नमस्कार,
कल की बड़ी खबर राहुल गांधी से जुड़ी है। उन्होंने वोट चोरी के दावे पर 43 दिन में दूसरी बार प्रजेंटेशन दी। दूसरी खबर मारुति कारों की है, जिनकी कीमत 1.30 लाख रुपए तक घट गई है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
1. एशिया कप में भारत-ओमान के बीच ग्रुप स्टेज का 12वां मैच अबू धाबी में खेला जाएगा।
2. आईफोन-17 की बिक्री शुरू होगी। यह सबसे पतला आईफोन है जिसकी लॉन्चिंग 9 सितंबर को हुई थी।
कल की बड़ी खबरें:
राहुल गांधी का आरोप: वोटर्स लिस्ट से नाम डिलीट कराई जा रही है, सबूतों के साथ पीड़ितों को मंच पर लाए

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोट चोरी के आरोप दोहराए और सबूत पेश करने का दावा किया
कर्नाटक से आए ऐसे वोटर्स को मंच पर बुलाया गया, जिनके नाम लिस्ट से हटाए गए
चुनाव आयोग ने कहा कि बिना प्रक्रिया और सुनवाई के किसी का नाम डिलीट नहीं हो सकता
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नई दिल्ली के इंदिरा भवन ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि देशभर में बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम लिस्ट से डिलीट कराए जा रहे हैं। राहुल ने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है और उन्होंने इसके खिलाफ सबूत भी दिखाने का दावा किया।
राहुल गांधी ने अपने 31 मिनट के प्रजेंटेशन में आरोप लगाए कि एक तरह का सिस्टम बनाकर वोटर्स की लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं। इस बार वे अपने साथ कर्नाटक से आए उन लोगों को भी मंच पर लाए, जिनके नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिए गए थे।
इस मामले पर चुनाव आयोग ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी आम नागरिक ऑनलाइन किसी का वोट डिलीट नहीं कर सकता। यदि किसी का नाम हटाया जाता है तो उससे पहले संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है।
चुनाव आयोग के बयान पर राहुल गांधी ने कहा कि देश की नई पीढ़ी, युवा और छात्र संविधान की रक्षा करेंगे और वोट चोरी रोकने में सबसे आगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे हमेशा युवाओं के साथ खड़े रहेंगे।
हिंडनबर्ग केस में अडाणी को SEBI की क्लीनचिट, मनी लॉन्ड्रिंग और हेरफेर के आरोप खारिज

SEBI ने हिंडनबर्ग रिसर्च के सभी आरोपों को गलत बताया
अडाणी ग्रुप पर शेयर बाजार हेरफेर, फंड के गलत इस्तेमाल और छिपे लेन-देन के आरोप साबित नहीं हुए
गौतम अडाणी बोले, “झूठी कहानियां फैलाने वालों को माफी मांगनी चाहिए”
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने अडाणी ग्रुप को बड़ी राहत देते हुए हिंडनबर्ग रिसर्च के लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी ने 24 जनवरी 2023 को अडाणी ग्रुप और उसकी कंपनियों (जैसे अडाणी पोर्ट्स और अडाणी पावर) पर मनी लॉन्ड्रिंग, शेयर बाजार हेरफेर और फंड के गलत इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रिपोर्ट के बाद अडाणी के शेयरों में करीब 70% तक गिरावट आई थी।
SEBI की जांच रिपोर्ट:
SEBI ने कहा कि जांच में हिंडनबर्ग के आरोप सही नहीं पाए गए।
अडाणी ग्रुप की कंपनियों के लेन-देन में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ।
माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स और रैहवार इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों के जरिए हुए फंड ट्रांसफर को उस समय के नियमों के हिसाब से “रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन” नहीं माना गया।
अडाणी पोर्ट्स से अडाणी कॉर्प को दिया गया फंड, जो आगे अडाणी पावर को लोन के रूप में गया था, ब्याज सहित पूरा चुका दिया गया। फंड के गलत इस्तेमाल या धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं मिला।
गौतम अडाणी की प्रतिक्रिया:
क्लीनचिट मिलने के बाद अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा,
“लंबी जांच के बाद SEBI ने वही कहा जो हम हमेशा कहते आए हैं। हिंडनबर्ग के आरोप बेबुनियाद थे। पारदर्शिता और ईमानदारी अडाणी ग्रुप की पहचान है। झूठी कहानियां फैलाने वालों को अब माफी मांगनी चाहिए।”
भारत पर 25% पेनल्टी टैरिफ हटा सकता है अमेरिका, 8-10 हफ्तों में समाधान की उम्मीद

रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका ने भारत पर 25% पेनल्टी टैरिफ लगाया था
CEA नागेश्वरन ने कहा, यह अतिरिक्त टैरिफ नवंबर के बाद हट सकता है
भारत और अमेरिका के बीच 16 सितंबर से व्यापार वार्ता फिर से शुरू
भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका जल्द ही भारत पर लगाए गए 25% पेनल्टी टैरिफ को हटा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 8-10 हफ्तों में दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद का समाधान निकल आएगा।
अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया था। नागेश्वरन ने संकेत दिया कि यह पेनल्टी टैरिफ 30 नवंबर के बाद खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही भारत द्वारा लगाए गए 25% जवाबी टैरिफ को भी घटाकर 10-15% किया जा सकता है।
व्यापार वार्ता की शुरुआत:
16 सितंबर को भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ मुद्दे पर पहली बार औपचारिक बातचीत हुई। भारत के चीफ ट्रेड नेगोशिएटर और वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ब्रेडन लिच से मुलाकात की। यह मुलाकात ट्रम्प सरकार के दौरान 50% टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच पहली ट्रेड डील बातचीत थी।
भारत-अमेरिका व्यापार (2024, USTR रिपोर्ट):
भारत से अमेरिका निर्यात: ₹7.35 लाख करोड़ (फार्मास्यूटिकल्स, टेलीकॉम डिवाइस, ज्वेलरी, पेट्रोलियम, कपड़े)
अमेरिका से भारत निर्यात: ₹3.46 लाख करोड़ (कच्चा तेल, पेट्रोलियम, कोयला, हीरे, विमान/अंतरिक्ष यान के पुर्जे)
मारुति ने घटाए कारों के दाम, ऑल्टो ₹1.07 लाख और स्विफ्ट ₹84 हजार सस्ती

