AIN NEWS 1 | भारत आज अपना 76वां गणतंत्र दिवस पूरे देश में उत्साह, गर्व और देशभक्ति के माहौल के साथ मना रहा है। यह दिन केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक स्वरूप, संविधान की शक्ति और नागरिक अधिकारों का प्रतीक है। इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र निर्माण के प्रति एकजुट होने का संदेश दिया।
गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से देश को संबोधित किया। अपने संदेश में उन्होंने संविधान के महत्व, लोकतंत्र की मजबूती और “विकसित भारत” के सपने को आगे बढ़ाने की बात कही।
प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें देश के वर्तमान, भविष्य और हर नागरिक की जिम्मेदारी की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
प्रधानमंत्री मोदी का गणतंत्र दिवस संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस हर भारतीय के जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया संकल्प लेकर आता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारत की ताकत उसकी एकता, विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों में निहित है।
उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें अपने संविधान पर गर्व करने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों की याद भी दिलाता है। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा से निभाएं।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भारत की आन-बान-शान, राष्ट्रीय एकता और संविधान के आदर्शों को नमन किया।
संविधान: केवल कानून नहीं, देश की आत्मा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत के संविधान को देश की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि संविधान केवल नियमों और कानूनों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह समानता, न्याय, स्वतंत्रता और भाईचारे की भावना को जीवंत बनाए रखता है।
उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेष रूप से डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित सभी महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी दूरदर्शिता के कारण आज भारत एक सशक्त लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार दिए हैं और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
लोकतंत्र की मजबूती पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं होता। लोकतंत्र की असली ताकत तब दिखाई देती है जब नागरिक जागरूक होते हैं, राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हैं और समाज के विकास में भागीदार बनते हैं।
उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र वही होता है जिसमें जनता और सरकार मिलकर देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
प्रधानमंत्री का यह संदेश खास तौर पर युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
“विकसित भारत” का संकल्प
गणतंत्र दिवस के संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने “विकसित भारत” के विज़न को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है — चाहे वह अर्थव्यवस्था हो, तकनीक हो, रक्षा क्षेत्र हो या डिजिटल क्रांति।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा लक्ष्य है। जब हर नागरिक योगदान देगा, तभी यह सपना साकार होगा।
हर वर्ग की भूमिका अहम
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देश के विभिन्न वर्गों की भूमिका पर विशेष रूप से बात की। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और उद्यमियों को देश की असली ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि—
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युवा देश की ऊर्जा हैं
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महिलाएं विकास की धुरी हैं
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किसान देश की रीढ़ हैं
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श्रमिक भारत की मजबूती हैं
जब समाज का हर वर्ग आगे बढ़ेगा, तभी भारत विश्व मंच पर और अधिक प्रभावशाली बन सकेगा।
गणतंत्र दिवस का ऐतिहासिक महत्व
गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है जब 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि आज़ादी के साथ कर्तव्य भी आते हैं। अधिकार तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब हम अपने दायित्वों को समझें और निभाएं।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश इसी भावना को और मजबूत करता है।
देशभर में उत्सव और देशभक्ति का माहौल
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद पूरे देश में गणतंत्र दिवस का उत्साह देखने को मिला। सोशल मीडिया पर लोगों ने तिरंगे की तस्वीरें, देशभक्ति संदेश और प्रधानमंत्री के विचार साझा किए।
सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में झंडारोहण कार्यक्रम आयोजित हुए। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जीवंत किया।
दिल्ली में भव्य गणतंत्र दिवस परेड
राजधानी दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस परेड में—
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भारत की सैन्य ताकत
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सांस्कृतिक विविधता
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आधुनिक तकनीक
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राज्यों की झांकियां
देश की एकता और सामर्थ्य को दर्शाती नजर आईं।
यह परेड भारत की बदलती तस्वीर और मजबूत भविष्य की झलक बनी।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संदेश युवाओं के लिए विशेष प्रेरणा लेकर आया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत का भविष्य नई पीढ़ी के हाथों में है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के सपने, उनकी मेहनत और उनका नवाचार ही भारत को आने वाले समय में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा।
यह संदेश हर उस युवा को प्रेरित करता है जो देश के लिए कुछ करना चाहता है।
समापन विचार
गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश केवल औपचारिक शुभकामना नहीं था, बल्कि यह एक भावनात्मक और प्रेरणादायक आह्वान था।
यह संदेश हमें याद दिलाता है कि—
“देश की प्रगति सरकार से नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता से होती है।”
आज का दिन हमें संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को दोहराने का अवसर देता है।


















