Daily Traffic Jam in Rajnagar Extension: What’s Causing It and How Authorities Plan to Fix It
राजनगर एक्सटेंशन में हर शाम लग रहा जाम, स्थानीय लोग बेहाल – जानिए असली वजह और समाधान
AIN NEWS 1: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में हर शाम एक आम नजारा बन चुका है – भारी जाम, हॉर्न की आवाजें, और परेशान चेहरे। रिवर हाइट्स चौराहे से लेकर मोरटा पुलिस चौकी तक का महज कुछ सौ मीटर का सफर भी लोगों को आधे घंटे या उससे ज्यादा में तय करना पड़ रहा है।
क्यों लगता है इतना जाम?
इस क्षेत्र में जाम की समस्या अचानक नहीं आई। इसके पीछे कई सालों से उपेक्षित और अनियोजित ट्रैफिक व्यवस्था है। शाम के समय दिल्ली और नोएडा से आने वाले वाहन, राजनगर एक्सटेंशन के मुख्य मार्ग पर भारी दबाव बनाते हैं। जब वाहन बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, तो रास्ता संकरा पड़ जाता है।
1. सर्विस लेन की कमी:
यहां कई जगहों पर सर्विस लेन का अभाव है, जिससे छोटे-बड़े वाहन सीधे मुख्य मार्ग पर आ जाते हैं। इससे ट्रैफिक की रफ्तार और बाधित हो जाती है।
2. अवैध पार्किंग:
सड़क किनारे लोगों ने मनमर्जी से गाड़ियां पार्क करनी शुरू कर दी हैं। दुकानों और अपार्टमेंट्स के बाहर खड़ी गाड़ियों की वजह से सड़क और संकरी हो गई है।
3. ट्रैफिक नियमों की अनदेखी:
स्थानीय लोगों की मानें तो ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती नहीं होती। ऐसे में कई वाहन चालक गलत दिशा में गाड़ी चलाते हैं या बिना नियम के मुड़ जाते हैं। इससे जाम और बढ़ जाता है।
4. बिना योजना के कट:
रिवर हाइट गोलचक्कर से लेकर मोरटा कट तक ऐसे कई जगह हैं जहां असंगठित कट बने हुए हैं। इन कट्स पर ट्रैफिक का कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों की परेशानी
स्थानीय निवासी कपिल गोयल कहते हैं,
“ऑफिस से लौटते समय रिवर हाइट्स से मोरटा कट तक का छोटा सा सफर आधे घंटे से ज्यादा लग जाता है। रोजाना देर से घर पहुंचते हैं।”
सुमित मलिक, जो पास में ही रहते हैं, बताते हैं,
“सड़क संकरी है और लोग उल्टी दिशा में भी गाड़ी चला लेते हैं। इससे ट्रैफिक फंस जाता है। ट्रैफिक पुलिस की तादाद बढ़नी चाहिए।”
आपात सेवाएं भी प्रभावित
इस इलाके में कई बार एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी जाम में फंस चुकी हैं। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है बल्कि खतरनाक भी है। अगर समय पर आपात सेवा न पहुंचे, तो जान का नुकसान भी हो सकता है।
क्या किया जा रहा है समाधान के लिए?
अब इस गंभीर समस्या को देखते हुए ट्रैफिक विभाग और प्रशासन हरकत में आया है। ट्रैफिक एसीपी जियाउद्दीन अहमद के अनुसार:
शहर के 20 प्रमुख स्थानों पर 24 घंटे ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की योजना बनाई गई है, जिसमें राजनगर एक्सटेंशन के दो स्थान भी शामिल हैं।
अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अतिक्रमण हटाने का अभियान भी चलाया जाएगा।
सुबह और शाम के पीक आवर्स में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिससे ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके।
क्या हैं और सुझाव?
स्थानीय निवासियों, ट्रैफिक एक्सपर्ट्स और पत्रकारों की मानें तो समाधान के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जा सकते हैं:
अवैध पार्किंग के लिए भारी जुर्माना और त्वरित टोइंग सेवा लागू हो।
सर्विस लेन का निर्माण प्राथमिकता पर किया जाए।
कट्स की संख्या और उनकी योजना दोबारा से तय की जाए।
यातायात को नियंत्रित करने के लिए स्मार्ट ट्रैफिक लाइट्स और सीसीटीवी निगरानी लगाई जाए।
नागरिकों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
राजनगर एक्सटेंशन जैसे विकसित होते इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या सिर्फ सड़क की नहीं, बल्कि सिस्टम की कमजोरी को भी दर्शाती है। लोग परेशान हैं, समय की बर्बादी हो रही है, और इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित हो रही हैं।
लेकिन अगर प्रशासन द्वारा बताई गई योजनाएं सही तरीके से लागू की जाएं और जनता भी सहयोग करे, तो आने वाले समय में यह जाम इतिहास बन सकता है, और राजनगर एक्सटेंशन फिर से सुचारु और सुरक्षित आवागमन का उदाहरण बन सकता है।
Rajnagar Extension in Ghaziabad has been witnessing daily traffic jams, especially during peak evening hours, near the River Heights intersection. This critical traffic bottleneck is caused by illegal roadside parking, poor lane planning, and an increasing number of vehicles from Delhi and Noida. The absence of regular traffic police deployment worsens the situation. Local authorities have finally acknowledged the issue and are planning permanent solutions such as 24×7 traffic personnel deployment and strict enforcement against encroachments and violations.



















