AIN NEWS 1: गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। निवाड़ी रोड स्थित राजाकुंज कॉलोनी में रहने वाले एक रिटायर्ड फौजी के घर से 42 प्रतिबंधित श्रेणी के कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सैन्यकर्मी की पत्नी ने पुलिस से शिकायत की।
घरेलू विवाद से खुला मामला
जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट की घटनाएं भी हुईं। इसी तनाव के बीच पत्नी ने पुलिस को सूचना दी कि उनके घर में बड़ी संख्या में प्रतिबंधित कारतूस छिपाकर रखे गए हैं।
पत्नी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान 42 कारतूस बरामद हुए, जिन्हें प्रतिबंधित बोर की श्रेणी में बताया जा रहा है। सामान्य नागरिकों को ऐसे कारतूस रखने की अनुमति नहीं होती।
सेना में सेवा के दौरान लाए गए कारतूस?
प्राथमिक जांच में यह आरोप सामने आया है कि संबंधित सैन्यकर्मी ने ये कारतूस उस समय अपने पास रख लिए थे जब वह सेना में कार्यरत थे। हालांकि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कारतूस वास्तव में सेना से लाए गए थे या किसी अन्य माध्यम से घर तक पहुंचे।
यदि यह साबित होता है कि कारतूस ड्यूटी के दौरान अवैध रूप से रखे गए थे, तो मामला और गंभीर हो सकता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आरोपी की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, आरोपी सैन्यकर्मी आदेश कुमार फिलहाल फरार हैं। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस टीम उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि बरामद कारतूसों को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। यह पता लगाया जाएगा कि ये कारतूस किस प्रकार के हथियारों में इस्तेमाल होते हैं और उनकी स्थिति क्या है।
कानूनी स्थिति क्या कहती है?
भारत में हथियार और गोला-बारूद रखने के लिए सख्त नियम लागू हैं। प्रतिबंधित बोर (Prohibited Bore) के कारतूस सामान्य लाइसेंसधारियों को नहीं दिए जाते। ऐसे कारतूस प्रायः सेना या विशेष सुरक्षा बलों के उपयोग के लिए होते हैं।
यदि किसी व्यक्ति के पास बिना अनुमति ऐसे कारतूस पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है। सजा में जुर्माना और कारावास दोनों शामिल हो सकते हैं।
कॉलोनी में चर्चा का विषय बना मामला
राजाकुंज कॉलोनी के निवासियों के लिए यह घटना अप्रत्याशित थी। पड़ोसियों का कहना है कि आरोपी परिवार सामान्य जीवन जीता हुआ दिखाई देता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर में इस तरह का गोला-बारूद रखा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घरेलू विवाद की आवाजें पहले भी सुनाई देती थीं, लेकिन मामला इतना गंभीर रूप ले लेगा, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।
क्या यह केवल घरेलू विवाद का परिणाम?
जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं यह मामला केवल पारिवारिक तनाव का नतीजा तो नहीं है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कारतूस वास्तव में अवैध तरीके से रखे गए थे या किसी गलतफहमी का हिस्सा हैं।
पत्नी के आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि निष्कर्ष तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।
आगे क्या होगा?
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपी की गिरफ्तारी है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। साथ ही, यह भी पता चलेगा कि कारतूस कितने समय से घर में रखे थे और उनका उद्देश्य क्या था।
फोरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के बाद ही यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
In a shocking development from Ghaziabad, police recovered 42 prohibited bore cartridges from the house of a retired army man in Modinagar’s Rajakunj Colony after a complaint filed by his wife. The case has raised serious concerns regarding illegal ammunition possession and possible violation of the Arms Act. Ghaziabad police have registered an FIR and launched a search operation to trace the accused retired soldier. The investigation is underway to determine whether the cartridges were brought during his army service or acquired illegally.



















