AIN NEWS 1: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ इस समय डोलगाम इलाके में पूरी ताकत के साथ जारी है। इस अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ की खबर सामने आई है।
📍 डोलगाम इलाके में कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन?
सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया इनपुट मिला था कि डोलगाम के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में 2 से 3 आतंकी छिपे हुए हैं। इन आतंकियों की गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर भी संदिग्ध हलचल देखी गई थी। इसके बाद सेना ने बिना देरी किए इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
जैसे ही सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की, आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। फिलहाल सुरक्षाबल बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि किसी भी जवान को नुकसान न पहुंचे।
🪖 सेना, पुलिस और CRPF की संयुक्त रणनीति
इस ऑपरेशन में भारतीय सेना की विशेष यूनिट, जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर टेरर टीम और सीआरपीएफ मिलकर काम कर रही हैं। तीनों बलों के बीच बेहतर तालमेल इस बात का संकेत है कि अब आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ज्यादा योजनाबद्ध और सटीक हो चुके हैं।
इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया गया है।
आम नागरिकों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है
ड्रोन और आधुनिक सर्विलांस उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है
अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी मौके पर तैनात किया गया है
🌲 क्यों चुनौतीपूर्ण है किश्तवाड़ का इलाका?
किश्तवाड़ जिला भौगोलिक रूप से बेहद कठिन माना जाता है। यहां
घने जंगल
ऊँची पहाड़ियाँ
संकरी पगडंडियाँ
आतंकियों को छिपने में मदद करती हैं। यही कारण है कि आतंकी अक्सर इस इलाके को अपनी गतिविधियों के लिए चुनते हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ काफी मजबूत की है।
🔍 ऑपरेशन त्राशी-I का उद्देश्य क्या है?
‘ऑपरेशन त्राशी-I’ का मुख्य मकसद सिर्फ आतंकियों को मार गिराना नहीं, बल्कि
पूरे इलाके को आतंकवाद से मुक्त करना
आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ना
हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी
स्थानीय युवाओं को आतंकी प्रभाव से बचाना
है। सेना का फोकस यह भी है कि किसी भी निर्दोष नागरिक को नुकसान न पहुंचे।
⚠️ स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने डोलगाम और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि
वे घरों में ही रहें
अफवाहों पर ध्यान न दें
सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें
स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
🇮🇳 आतंक के खिलाफ सरकार का सख्त रुख
केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन दोनों ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कोई समझौता नहीं होगा। हाल के महीनों में घाटी में कई सफल ऑपरेशन इस बात का प्रमाण हैं कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन त्राशी-I जैसे अभियानों से आतंकियों का मनोबल टूट रहा है और स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़ कमजोर पड़ रही है।
🧠 विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
सुरक्षा मामलों के जानकारों के मुताबिक,
“किश्तवाड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में लगातार ऑपरेशन चलाना आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकानों की संभावनाएं खत्म करता है। इससे सीमा पार से आने वाली घुसपैठ पर भी असर पड़ता है।”
📌 फिलहाल स्थिति क्या है?
मुठभेड़ अभी जारी है
2 से 3 आतंकियों के फंसे होने की आशंका
किसी जवान के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं
ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी
सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं और हालात पर पल-पल की नजर रखी जा रही है।
Operation Trashi-I is a major counter-terrorism initiative by the Indian Army, CRPF, and Jammu and Kashmir Police in the Kishtwar district of Jammu and Kashmir. The encounter in the Dolgam area highlights the ongoing efforts of Indian security forces to eliminate terrorism, secure sensitive regions, and ensure peace and stability in Jammu and Kashmir.


















