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रुद्रप्रयाग सड़क हादसा: गौरीकुंड हाईवे पर मलबा गिरने से बोलेरो दब गई, 2 की मौत और कई घायल

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AIN NEWS 1 | उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आए दिन सड़क हादसों की खबरें सामने आती रहती हैं। खराब मौसम, पहाड़ी दरारों से गिरने वाला मलबा और संकरी सड़कें अक्सर इन दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। सोमवार, 1 सितंबर 2025 को रुद्रप्रयाग जनपद से ऐसी ही एक दर्दनाक खबर सामने आई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया।

कैसे हुआ हादसा?

सोमवार सुबह लगभग 7:34 बजे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर मुनकटिया नामक स्थान पर यह बड़ा हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक, बोलेरो वाहन (UK 11 TA 1100) में कुल 11 लोग सवार थे। वाहन सामान्य रूप से हाईवे पर आगे बढ़ रहा था कि अचानक पहाड़ से भारी मलबा आकर सीधे उस पर गिर गया।

मलबा गिरते ही वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे यात्री अंदर फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत दल को इसकी सूचना दी। लेकिन तब तक दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

हादसे में जान गंवाने वाले यात्री

इस दर्दनाक सड़क हादसे में दो यात्रियों की जान चली गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • रीता (उम्र 30 वर्ष), पत्नी, निवासी बड़कोट, उत्तरकाशी

  • चन्द्र सिंह (उम्र 68 वर्ष), पुत्र कलम सिंह, निवासी बड़कोट, उत्तरकाशी

दोनों यात्रियों की मौत की खबर से उनके परिवारों में कोहराम मच गया है।

गंभीर रूप से घायल यात्री

इस दुर्घटना में तीन यात्री गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए सोनप्रयाग अस्पताल ले जाया गया। वहां से दो यात्रियों की स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। गंभीर घायलों की पहचान इस प्रकार है:

  • नवीन सिंह रावत (35 वर्ष), पुत्र जयेन्द्र सिंह रावत, निवासी बड़कोट, उत्तरकाशी

  • प्रतिभा (25 वर्ष), पुत्री गिरवीर सिंह, निवासी बड़कोट, उत्तरकाशी

  • ममता (35 वर्ष), पुत्री चेन सिंह, निवासी बड़कोट, उत्तरकाशी

डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

अन्य घायल यात्री

इसके अलावा कई यात्री घायल हुए हैं जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। इनमें शामिल हैं:

  • राजेश्वरी (35 वर्ष), पत्नी नवीन, निवासी उत्तरकाशी

  • मोहित चौहान, पुत्र उपेन्द्र चौहान

  • पंकज (24 वर्ष), पुत्र हुकम सिंह, निवासी कोकमल्ला, नन्दानगर, चमोली – जो वाहन का चालक था

इन यात्रियों को भी समय पर इलाज उपलब्ध कराया गया है और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

राहत और बचाव कार्य

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। मलबा हटाने के लिए जेसीबी और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाई। पहाड़ों पर अक्सर ऐसे हादसों के कारण यात्रियों को गंभीर चोटें लगती हैं और प्रशासन को तुरंत राहत कार्य में जुटना पड़ता है।

हादसों की लगातार बढ़ती घटनाएं

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बरसात और भूस्खलन की वजह से आए दिन सड़कें अवरुद्ध होती रहती हैं। कई बार यह मलबा सीधे गुजरते वाहनों पर गिरता है, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो जाता है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे वैसे भी चारधाम यात्रा मार्ग का अहम हिस्सा है, जहां लगातार वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस सड़क हादसे ने मृतकों के परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है। उत्तरकाशी जिले से आए इन यात्रियों के परिजन सदमे में हैं। वहीं घायलों के परिजन अस्पतालों के बाहर उनकी सलामती के लिए दुआएं मांग रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी

फिलहाल इस हादसे को लेकर रुद्रप्रयाग पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। उम्मीद है कि जल्द ही घटना की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं? पहाड़ों से गिरते पत्थर और मलबा हमेशा से बड़ी चुनौती रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि इन इलाकों में यातायात के लिए अधिक सुरक्षित इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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