वेनेजुएला संकट पर भड़का उत्तर कोरिया, किम जोंग उन के तेवर सख्त, मिसाइल लॉन्च से अमेरिका में बढ़ी चिंता!

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AIN NEWS 1: दुनिया एक बार फिर गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के तीखे रुख और मिसाइल लॉन्च की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और बढ़ा दी है।

शनिवार सुबह उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर (Sea of Japan) की दिशा में कई संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद पहले से ही वैश्विक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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अमेरिका-वेनेजुएला टकराव से भड़की चिंगारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। इस अभियान के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर कई देशों ने सवाल उठाए हैं, लेकिन अमेरिका ने इसे “लोकतंत्र की रक्षा” और “तानाशाही के अंत” की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।

मादुरो की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही अमेरिका के विरोधी देशों में नाराजगी साफ दिखाई देने लगी। खासतौर पर उत्तर कोरिया ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

किम जोंग उन का गुस्सा और खुली चेतावनी

उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपना “करीबी मित्र” बताया है। उन्होंने अमेरिका से मांग की है कि मादुरो को तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाए।

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किम जोंग उन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि अमेरिका ने मादुरो को रिहा नहीं किया, तो इसके “गंभीर अंतरराष्ट्रीय परिणाम” होंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि यह स्थिति दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल सकती है।

उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया में भी अमेरिका की कार्रवाई को “अवैध” और “आक्रामक” बताया गया है।

उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण: क्या संकेत है?

इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच शनिवार को उत्तर कोरिया ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च कीं। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, यह इस साल का उत्तर कोरिया का पहला हथियार परीक्षण है।

दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने जानकारी दी कि ये मिसाइलें सुबह करीब 7:50 बजे प्योंगयांग के आसपास के इलाकों से दागी गईं। मिसाइलें पूर्वी सागर की ओर गईं और लॉन्च के तुरंत बाद क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मिसाइलें कितनी दूरी तक गईं या उनका सटीक उद्देश्य क्या था, लेकिन जानकार इसे उत्तर कोरिया की “शक्ति प्रदर्शन” रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

अमेरिका की प्रतिक्रिया: घबराहट नहीं, लेकिन सतर्कता बरकरार

उत्तर कोरियाई मिसाइल लॉन्च पर अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने आधिकारिक बयान जारी किया। अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में अमेरिकी कमांड ने कहा—

“हमें उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च की पूरी जानकारी है। हम अपने सहयोगियों और साझेदार देशों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।”

अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा आकलन के अनुसार इन मिसाइल लॉन्च से अमेरिका, उसके सैनिकों या उसके सहयोगी देशों को फिलहाल कोई तत्काल खतरा नहीं है।

साथ ही अमेरिका ने दोहराया कि वह अपनी मातृभूमि और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मौजूद अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

दक्षिण कोरिया और जापान भी अलर्ट मोड में

उत्तर कोरिया की इस हरकत के बाद दक्षिण कोरिया और जापान दोनों ही हाई अलर्ट पर आ गए हैं। दक्षिण कोरियाई JCS ने कहा कि उनकी सेना अमेरिका और जापान के साथ मिलकर उत्तर कोरियाई मिसाइलों से जुड़ी सभी जानकारियां साझा कर रही है।

JCS ने यह भी बताया कि किसी भी संभावित अतिरिक्त लॉन्च को देखते हुए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है।

संवेदनशील समय पर हुआ मिसाइल लॉन्च

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल लॉन्च जानबूझकर एक संवेदनशील समय पर किया गया है। दरअसल, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग जल्द ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से शिखर वार्ता के लिए बीजिंग जाने वाले हैं।

ऐसे में उत्तर कोरिया का यह कदम क्षेत्रीय राजनीति में दबाव बनाने और अपने हितों को आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

उत्तर कोरिया का पिछला मिसाइल परीक्षण

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर कोरिया ने 7 नवंबर को पूर्वी सागर की ओर एक छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। वह पिछले साल का छठा मिसाइल परीक्षण था।

उत्तर कोरिया समय-समय पर ऐसे परीक्षण करता रहा है, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप और आसपास के इलाकों में तनाव बना रहता है।

क्या दुनिया एक और बड़े युद्ध की ओर बढ़ रही है?

अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष, उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण और किम जोंग उन की खुली धमकी—इन सभी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि फिलहाल किसी तात्कालिक युद्ध की स्थिति नहीं है, लेकिन जिस तरह से बड़े देश आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं, उससे आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीति के जरिए हालात को नहीं संभाला गया, तो यह संकट वैश्विक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

The global geopolitical situation has intensified after the United States arrested Venezuelan President Nicolas Maduro during a military operation. In response, North Korea launched suspected ballistic missiles toward the East Sea, with leader Kim Jong Un issuing a strong warning to the US. The North Korea missile launch, combined with rising US-Venezuela tensions, has alarmed South Korea, Japan, and the international community, raising fears of further escalation and regional instability.

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