Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

मेरठ में सीएम योगी के आगमन से पहले हिंदू संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही को किया गया नजरबंद, पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने मेरठ पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 22 जनवरी 2026 की सुबह करीब 7 बजे से सिविल लाइन थाना पुलिस ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया, जबकि उन्होंने कोई कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश नहीं की थी।

सचिन सिरोही का कहना है कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो वह किसी सामाजिक या धार्मिक संगठन से नहीं, बल्कि किसी आतंकवादी संगठन से जुड़े हों। उन्होंने इस कार्रवाई को न सिर्फ अपमानजनक बताया, बल्कि इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन भी करार दिया।

“क्या हिंदू संगठन चलाना अब अपराध हो गया है?”

सचिन सिरोही ने सवाल उठाते हुए कहा कि वह वर्षों से सनातन धर्म और हिंदू समाज के हितों के लिए कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद, उन्हें बार-बार पुलिसिया कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व की बात करने वाली सरकार में रहते हुए भी उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

मेरठ के उजैद कुरैशी का आतंकी कनेक्शन, अलकायदा से जुड़ाव की जांच तेज

उनके अनुसार, अब तक उन पर 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, दो बार उन्हें जेल जाना पड़ा, और यहां तक कि गुंडा एक्ट और जिला बदर जैसी कठोर कार्रवाइयाँ भी उन्हीं की सरकार में की गईं। सचिन सिरोही का कहना है कि यह सब उस समय हो रहा है जब वह खुद को उसी विचारधारा से जुड़ा मानते हैं, जिसकी सरकार प्रदेश में सत्ता में है।

मुख्यमंत्री के आगमन पर ही क्यों होती है नजरबंदी?

सचिन सिरोही ने मेरठ पुलिस प्रशासन से सीधा सवाल किया है कि आखिर उनसे ऐसा कौन सा खतरा है, जिसकी वजह से मुख्यमंत्री के हर दौरे पर उन्हें नजरबंद कर दिया जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न तो उन्होंने किसी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी और न ही किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने की मंशा जताई थी।

इसके बावजूद पुलिस का सुबह-सुबह उनके घर पहुंचकर पहरा बैठा देना, उन्हें कहीं आने-जाने से रोकना, कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई निरोधात्मक नहीं, बल्कि दमनात्मक है।

“मेरे साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया”

सचिन सिरोही ने भावुक होते हुए कहा कि जिस तरह से पुलिस ने उनके घर के बाहर बल तैनात किया, उससे ऐसा प्रतीत हुआ जैसे वह कोई कुख्यात अपराधी हों। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक पीड़ा देती है।

उनका कहना है कि एक जिम्मेदार नागरिक और सामाजिक संगठन के पदाधिकारी के रूप में उन्हें अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से सक्रिय रहने का अधिकार है, जिसे बार-बार कुचला जा रहा है।

भविष्य में कार्रवाई हुई तो करेंगे लखनऊ में धरना

सचिन सिरोही ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में उनके साथ इस प्रकार की नजरबंदी या उत्पीड़न की कोशिश की गई, तो वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि ऐसी स्थिति में वह अपने परिवार सहित मुख्यमंत्री आवास, लखनऊ पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्यायपूर्ण प्रशासनिक रवैये के खिलाफ है। उनका कहना है कि वह आज भी सरकार से संवाद चाहते हैं, टकराव नहीं।

पुलिस प्रशासन पर निष्पक्षता का सवाल

इस पूरे मामले ने मेरठ पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर भी यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर क्यों हर बार कुछ चुनिंदा लोगों को ही मुख्यमंत्री के दौरे से पहले नजरबंद किया जाता है।

कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से सरकार और प्रशासन के प्रति जन विश्वास कमजोर होता है। लोकतंत्र में असहमति और सक्रियता को अपराध की तरह देखना, कहीं न कहीं व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है।

मेरठ में सचिन सिरोही की नजरबंदी का मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक सक्रियता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इन आरोपों पर क्या सफाई देता है और सरकार इस पूरे मामले को किस तरह देखती है।

Sachin Sirohi, the National President of Akhil Bharatiya Hindu Suraksha Sangathan, has alleged that Meerut police placed him under house arrest ahead of Chief Minister Yogi Adityanath’s visit to Meerut. The incident has sparked debate over the treatment of Hindu organization leaders, freedom of expression, and preventive police actions during VIP movements. The controversy highlights concerns regarding administrative conduct, political activism, and civil rights under the Yogi Adityanath government in Uttar Pradesh.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
16.1 ° C
16.1 °
16.1 °
44 %
4.6kmh
1 %
Sun
18 °
Mon
22 °
Tue
22 °
Wed
20 °
Thu
23 °
Video thumbnail
Keshav Prasad Maurya : गाजियाबाद की धरती पर दहाड़े, 2027 चुनाव के लिए कर दिया बड़ा ऐलान !
16:12
Video thumbnail
Keshav Prasad Maurya on Rahul Gandhi : “ना मछली मिली ना वोट मिला...”
01:03
Video thumbnail
बस में छात्र को चांटा! सवाल पूछने पर भड़का कंडक्टर | Hapur Depot Bus
01:22
Video thumbnail
हापुड़ डिपो की बस में शर्मनाक घटना, छात्र से अभद्रता और मारपीट का आरोप
03:23
Video thumbnail
क्या हुआ जब पुलिस वाले की लगी 25 लाख की लॉटरी😱😱
02:58
Video thumbnail
BOSS बनते ही शाह-योगी के सामने पहले ही भाषण में सनातन पर दिया धाकड़ बयान सुन मोदी भी हैरान!Nitin
11:54
Video thumbnail
“रील बनाने पर गालियां खाता रहुंगा” Kerala में PM Modi ने मंदिर में सोने की चोरी पर विपक्ष को सुनाया
01:10
Video thumbnail
शंकराचार्य विवाद के बीच दहाड़े Yogi- कोई चुनौती देता है तो खुल कर मुकाबला करना चाहिए !
28:14
Video thumbnail
माघ मेले के शंकराचार्य विवाद पर खुलकर बोले ठाकुर सूर्यकांत | Hindu Jagran Manch
12:45
Video thumbnail
गाजियाबाद में मनाया जाएगा उत्तर प्रदेश दिवस 2026, 24 से 26 जनवरी तक कार्यक्रम
04:44

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर 2’ का तूफान, दूसरे दिन सनी देओल की फिल्म ने मारी बड़ी छलांग!

AIN NEWS 1: सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बॉर्डर...

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हुआ बांग्लादेश, ICC के फैसले पर BCB ने लगाई मुहर!

AIN NEWS 1: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा और...