AIN NEWS 1: अंडरवर्ल्ड की दुनिया में रिश्ते, ताकत और बदला—इन तीनों का खेल बहुत खतरनाक होता है। यहां छोटी सी चूक या अपमान भी जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसी ही एक सनसनीखेज कहानी है दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई नूरा कासकर की, जिसकी 2009 में कराची में हुई हत्या आज भी रहस्य और खौफ का विषय बनी हुई है।
कौन था नूरा कासकर?
दाऊद इब्राहिम का छोटा भाई नूरा कासकर (पूरा नाम: नूर-उल-हक कासकर) एक ऐसा शख्स था, जो दो बिल्कुल अलग दुनिया में जी रहा था।
एक तरफ वह अंडरवर्ल्ड से जुड़ा था और वसूली जैसे काम संभालता था, वहीं दूसरी तरफ उसे बॉलीवुड का गहरा शौक था।
कम लोगों को पता है कि नूरा ने कुछ फिल्मों में गीत भी लिखे थे।
पत्थर के फूल का मशहूर गाना “तुमसे जो देखते ही प्यार हुआ”
श्रीमान आशिक का गाना “चूम लूँ होंठ तेरे”
इन गानों के लिरिक्स में उसका नाम भी जुड़ा हुआ बताया जाता है। यानी दिन में अंडरवर्ल्ड का काम और रात में गीतकार बनने का सपना—नूरा की जिंदगी दो हिस्सों में बंटी हुई थी।
2009: मौत की खबर और सच्चाई का खुलासा
31 मार्च 2009 को अचानक खबर आई कि नूरा कासकर की कराची में मौत हो गई है। शुरुआत में उसके परिवार ने इसे हार्ट अटैक या बीमारी से हुई मौत बताया।
लेकिन कुछ ही समय बाद भारतीय एजेंसियों और मीडिया रिपोर्ट्स में जो जानकारी सामने आई, उसने इस घटना को पूरी तरह बदल दिया।
बताया गया कि यह कोई सामान्य मौत नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी—जिसमें अपहरण, यातना और गोली मारने जैसी खौफनाक घटनाएं शामिल थीं।
क्या हुआ था नूरा के साथ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
नूरा का अपहरण किया गया
उसे कई दिनों तक एक गुप्त ठिकाने (सेफ हाउस) में रखा गया
वहां उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया
सिगरेट से जलाने और मारपीट जैसी यातनाएं दी गईं
अंत में उसके सिर में कई गोलियां मार दी गईं
इतना ही नहीं, उसकी लाश को दाऊद के कराची स्थित घर के पास फेंक दिया गया—मानो यह एक खुला संदेश हो।
हत्या के पीछे कौन था?
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा नाम सामने आया रहमान डकैत का, जो कराची के ल्यारी इलाके का कुख्यात गैंगस्टर था।
रहमान डकैत को उस इलाके में कुछ लोग “रॉबिनहुड” की तरह भी देखते थे, लेकिन उसके दुश्मनों के लिए वह बेहद निर्दयी माना जाता था।
विवाद की जड़: एक प्रॉपर्टी डील
इस हत्या की शुरुआत एक प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ी बताई जाती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
कराची में एक कीमती जमीन को लेकर दाऊद के नेटवर्क और रहमान डकैत के लोगों के बीच टकराव हुआ
यह जमीन रहमान के किसी करीबी से जुड़ी थी
रहमान ने इस मामले को सुलझाने के लिए दाऊद से संपर्क करने की कोशिश की
लेकिन कहा जाता है कि दाऊद ने उसे गंभीरता से नहीं लिया और कथित तौर पर अपमानजनक जवाब दिया।
बदले की शुरुआत
यहीं से मामला व्यक्तिगत हो गया।
अपमान से नाराज रहमान डकैत ने सीधे दाऊद के परिवार को निशाना बनाने का फैसला किया।
उसने नूरा कासकर का अपहरण कर लिया—जो दाऊद के सबसे करीबियों में से एक था।
आखिरी बातचीत और खौफनाक अंत
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि:
नूरा को यातना देते समय उसकी चीखें फोन पर दाऊद को सुनाई गईं
दाऊद ने हालात संभालने की कोशिश की और प्रॉपर्टी छोड़ने की बात कही
लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कहा जाता है कि रहमान का जवाब था—अब वापसी का कोई रास्ता नहीं।
इसके बाद नूरा की हत्या कर दी गई।
ISI का नाम भी आया, लेकिन…
कुछ रिपोर्ट्स में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का भी जिक्र हुआ, लेकिन इस मामले में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया।
क्योंकि यह पूरी घटना पाकिस्तान में हुई, इसलिए अदालत में इसकी पुष्टि कभी नहीं हो पाई। ज्यादातर जानकारियां खुफिया एजेंसियों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।
रहमान डकैत का अंत
दिलचस्प बात यह है कि नूरा की हत्या के कुछ ही समय बाद 2009 में ही रहमान डकैत भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
इस तरह इस खौफनाक कहानी के दोनों मुख्य किरदार एक ही साल में खत्म हो गए।
आज भी क्यों चर्चा में है यह मामला?
हाल के समय में अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्मों और कहानियों के कारण यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।
यह घटना सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि अंडरवर्ल्ड की दुनिया में रिश्ते, इज्जत और बदले की कीमत कितनी भारी होती है।
नूरा कासकर की हत्या एक चेतावनी की तरह है—अंडरवर्ल्ड में ताकतवर होना भी सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
यहां छोटे से अपमान की कीमत जान देकर चुकानी पड़ सकती है।
दाऊद जैसे बड़े नाम का भाई भी इस खेल में बच नहीं सका—और यही इस कहानी का सबसे डरावना सच है।
The murder of Noora Kaskar, brother of Dawood Ibrahim, remains one of the most chilling underworld stories linked to Karachi gang wars. Known for his dual life as both an extortion operator and a Bollywood lyricist, Noora Kaskar was reportedly killed by Rehman Daku due to a property dispute. This shocking case highlights the brutal realities of the underworld, Dawood Ibrahim’s network, and the violent conflicts in Lyari, Pakistan.


















