AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में बुधवार दोपहर एक ऐसी वारदात हुई जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। जिला पंचायत परिसर के भीतर एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े हुई इस घटना से प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कौन थे मृतक अधिवक्ता?
मृतक की पहचान फारूख अहमद खान के रूप में हुई है। वह गंज कोतवाली क्षेत्र के जेल रोड नालापार जुम्मा बाजार इलाके के निवासी थे और पेशे से अधिवक्ता थे। उनकी पत्नी गौशिया निशां जिला पंचायत कार्यालय में बाबू के पद पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त वे भी कार्यालय में मौजूद थीं।
जिला पंचायत कार्यालय में ही असगर अली नाम का एक अन्य कर्मचारी भी बाबू के पद पर कार्यरत है, जो इस मामले में मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी बात को लेकर असगर अली और गौशिया निशां के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि विवाद के दौरान असगर अली ने महिला सहकर्मी के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस बात की जानकारी जब फारूख अहमद खान को हुई, तो वे बुधवार दोपहर करीब सवा एक बजे जिला पंचायत परिसर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि फारूख ने असगर अली से इस मामले पर बात करनी चाही। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन धीरे-धीरे बहस ने तीखा रूप ले लिया।
कैसे हुई गोलीबारी?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान अचानक माहौल गर्म हो गया। आरोप है कि गुस्से में आकर असगर अली ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और फारूख अहमद खान के सीने में गोली दाग दी। गोली लगते ही फारूख जमीन पर गिर पड़े और परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
जब गौशिया निशां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने कथित रूप से उन्हें भी पिस्टल की बट से मारकर घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी मौके से हट गया।
अस्पताल में मौत की पुष्टि
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला पंचायत परिसर में जुट गए। घायल फारूख और उनकी पत्नी को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने फारूख अहमद खान को मृत घोषित कर दिया।
उनकी मौत की खबर जैसे ही फैली, साथी वकीलों में गहरा आक्रोश फैल गया।
अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़
मृत्यु की पुष्टि के बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। जिला अस्पताल परिसर में जमकर नारेबाजी हुई। कुछ लोगों ने तोड़फोड़ भी की, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में डर का माहौल बन गया।
स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। अस्पताल के मुख्य दरवाजे बंद कर दिए गए और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया ताकि हालात को नियंत्रित किया जा सके।
आरोपी भी पहुंचा अस्पताल
इसी बीच आरोपी असगर अली भी घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचा। बताया जा रहा है कि उसे भी गोली लगी थी, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी के अस्पताल पहुंचने की खबर से अधिवक्ताओं का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
प्रशासन का एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र और अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने वकीलों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।
पुलिस ने आरोपी असगर अली को हिरासत में ले लिया है। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और आरोपी की लाइसेंसी पिस्टल की बरामदगी की कार्रवाई की जा रही है।
परिवार में मातम, वकीलों में रोष
इस घटना के बाद फारूख अहमद खान के परिवार में मातम का माहौल है। अचानक हुए इस हादसे से उनके परिजन गहरे सदमे में हैं। जिले भर के अधिवक्ताओं में भी भारी नाराजगी है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद जिला पंचायत परिसर और जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
A shocking incident took place in Rampur, Uttar Pradesh, where a lawyer, Farooq Ahmad Khan, was shot dead inside the District Panchayat premises. The accused, identified as Asgar Ali, allegedly opened fire after a heated argument. The incident triggered massive protests and vandalism at the district hospital. Police have arrested the accused and launched an investigation. The Rampur Lawyer Shot Dead case has raised serious concerns over workplace disputes and security arrangements in government offices in UP.


