मारुति सुजुकी की 15 कारों के दाम ₹1.30 लाख तक घटाए गए
GST दर में बदलाव के बाद नई कीमतें 22 सितंबर से लागू
छोटी कारों पर टैक्स 28% से घटकर 18%, SUV पर टैक्स बढ़कर 40%
मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी कारों की कीमतों में भारी कटौती का ऐलान किया है। कंपनी ने ऑल्टो, वैगनआर, स्विफ्ट और बलेनो जैसी लोकप्रिय कारों के दाम 1.30 लाख रुपये तक घटा दिए हैं। नई कीमतें 22 सितंबर से लागू होंगी।
यह कदम केंद्र सरकार द्वारा छोटी कारों पर GST घटाकर 28% से 18% करने के फैसले के बाद उठाया गया है। हालांकि बड़ी कारों और SUV पर टैक्स 40% कर दिया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले की तरह 5% GST ही लागू रहेगा।
कौन सी कार कितनी सस्ती हुई:
एस-प्रेसो: ₹1,29,600 तक कम, नई कीमत ₹3,49,900
ऑल्टो K10: ₹1,07,600 तक कम, नई कीमत ₹3,69,900
सेलेरियो: ₹94,100 तक कम, नई कीमत ₹4,69,900
वैगनआर: ₹79,600 तक कम, नई कीमत ₹4,98,900
इग्निस: ₹71,300 तक कम, नई कीमत ₹5,35,100
स्विफ्ट: ₹84,600 तक कम, नई कीमत ₹5,78,900
बलेनो: ₹86,100 तक कम, नई कीमत ₹5,98,900
डिजायर: ₹87,700 तक कम, नई कीमत ₹6,25,600
फ्रॉन्क्स: ₹1,12,600 तक कम, नई कीमत ₹6,84,900
ब्रेज़ा: ₹1,12,700 तक कम, नई कीमत ₹8,25,900
ग्रैंड विटारा: ₹1,07,000 तक कम, नई कीमत ₹10,76,500
XL6: ₹52,000 तक कम, नई कीमत ₹8,80,000
इनविक्टो: ₹61,700 तक कम, नई कीमत ₹11,52,300
ईको: ₹68,000 तक कम, नई कीमत ₹4,97,400
अर्टिगा: ₹46,400 तक कम, नई कीमत ₹8,31,500
मारुति का कहना है कि इस बदलाव से ग्राहकों को सीधा फायदा मिलेगा और एंट्री-लेवल से लेकर मिड-सेगमेंट तक की कारें पहले से अधिक किफायती हो जाएंगी।
अक्टूबर से लागू होगा ऑनलाइन गेमिंग कानून, रियल मनी गेमिंग कंपनियों पर सख्ती
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केंद्र सरकार ने रियल मनी गेमिंग पर कड़ा कानून अक्टूबर से लागू करने का ऐलान किया
कानून बनाने से पहले इंडस्ट्री और अन्य हिस्सेदारों से चर्चा की जाएगी
ड्रीम11, माई11सर्कल, MPL जैसी बड़ी कंपनियों पर भी इसका असर पड़ेगा
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए नया कानून लागू करने का ऐलान किया है। यह कानून अक्टूबर से प्रभावी होगा और खासतौर पर रियल मनी गेमिंग (जहां खिलाड़ी असली पैसे से खेलते हैं) पर सख्त नियम लागू किए जाएंगे।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि कानून लागू करने से पहले इंडस्ट्री, गेम डेवलपर्स और अन्य हिस्सेदारों के साथ चर्चा की जाएगी, ताकि नियम व्यावहारिक और संतुलित हों।
कानून का प्रभाव:
रियल मनी गेमिंग कंपनियों को सख्त रेगुलेशन का पालन करना होगा।
नकली खातों, धोखाधड़ी और लत से बचाने के लिए कड़े प्रावधान होंगे।
जिन कंपनियों का बिज़नेस मॉडल पैसे पर आधारित है, उन्हें अपने संचालन में बड़े बदलाव करने पड़ेंगे।
भारतीय मार्केट के प्रमुख फैंटेसी गेमिंग एप्स:
ड्रीम11 (2008, ड्रीम स्पोर्ट्स)
माई11सर्कल (2019, प्ले गेम्स24×7)
MPL – मोबाइल प्रीमियर लीग (2018, गौर्विटीमा प्राइवेट लिमिटेड)
नवटीमा फैटेसी (2016, स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड)
बल्लेबाजी (2017, सबिलिटी गेमिंग प्राइवेट लिमिटेड)
प्लेयरज़पीट (2006, प्लेयरज़पीट मीडिया)
विजन फैंटेसी स्पोर्ट्स (2020, विजन प्राइवेट लिमिटेड)
पेटीएम फर्स्ट गेम्स / कार्ट गेम्स (2009-2020, पेटीएम प्राइवेट लिमिटेड)
A23 (ऐस2थ्री) (2012, हेड डिजिटल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड)
संसद में मंजूरी:
इस कानून को 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से मंजूरी मिली थी। अब अक्टूबर से यह औपचारिक रूप से लागू होगा।
खजुराहो की खंडित मूर्ति विवाद पर CJI की सफाई, बोले- सभी धर्मों का करता हूं सम्मान

वामन मंदिर की खंडित विष्णु मूर्ति बदलने पर दायर याचिका में सुनवाई के दौरान हुई टिप्पणी पर विवाद
CJI बी. आर. गवई ने कहा, मेरी बात को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया गया
याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि खंडित मूर्ति की जगह नई मूर्ति स्थापित की जाए
मध्य प्रदेश के खजुराहो स्थित वामन (जावरी) मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति को लेकर दायर याचिका पर चल रही सुनवाई में हुई टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी. आर. गवई ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर गलत ढंग से दिखाया गया। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं।
CJI की टिप्पणी पर विवाद:
16 सितंबर को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता से कहा था, “जाकर भगवान से खुद कहो। तुम कहते हो भगवान विष्णु के भक्त हो, तो उनसे प्रार्थना करो।” इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं।
क्या है पूरा मामला:
याचिकाकर्ता राकेश दलाल ने 13 जून को जनहित याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि मुगलों के आक्रमण के दौरान मंदिर की विष्णु मूर्ति खंडित हो गई थी। इसलिए खंडित मूर्ति को हटाकर वहां नई मूर्ति स्थापित की जानी चाहिए।
खजुराहो का वामन मंदिर:
वामन मंदिर का निर्माण चंदेल राजाओं ने लगभग 1050-1075 ईस्वी में कराया था।
यह मंदिर खजुराहो के प्रमुख मंदिरों में से एक है और भगवान विष्णु के अवतारों को दर्शाता है।
यहां की खंडित मूर्ति के कारण नियमित पूजा-अर्चना नहीं की जाती।
मंदिर की वास्तुकला और गर्भगृह की अनोखी संरचना इसे खास बनाती है।
खजुराहो का यह पहला मंदिर है जिसे साइड व्यू से पूरा देखा जा सकता है।



















