Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस: 12 आरोपियों को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत, कमाल अंसारी की सुनवाई से पहले मौत

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | 11 जुलाई 2006 की शाम को मुंबई में लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार धमाकों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इन धमाकों में 189 लोगों की मौत हुई और सैकड़ों घायल हुए। 19 साल बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया है। इनमें से एक आरोपी कमाल अंसारी की 2021 में मृत्यु हो चुकी है।

यह फैसला न्याय व्यवस्था की पेचीदगियों और आतंकवाद जैसे संवेदनशील मामलों में जांच की निष्पक्षता पर सवाल भी खड़े करता है।

धमाके का संक्षिप्त इतिहास

11 जुलाई 2006 को मुंबई की अलग-अलग लोकल ट्रेनों में 7 सीरियल धमाके हुए थे। ये धमाके उस समय किए गए जब ट्रेनें शाम के पीक ऑवर में भीड़ से भरी होती हैं। यह घटना देश के सबसे खतरनाक आतंकी हमलों में से एक मानी जाती है।

बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला

साल 2015 में ट्रायल कोर्ट ने 12 में से 5 आरोपियों को फांसी और 7 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सभी को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूत कमजोर थे और आतंक से जुड़ी कहानी में कई झोल थे।

मौत की सजा पाने वाले आरोपी (अब बरी)

1️⃣ कमाल अहमद अंसारी (मृत्यु हो चुकी)

  • बिहार के मधुबनी निवासी।

  • उस पर पाकिस्तान में हथियारों की ट्रेनिंग लेने और माटुंगा स्टेशन पर बम लगाने का आरोप था।

  • 2021 में ट्रायल लंबित रहते ही मृत्यु हो गई।

2️⃣ मोहम्मद फैसल रहमान शेख

  • मीरा रोड, ठाणे निवासी।

  • आरोप था कि उसने पाकिस्तान से धन और तकनीकी मदद ली, बम बनाया और एक ट्रेन में रखा।

3️⃣ एहतेशाम सिद्दीकी

  • मुंबई निवासी।

  • ट्रेनों की रेकी और मीरा-भायंदर में धमाका करने का आरोप।

4️⃣ नवीद हुसैन खान रशीद

  • सिकंदराबाद निवासी।

  • आरोप था कि बम बनाने और बांद्रा में ट्रेन में विस्फोट के लिए बम लगाया।

5️⃣ आसिफ खान बशीर खान

  • जलगांव के सिविल इंजीनियर।

  • बोरीवली में बम बनाने और लगाने में मदद का आरोप, साथ ही सिमी का सदस्य होने का आरोप भी।

आजीवन कारावास पाने वाले आरोपी (अब बरी)

6️⃣ तनवीर अहमद अंसारी

  • अग्रीपाड़ा, मुंबई निवासी।

  • पाकिस्तान में आतंकी कैंप में ट्रेनिंग और ट्रेनों की रेकी का आरोप।

7️⃣ मोहम्मद शफी

  • 46 वर्ष का आरोपी।

  • हवाला नेटवर्क से फंडिंग और विस्फोट की साजिश में सहयोग का आरोप।

8️⃣ शेख मोहम्मद अली आलम

  • गोवंडी निवासी।

  • अपने घर में बम बनाने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को मदद देने का आरोप।

9️⃣ मोहम्मद साजिद अंसारी

  • मीरा रोड निवासी।

  • बम टाइमर खरीदने और जोड़ने में मदद, साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों को शरण देने का आरोप।

🔟 मुजम्मिल रहमान शेख

  • इस मामले का सबसे युवा आरोपी (40 वर्ष)।

  • सॉफ्टवेयर इंजीनियर

  • पाकिस्तान में ट्रेनिंग और ट्रेन रूट की रेकी करने का आरोप।

1️⃣1️⃣ सुहैल महमूद शेख

  • पाकिस्तान में हथियारों की ट्रेनिंग और ट्रेनों की रेकी का आरोप।

1️⃣2️⃣ जमीर रहमान शेख

  • साजिश की मीटिंग्स में भागीदारी और पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेने का आरोप।

अभियोजन पक्ष का दावा क्या था?

अभियोजन का कहना था कि ये सभी आरोपी सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के सदस्य थे और उन्होंने पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेकर इस हमले को अंजाम दिया। लेकिन कोर्ट ने यह माना कि सबूत अपर्याप्त, अस्पष्ट और अनुमान पर आधारित थे।

क्या अब सच्चे दोषी पकड़े नहीं गए?

इस केस में एक और बात सामने आई कि मुख्य साजिशकर्ता फैसल और राहिल शेख, जो मुजम्मिल के भाई थे, आज तक गिरफ्तार नहीं हो सके। ऐसे में इस फैसले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या असली साजिशकर्ता अब भी आज़ाद घूम रहे हैं?

न्याय और जांच प्रणाली पर सवाल

इस मामले में 19 साल की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट का फैसला सामने आया, जिसने यह स्पष्ट किया कि अपराध साबित करने के लिए केवल संदेह नहीं, ठोस सबूत जरूरी होते हैं।

इस केस ने देश की जांच एजेंसियों, अभियोजन तंत्र और न्याय प्रक्रिया पर भी सोचने को मजबूर कर दिया है।

19 साल की कानूनी लड़ाई, लेकिन अभी भी कई सवाल बाकी

मुंबई ट्रेन ब्लास्ट भारत के इतिहास के सबसे भयावह आतंकी हमलों में से एक था। लेकिन 19 साल बाद जब सारे आरोपी बरी हो जाते हैं, तो पीड़ितों के परिवारों के लिए यह फैसला मिश्रित भावनाएं लेकर आता है।

क्या न्याय हुआ या नहीं? क्या असली गुनहगार अब भी बाहर हैं? यह सवाल आने वाले समय में और गूंज सकते हैं।

The Bombay High Court has acquitted all 12 accused in the 2006 Mumbai train blast case, a terrorist attack that shook India and claimed 189 lives. One of the accused, Kamal Ansari from Bihar, passed away in 2021 while the appeal was still pending. The court’s decision overturns earlier convictions, including death sentences and life imprisonment. This verdict revisits one of India’s most horrifying terror cases, highlighting issues of justice, evidence, and due process in the fight against terrorism.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
32.5 ° C
32.5 °
32.5 °
7 %
6kmh
0 %
Tue
35 °
Wed
37 °
Thu
39 °
Fri
39 °
Sat
38 °
Video thumbnail
गाजियाबाद में भव्य होली मिलन समारोह | एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट का शानदार आयोजन
07:41
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 7 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
06:34:49
Video thumbnail
CM Yogi ने मंच से बोल दी ऐसी बात सुनते ही चौंक उठी मुस्लिम महिलाएं ! CM Yogi Lucknow Speech Today
17:28
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 6 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:39:35
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 5 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:06:18
Video thumbnail
कठिन समय में हमारा साथ देने के लिए लोगों का धन्यवाद: Media के सामने आए AAP Convener Arvind Kejriwal
14:33
Video thumbnail
Arvind Kejriwal crying : शराब घोटाले में मुक्त होने के बाद अरविंद केजरीवाल रोने लगे।
00:51
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 4 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:17:12
Video thumbnail
"उनके द्वारा जानकर गलतियां की गई थीं...", Jawaharlal Nehru पर निशाना साधते हुए बोले Sambit Patra
18:47
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 3 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
02:24:10

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related