AIN NEWS 1 | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने से पहले भी प्रशासनिक और विकास कार्यों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। शनिवार 7 मार्च 2026 को उन्होंने अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करना और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देना था।
बख्तियारपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं, बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में चल रही विभिन्न सरकारी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों को योजनाओं को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया और क्षेत्रीय विकास कार्यों की जानकारी दी।
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। उन्होंने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। नामांकन से पहले उन्होंने सार्वजनिक रूप से राज्यसभा जाने की इच्छा भी व्यक्त की थी।
नामांकन के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। अमित शाह विशेष रूप से दिल्ली से पटना पहुंचे थे। इस मौके पर बिहार सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के पास 202 विधायकों का बहुमत है। राज्यसभा की पांच सीटों के चुनाव के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान होना है। सभी पांच सीटें जीतने के लिए एनडीए को तीन अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी।
नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर बिहार की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है। वे पहली बार वर्ष 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, हालांकि उस समय उनका कार्यकाल केवल सात दिनों का रहा। इसके बाद 2005 में उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में पूर्ण कार्यकाल पूरा किया।
मई 2014 से फरवरी 2015 के बीच के छोटे अंतराल को छोड़ दें तो नीतीश कुमार लगातार बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और कई बार मुख्यमंत्री पद संभाल चुके हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 भी मुख्य रूप से नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया था। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन मुख्यमंत्री पद फिर से नीतीश कुमार को ही दिया गया।
अब लगभग चार महीने बाद उनके राज्यसभा जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच उनके बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि भविष्य में उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।


















