Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

राहुल गांधी का केंद्र पर वार: जनरल नरवणे की किताब को लेकर उठाए सवाल!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। इस बार मुद्दा है पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब और उससे जुड़ा विवाद। एक बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरे मामले में उन्हें जनरल नरवणे की बात पर ज्यादा भरोसा है, न कि प्रकाशन संस्था पेंगुइन की दलीलों पर।

क्या है पूरा मामला?

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक किताब को लेकर हाल के दिनों में चर्चा तेज हुई है। प्रकाशक पेंगुइन की ओर से कहा गया कि संबंधित किताब आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर, किताब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेज़न पर उपलब्ध बताई जा रही है।

इसी विरोधाभास को लेकर राहुल गांधी ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब खुद जनरल नरवणे ने वर्ष 2023 में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यह बताया था कि उनकी किताब उपलब्ध है और लिंक साझा किया था, तो फिर अब यह कैसे कहा जा सकता है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई?

राहुल गांधी का बयान

आजतक से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा,

“या तो नरवणे साहब पर यकीन करें या पेंगुइन पर विश्वास करें। जाहिर तौर पर मैं तो जनरल नरवणे पर ही विश्वास करूंगा।”

उन्होंने मीडिया के सामने जनरल नरवणे का पुराना सोशल मीडिया पोस्ट भी दिखाया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि उनकी किताब उपलब्ध है और लोगों से लिंक के जरिए खरीदने की अपील की थी।

राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि जनरल नरवणे या पेंगुइन झूठ बोल रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि सच्चाई क्या है? यदि प्रकाशक कह रहा है कि किताब प्रकाशित नहीं हुई, और दूसरी तरफ वह ऑनलाइन बिक्री के लिए दिख रही है, तो कहीं न कहीं पारदर्शिता की कमी तो है।

सरकार पर क्यों साधा निशाना?

राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद को सिर्फ एक प्रकाशन विवाद के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़कर पेश किया। उनका कहना है कि देश के पूर्व आर्मी चीफ जैसी महत्वपूर्ण शख्सियत की किताब को लेकर इस तरह का भ्रम पैदा होना चिंताजनक है।

उन्होंने इशारों-इशारों में केंद्र सरकार से सवाल किया कि क्या इस मामले में कोई दबाव या हस्तक्षेप हुआ है? हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन यह जरूर कहा कि वे पेंगुइन से ज्यादा भरोसा जनरल नरवणे पर करेंगे क्योंकि वे देश के आर्मी चीफ रह चुके हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट बना चर्चा का केंद्र

राहुल गांधी ने जिस ट्वीट का जिक्र किया, उसमें जनरल नरवणे ने वर्ष 2023 में अपनी किताब के उपलब्ध होने की जानकारी दी थी। उन्होंने लोगों को लिंक फॉलो करने की सलाह दी थी।

यही पोस्ट अब इस बहस का आधार बन गया है। सवाल उठ रहा है कि अगर किताब उपलब्ध थी, तो फिर अब प्रकाशक की ओर से अलग बयान क्यों सामने आ रहा है?

राजनीतिक हलकों में हलचल

इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे पारदर्शिता का मुद्दा बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी इस मुद्दे के जरिए सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना चाहते हैं। सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषय आमतौर पर संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए इस तरह के विवाद पर बयानबाजी का असर व्यापक हो सकता है।

जनता के मन में सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने आम लोगों के मन में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं—

क्या किताब सच में प्रकाशित हुई थी?

अगर हुई थी, तो प्रकाशक अब क्यों इनकार कर रहा है?

यदि नहीं हुई थी, तो अमेज़न पर वह कैसे उपलब्ध दिख रही है?

इन सवालों का स्पष्ट जवाब आना जरूरी है, क्योंकि मामला देश के पूर्व सेना प्रमुख से जुड़ा है।

भरोसे की बात

राहुल गांधी का कहना है कि यह भरोसे का सवाल है। उनके मुताबिक, जब एक पूर्व आर्मी चीफ सार्वजनिक रूप से अपनी किताब की उपलब्धता की जानकारी दे रहे हैं, तो उस पर संदेह करना आसान नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी पक्ष ने जानबूझकर झूठ बोला है, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए।

आगे क्या?

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रकाशन संस्था या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आता है या नहीं। यदि इस विवाद पर स्पष्टता नहीं आती, तो यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रह सकता है।

राहुल गांधी ने जिस तरह इस विषय को उठाया है, उससे साफ है कि वे इसे केवल एक किताब का मामला नहीं मान रहे, बल्कि इसे जवाबदेही और पारदर्शिता से जोड़कर देख रहे हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है और क्या संबंधित पक्ष इस पर विस्तार से अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं।

Congress leader Rahul Gandhi has questioned the central government over the controversy surrounding former Indian Army Chief General Manoj Mukund Naravane’s book after Penguin reportedly stated that the book was not officially published, while it appeared available on Amazon. Referring to Naravane’s 2023 social media post announcing the book’s availability, Rahul Gandhi said he trusts the former Army Chief over the publisher, raising concerns about transparency and accountability in the Naravane book controversy.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
32.8 ° C
32.8 °
32.8 °
16 %
5.3kmh
0 %
Thu
32 °
Fri
37 °
Sat
37 °
Sun
39 °
Mon
39 °
Video thumbnail
PM Modi के सामने S Jaishankar ने जो बोला सुनते रह गए Shashi Tharoor! S Jaishankar Speech Today
05:41
Video thumbnail
CM Yogi ने भरे मंच से बोल दी ऐसी बात मंच पर भौचक्के रह गए Ravi Kishan! | CM Yogi On Ravi Kishan
23:12
Video thumbnail
गाजियाबाद में भव्य होली मिलन समारोह | एक्टिव जर्नलिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट का शानदार आयोजन
07:41
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 7 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
06:34:49
Video thumbnail
CM Yogi ने मंच से बोल दी ऐसी बात सुनते ही चौंक उठी मुस्लिम महिलाएं ! CM Yogi Lucknow Speech Today
17:28
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 6 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:39:35
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 5 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:06:18
Video thumbnail
कठिन समय में हमारा साथ देने के लिए लोगों का धन्यवाद: Media के सामने आए AAP Convener Arvind Kejriwal
14:33
Video thumbnail
Arvind Kejriwal crying : शराब घोटाले में मुक्त होने के बाद अरविंद केजरीवाल रोने लगे।
00:51
Video thumbnail
Shrimad Bhagwat Katha : Day 4 | Acharya Rajeev Krishna | श्रीमद् भागवत कथा
04:17:12

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related