नमस्कार,
कल की बड़ी खबर राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पीच से जुड़ी रही। उन्होंने बताया कि कांग्रेस क्यों कह रही है कि ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’। वहीं, दूसरी बड़ी खबर यूपी में मांझे से मौत को लेकर है।

आज के प्रमुख इवेंट्स:
- PM मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें एडिशन में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद करेंगे।
- NEET PG कट ऑफ पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता ने क्वालिफाइंग कट-ऑफ शून्य और नेगेटिव करने के फैसले को चुनौती दी है।
कल की बड़ी खबरें:
संसद में हंगामा: हमले की साजिश के दावे, PM मोदी बोले– कांग्रेस मेरी कब्र खोदना चाहती है
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बिना ही पारित कर दिया गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि सदन में प्रधानमंत्री के साथ कोई अप्रत्याशित घटना होने की आशंका थी, इसलिए उन्होंने PM मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया।
इसी बीच न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान उन पर हमला करने की योजना बना रही थी। इस जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं।
दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का आरोप था कि राहुल गांधी को सदन में बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जाता, इसलिए वे भी PM को बोलने नहीं देंगे। हंगामे के बीच “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए गए और कुछ देर बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
अपने भाषण के दौरान PM मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसलिए उनकी कब्र खोदना चाहती है क्योंकि उनकी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाया, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और देशहित में कड़े फैसले लिए।
मुख्य बिंदु:
-
लोकसभा में सुरक्षा कारणों से PM मोदी का भाषण नहीं हुआ, धन्यवाद प्रस्ताव उनके बिना पारित
-
सूत्रों के हवाले से दावा, कांग्रेस PM पर हमले की योजना बना रही थी
-
राज्यसभा में मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा, नारेबाजी के बाद वॉकआउट
मेघालय की अवैध कोयला खदान में भीषण धमाका, 16 मजदूरों की मौत; कई अब भी फंसे
मेघालय के ईस्ट जैतिया हिल्स जिले के थाम्सकु इलाके में एक अवैध कोयला खदान में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें अब तक 16 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे के बाद से कई मजदूरों के खदान के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह विस्फोट कोयला खनन के दौरान हुआ, लेकिन धमाके की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियां घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं।
हादसे के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया गया है। प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्य बिंदु:
-
मेघालय के ईस्ट जैतिया हिल्स की अवैध खदान में विस्फोट, 16 मजदूरों की मौत
-
कई मजदूर अब भी अंदर फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
-
धमाके की वजह स्पष्ट नहीं, जांच शुरू, PMO ने मुआवजे की घोषणा की
UP में चाइनीज मांझे से मौत अब मानी जाएगी हत्या, CM योगी के आदेश पर छापेमारी तेज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझे को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि अब चाइनीज मांझे से होने वाली मौत को सीधे हत्या का मामला माना जाएगा। सीएम के इस आदेश के तुरंत बाद लखनऊ पुलिस हरकत में आ गई और पतंग की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई।
लखनऊ के पश्चिमी जोन में ACP, DCP और ADCP ने भारी पुलिस बल के साथ कई इलाकों में कार्रवाई की। बाजारखाला थाना क्षेत्र से बड़ी मात्रा में चाइनीज मांझा बरामद किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंध के बावजूद यह खतरनाक मांझा बाजार तक कैसे पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए पूछा कि बैन के बाद भी मांझा खुलेआम कैसे बिक रहा है। उन्होंने सभी जिलों में सख्त अभियान चलाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पिछले एक साल में प्रदेश में चाइनीज मांझे की वजह से 8 लोगों की जान जा चुकी है। बुधवार को लखनऊ में ही एक MR का गला कट गया था, जिससे उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
मुख्य बिंदु:
-
CM योगी का आदेश, चाइनीज मांझे से मौत अब हत्या की श्रेणी में आएगी
-
लखनऊ में पुलिस की बड़ी छापेमारी, कई दुकानों से प्रतिबंधित मांझा बरामद
-
एक साल में 8 मौतें, बैन के बावजूद बिक्री पर CM ने जताई कड़ी नाराजगी
देश की पहली सरकारी कैब सर्विस ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च, ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कोई कमीशन
