AIN NEWS 1: दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ तब आया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में हजारों की संख्या में फर्जी वोटर पंजीकृत हैं। इस मुद्दे को उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह न सिर्फ लोकतंत्र के लिए खतरा है, बल्कि भारत की चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है।
तीन प्रकार के फर्जी पते: क्या है मामला?
राहुल गांधी ने प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि फर्जी वोटरों के पते मुख्य रूप से तीन तरह के हैं:
1. ऐसे पते जो अस्तित्व में ही नहीं हैं – जब उन पतों पर जाकर देखा गया, तो वे मौजूद नहीं थे।
2. “0 नंबर” वाले पते – यानी घर नंबर 0, गली नंबर 0 जैसे अस्तित्वहीन या बेबुनियाद पते।
3. ऐसे पते जिनकी सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकती – यानी कोई दस्तावेज या स्थानीय प्रमाण नहीं।
राहुल के अनुसार, इस तरह के पते करीब 40,000 वोटरों से जुड़े हैं, जिनका कोई ठोस आधार नहीं है।
एक कमरा, 46 वोटर? कैसे संभव?
उन्होंने एक चौंकाने वाला उदाहरण भी सामने रखा – दिल्ली के बूथ नंबर 366 का। राहुल गांधी ने कहा कि इस बूथ पर 46 वोटर एक ही घर में दर्ज हैं, और वह घर एक सिर्फ एक कमरा है। जांच में पता चला कि वहाँ कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं है। मतलब – न तो वे लोग रहते हैं, और न ही उनके रहने का कोई सबूत है।
“एक सिंगल बेडरूम वाले मकान में 46 लोग कैसे रह सकते हैं? और जब वहाँ जाते हैं, तो कोई नहीं मिलता,” राहुल गांधी ने व्यंग्य करते हुए कहा।
डुप्लीकेट वोटर – एक नाम, चार बार
इतना ही नहीं, राहुल गांधी ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि दिल्ली में हजारों वोटर ऐसे हैं जिनके नाम, पता और पहचान पूरी तरह एक जैसी है, लेकिन वे अलग-अलग पोलिंग बूथों पर पंजीकृत हैं। एक व्यक्ति को उन्होंने विशेष रूप से उदाहरण के तौर पर बताया – गुरकीरत सिंह डंग।
“गुरकीरत सिंह डंग का नाम चार अलग-अलग पोलिंग बूथों पर दर्ज है – एक ही नाम, एक ही पता, वही व्यक्ति,” राहुल गांधी ने कहा।
इस तरह की डुप्लीकेट एंट्रीज़ की संख्या उन्होंने 11,965 बताई। यह सिर्फ एक व्यक्ति की बात नहीं है – इस तरह की प्रवृत्ति हजारों वोटरों में देखी गई है।
सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, हज़ारों की लिस्ट
राहुल गांधी ने बताया कि यह मामला कुछ गिने-चुने वोटरों तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों लोगों के साथ यह धोखा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब एक संगठित साजिश का हिस्सा है, जिसका मकसद चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना है।
उनका कहना था कि इतने बड़े स्तर पर एक जैसी गलती या “coincidence” संभव नहीं है, और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
इन खुलासों के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। राहुल गांधी का कहना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में फर्जी या डुप्लीकेट वोटर सूची में मौजूद हैं, तो इससे चुनाव की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे संसद और अदालतों में भी उठा सकती है।
दिल्ली की राजनीति में हलचल
इस खुलासे ने दिल्ली की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने फिलहाल इस पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन कांग्रेस के इस आरोप से वोटर सूची की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर राहुल गांधी के दावे सही पाए गए, तो यह पूरे देश में वोटर वेरिफिकेशन की प्रणाली पर पुनर्विचार की मांग करेगा।
क्या अब चुनाव सुरक्षित हैं?
राहुल गांधी के इस बयान ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत की चुनाव प्रणाली को और मजबूत करने की ज़रूरत है। वोटर सूची में इतनी बड़ी गड़बड़ी ना सिर्फ निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित कर सकती है, बल्कि जनता के विश्वास को भी डगमगा सकती है।
अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है, और क्या दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई होती है।
अगर यह खबर सच है, तो यह सिर्फ एक चुनावी हेराफेरी नहीं, बल्कि लोकतंत्र के मूल ढांचे पर आघात है।
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Congress MP and Leader of Opposition in Lok Sabha, Rahul Gandhi, has raised serious concerns about alleged large-scale voter fraud in Delhi. He claims over 40,000 fake voters are registered under non-existent or unverifiable addresses, and around 11,965 duplicate entries exist in the electoral rolls, including voters like Gurkirat Singh Dang registered multiple times in different polling booths. These revelations point to a major election scam in Delhi that could seriously impact the 2024 Lok Sabha elections and question the credibility of the Election Commission.



















