिव थे।
मुख्य बिंदु
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अखिलेश यादव ने लोकसभा में केंद्र और यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला
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अरुण गोविल को लेकर कहा, रामजी को सदन में उचित सम्मान नहीं मिला
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कार सेवकों पर गोली कांड को लेकर सत्ता पक्ष से तीखी बहस
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अखिलेश का इशारा राम मंदिर समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका की ओर
AI कंटेंट पर लेबल अनिवार्य, डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने का नया नियम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए सरकार ने AI आधारित कंटेंट को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। 20 फरवरी से X, यूट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक जैसे सभी बड़े प्लेटफॉर्म्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही डीपफेक फोटो और वीडियो को अधिकतम 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। सरकार का मानना है कि इससे अश्लील सामग्री, फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार पर प्रभावी रोक लगेगी।
नए IT नियमों के तहत कंपनियों को ऑटोमेटेड टूल्स का इस्तेमाल करना होगा, जो AI से तैयार गैर-कानूनी, अश्लील और धोखाधड़ी वाले कंटेंट की पहचान कर उसे तुरंत रोक सकें। साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों को हर तीन महीने में कम से कम एक बार अपने यूजर्स को जागरूकता संबंधी चेतावनी देना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि लोग भ्रामक कंटेंट से सतर्क रहें।
मुख्य बिंदु
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20 फरवरी से सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर AI कंटेंट पर लेबल लगाना जरूरी
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डीपफेक फोटो और वीडियो को 3 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य
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कंपनियों को ऑटोमेटेड टूल्स और हर 3 महीने में यूजर्स को चेतावनी देना होगा
मथुरा में दिल दहला देने वाली घटना: एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, 3 जगह मिले सुसाइड नोट
मथुरा में एक घर के भीतर एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में आशंका है कि पति ने पहले पत्नी की हत्या की, फिर तीनों बच्चों को मारा और इसके बाद खुद करंट लगाकर आत्महत्या कर ली। कमरे से तीन अलग-अलग जगहों पर सुसाइड नोट भी बरामद हुए हैं, जिनमें लिखा है कि मनीष और सीमा अपनी मर्जी से यह कदम उठा रहे हैं।
घटना की जानकारी उस समय हुई जब सुबह बच्चे बाहर दिखाई नहीं दिए। पास में रहने वाले मनीष के भाई जयकिशन को शक हुआ तो वे घर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए वह मेन गेट फांदकर अंदर गए और कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए—बेड पर मां और दो बच्चे पड़े थे, एक बच्ची चारपाई पर थी और मनीष का शव फर्श पर मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
मुख्य बिंदु
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पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव एक ही कमरे से बरामद
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तीन जगह मिले सुसाइड नोट, पुलिस कर रही जांच
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पति द्वारा पहले परिवार की हत्या, फिर आत्महत्या की आशंका
एपस्टीन विवाद से ब्रिटिश PM स्टार्मर पर संकट, शबाना महमूद बन सकती हैं ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री
जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में आ गई है। विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कश्मीरी मूल की गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। अगर शबाना महमूद प्रधानमंत्री बनती हैं, तो वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री होंगी।
45 वर्षीय शबाना महमूद इससे पहले न्याय मंत्री और लॉर्ड चांसलर जैसे अहम पद संभाल चुकी हैं। उन्हें लेबर पार्टी का मजबूत और भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। एपस्टीन फाइल्स से जुड़े खुलासों के बाद स्टार्मर सरकार लगातार दबाव में है और पार्टी के भीतर भी नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है।
इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री स्टार्मर के करीबी और डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े पीटर मंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने में भूमिका निभाई। मैकस्वीनी ने स्वीकार किया कि यह नियुक्ति उनकी गलती थी, जिसके बाद राजनीतिक संकट और गहरा गया।
मुख्य बिंदु
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एपस्टीन फाइल्स विवाद से PM कीर स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव
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गृह मंत्री शबाना महमूद प्रधानमंत्री पद की प्रमुख दावेदार
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मैकस्वीनी के इस्तीफे से ब्रिटिश सरकार का संकट और बढ़ा