देश में पहली बार सहकारी मॉडल पर आधारित सरकारी कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत कर दी गई है। यह सेवा फिलहाल दिल्ली और गुजरात के कुछ शहरों में शुरू हुई है। खास बात यह है कि यह पूरी तरह जीरो-कमीशन मॉडल पर काम करेगी, यानी ड्राइवर जो भी कमाई करेगा, वह सीधे उसी को मिलेगी। ओला-उबर की तरह किसी तरह का कमीशन नहीं काटा जाएगा।
इस सर्विस में यात्रियों को पीक आवर्स के दौरान भी बढ़ा हुआ किराया नहीं देना होगा। सरकार का कहना है कि इस पहल से ड्राइवरों की आय बढ़ेगी और यात्रियों को सस्ती व भरोसेमंद सेवा मिलेगी।
भारत टैक्सी का ट्रायल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू किया गया था, जो सफल साबित हुआ है। योजना के अनुसार अगले दो साल के भीतर इसे देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों में लागू कर दिया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
-
भारत टैक्सी देश की पहली सहकारी और सरकारी कैब सेवा
-
जीरो-कमीशन मॉडल, ड्राइवर की पूरी कमाई सीधे उसके खाते में
-
दो साल में देशभर के सभी बड़े शहरों में सेवा शुरू करने का लक्ष्य
आसाराम के अहमदाबाद आश्रम पर चलेगा बुलडोजर, हाईकोर्ट ने 32 अवैध ढांचे गिराने के दिए आदेश
गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद स्थित आसाराम के मुख्य आश्रम पर बड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि 45 हजार स्क्वॉयर मीटर से ज्यादा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया जाए। जांच में इस जमीन पर बने 32 अवैध ढांचे चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें जल्द ही गिराया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक इस जमीन की मौजूदा बाजार कीमत 500 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार की योजना है कि इस स्थान पर 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाए।
यह आश्रम 1972 में आसाराम द्वारा साबरमती नदी किनारे ‘मोक्ष कुटिया’ के रूप में शुरू किया गया था। समय के साथ यहां बड़े पैमाने पर निर्माण होते गए और यह स्थान आसाराम मोटेरा आश्रम के नाम से प्रसिद्ध हो गया। यही आश्रम देश-विदेश में फैले आसाराम के सभी आश्रमों का मुख्यालय भी माना जाता था।
मुख्य बिंदु:
-
हाईकोर्ट का आदेश, 45 हजार वर्ग मीटर सरकारी जमीन खाली कराई जाएगी
-
आश्रम परिसर में मिले 32 अवैध निर्माण, सभी ढांचे तोड़े जाएंगे
-
खाली जमीन पर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बनेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
संभल में 33 करोड़ की अघोषित ज्वेलरी जब्त, 16 किलो सोना और 8 क्विंटल चांदी बरामद
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में GST विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सर्राफा कारोबारी के ठिकानों से 33 करोड़ रुपये की अघोषित ज्वेलरी जब्त की है। चंदौसी के ज्वेलर हिमांशु अग्रवाल ने सोने-चांदी के बढ़ते दाम को देखते हुए बिना बिल के बड़ी मात्रा में माल खरीदकर डंप कर रखा था।
मुरादाबाद से पहुंची GST टीम ने छापेमारी के दौरान 16 किलो सोना, करीब 8 क्विंटल चांदी और लगभग 34 कैरेट डायमंड बरामद किए। कारोबारी इन गहनों से जुड़े दस्तावेज और हिसाब-किताब पेश नहीं कर सका, जिसके बाद पूरी ज्वेलरी जब्त कर ली गई।
यह छापेमारी करीब 21 घंटे तक चली। कार्रवाई के दौरान GST विभाग ने कारोबारी से 1 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना भी जमा कराया। इस कार्रवाई के विरोध में शहर के अन्य सर्राफा व्यापारी सड़कों पर उतर आए और नाराजगी जताई।
मुख्य बिंदु:
-
GST टीम की छापेमारी में 33 करोड़ की बिना बिल वाली ज्वेलरी जब्त
-
16 किलो सोना, 8 क्विंटल चांदी और 34 कैरेट डायमंड बरामद
-
21 घंटे चली कार्रवाई, 1.20 करोड़ जुर्माना वसूला, व्यापारियों ने किया विरोध
सोना ₹4,123 और चांदी ₹28,123 सस्ती, तीन दिन में कीमतों में बड़ी गिरावट
सर्राफा बाजार में 5 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चांदी एक झटके में 28,123 रुपये सस्ती होकर 2,54,339 रुपये प्रति किलो पर आ गई। वहीं 24 कैरेट सोना 4,123 रुपये गिरकर 1,52,502 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
पिछले तीन दिनों के भीतर सोने के दाम में करीब 18 फीसदी और चांदी में लगभग 40 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है। हाल के दिनों में दोनों धातुएं रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद बाजार में तेज बिकवाली शुरू हो गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक गिरावट की दो मुख्य वजहें हैं। पहली, निवेशकों ने ऊंचे दाम पर पहुंचने के बाद प्रॉफिट बुकिंग की। दूसरी, ऑल टाइम हाई कीमतों के कारण फिजिकल डिमांड कमजोर पड़ गई, साथ ही औद्योगिक उपयोग को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
मुख्य बिंदु:
-
चांदी 28,123 रुपये गिरकर 2,54,339 रुपये प्रति किलो पर पहुंची
-
सोना 4,123 रुपये सस्ता होकर 1,52,502 रुपये प्रति 10 ग्राम हुआ
-
प्रॉफिट बुकिंग और कमजोर डिमांड से बाजार में तेज गिरावट

























