Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

मकर संक्रांति पर आस्था का महासागर: प्रयागराज संगम में 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: प्रयागराज में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद देश-विदेश से आए 1.03 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। सूरज की पहली किरण के साथ ही संगम तट पर हर-हर गंगे और जय संगम के जयघोष गूंजने लगे, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

सर्दी पर भारी पड़ी श्रद्धालुओं की आस्था

जनवरी की सुबह प्रयागराज में तापमान बेहद नीचे था। ठंडी हवाएं चल रही थीं और संगम का जल बर्फ जैसा ठंडा महसूस हो रहा था, लेकिन श्रद्धालुओं की भक्ति के आगे यह सब गौण साबित हुआ। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवा — सभी ने आस्था के साथ संगम में डुबकी लगाई। कई श्रद्धालु रात से ही घाटों पर मौजूद थे ताकि ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर सकें।

श्रद्धालुओं का कहना था कि मकर संक्रांति पर संगम स्नान करने से जीवन के सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है, इसलिए ठंड उनके उत्साह को रोक नहीं सकी।

ED, CBI को क्या TMC के गुंडे रोकेंगे? I-PAC Raid Case में ममता बनर्जी पर BJP का बड़ा हमला

त्रिवेणी संगम का धार्मिक महत्व

प्रयागराज का संगम स्थल गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे इस दिन संगम में स्नान करने का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष इस अवसर पर लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं।

सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं का सैलाब

मंगलवार तड़के करीब 3 बजे से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे सूरज निकला, संगम और आसपास के सभी घाटों पर भीड़ बढ़ती चली गई। प्रशासन के अनुसार, दोपहर तक ही स्नानार्थियों की संख्या करोड़ के पार पहुंच चुकी थी। शाम तक यह आंकड़ा 1.03 करोड़ को पार कर गया।

संगम के अलावा अरैल घाट, दारागंज, झूंसी और फाफामऊ जैसे क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया।

प्रशासन की व्यापक तैयारियां

इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रयागराज प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे।

हजारों पुलिसकर्मी और PAC जवान तैनात रहे

घाटों पर CCTV कैमरों से निगरानी की गई

मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और रेस्क्यू टीमें मुस्तैद रहीं

यातायात व्यवस्था के लिए विशेष रूट प्लान लागू किया गया

प्रशासन की सतर्कता के चलते किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।

कल्पवासियों और साधु-संतों की मौजूदगी

मकर संक्रांति के अवसर पर संगम क्षेत्र में कल्पवासियों और साधु-संतों की भी बड़ी संख्या मौजूद रही। अखाड़ों से जुड़े संतों ने पारंपरिक विधि-विधान से स्नान किया और धर्मोपदेश दिए। कई संतों ने कहा कि आज के समय में जब जीवन भागदौड़ से भरा है, ऐसे पर्व लोगों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं।

श्रद्धालुओं की जुबानी अनुभव

संगम स्नान के बाद श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और शांति साफ दिखाई दे रही थी।

दिल्ली से आई एक महिला श्रद्धालु ने कहा,

“ठंड बहुत है, लेकिन जब संगम में डुबकी लगाई तो मन को अलग ही शांति मिली।”

वहीं बिहार से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु बोले,

“हम हर साल आते हैं। यह सिर्फ स्नान नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि का अनुभव है।”

स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिला लाभ

इतने बड़े धार्मिक आयोजन से प्रयागराज की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिला। होटल, धर्मशाला, नाविक, फूल-माला विक्रेता, पूजा सामग्री बेचने वाले दुकानदारों की अच्छी कमाई हुई। संगम क्षेत्र में मेले जैसा माहौल रहा।

आस्था और परंपरा की जीवंत तस्वीर

मकर संक्रांति का यह आयोजन एक बार फिर यह साबित करता है कि आधुनिकता के इस दौर में भी भारतीय समाज की धार्मिक आस्था और परंपराएं पूरी तरह जीवंत हैं। कड़ाके की ठंड, लंबा सफर और भारी भीड़ — कुछ भी श्रद्धालुओं को संगम स्नान से रोक नहीं सका।

प्रयागराज में मकर संक्रांति पर हुआ यह महास्नान न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं की मजबूती को भी दर्शाता है। 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि संगम आज भी करोड़ों लोगों के विश्वास का केंद्र बना हुआ है।

On Makar Sankranti 2026, Prayagraj witnessed a massive spiritual gathering as over 10.3 million devotees took a holy dip at the Triveni Sangam. Despite harsh winter conditions, pilgrims from across India participated in the sacred Sangam Snan, highlighting the deep religious significance of Makar Sankranti in Hindu tradition. The event reinforced Prayagraj’s status as a major spiritual destination and showcased India’s enduring faith and cultural heritage.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
mist
9.1 ° C
9.1 °
9.1 °
81 %
2.6kmh
12 %
Fri
22 °
Sat
24 °
Sun
24 °
Mon
25 °
Tue
26 °
Video thumbnail
Greater Noida Gaur City First Avenue: Parking में Car लगाने को लेकर हुआ झगड़ा, फिर गिरफ्तारी
05:55
Video thumbnail
Nand Kishor Gurjar : मजार के नाम पर लैंड जिहाद बर्दाश्त नहीं करेंगे
01:35
Video thumbnail
हर शहर, हर ज़िला – अब बोलेगा सच | AIN NEWS 1
00:45
Video thumbnail
विधानसभा में Gopal Rai से जमकर भिड़ गए Parvesh Verma, फिर जो हुआ... सब हैरान !Parvesh Verma Vs Gopal
13:00
Video thumbnail
Rampur Bajrang Dal Leader UP Police: "आग लगा देंगे थाने में"! | बजरंग दल नेता की धमकी | Yogi
06:14
Video thumbnail
UP Assembly में CM Yogi के विधानसभा में दिए 3 बयान जो जबरदस्त हो गए वायरल, विपक्ष हुआ लाल
17:07
Video thumbnail
Somnath Mandir पर बुरी तरह फंसी कांग्रेस,Sudhanshu Trivedi ने ये सच्चाई देश को पहली बार बताई,सब दंग
17:11
Video thumbnail
CM Yogi PC: “INDI गठबंधन सवाल उठा…”, Vb G Ram G Bill 2025 को लेकर विपक्ष पर गरजे CM Yogi Adityanath
04:55
Video thumbnail
भरे मंच पर भाषण दे रहे थे Ravi Kisan, अचानक भीड़ के साथ पहुंचे कार्यकर्ता, और बवाल काट दिया !
03:14
Video thumbnail
Venezuela Attack देख Owaisi ने PM Modi को कौन सी कार्रवाई की हिदायत दे डाली?
01:24

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

टोल प्लाजा पर कैश का खेल खत्म: 1 अप्रैल से सिर्फ FASTag और UPI से ही होगा भुगतान!

AIN NEWS 1: देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर...