AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी इलाके में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुरुआती जांच में यह घटना केवल व्यक्तिगत दुश्मनी या अचानक हुई हिंसा नहीं लग रही, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को जांच के दौरान कई ऐसे संकेत मिले हैं जो इस मामले को और गंभीर बना देते हैं।
इस हमले को अंजाम देने वाले दो सगे भाई—जीशान और गुलफाम—पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। लेकिन उनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या संगठित साजिश मौजूद थी।
क्या है पूरा मामला
घटना 27 फरवरी की सुबह की बताई जा रही है। उस समय सलीम वास्तिक अपने कार्यालय में मौजूद थे। तभी बाइक पर सवार दो लोग वहां पहुंचे और अचानक उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके शरीर और गर्दन पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले के बाद आसपास के लोगों और परिवार के सदस्यों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उनकी हालत गंभीर बताई गई और इलाज के लिए दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि हमला करने वाले दोनों सगे भाई थे, जिनका नाम जीशान और गुलफाम था।
पुलिस एनकाउंटर में दोनों आरोपी ढेर
घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू किया और दोनों पर इनाम भी घोषित किया गया।
कुछ ही दिनों के भीतर पुलिस को उनकी लोकेशन की जानकारी मिली। पहले जीशान और फिर उसके भाई गुलफाम को अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में मार गिराया गया।
पुलिस के अनुसार, जब उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों मारे गए।
मोबाइल फोन से मिले कई अहम सुराग
पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा जीशान के मोबाइल फोन से मिला। जांच अधिकारियों के अनुसार, उसके मोबाइल में कई ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप और चैट मिले हैं जिनमें कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े कंटेंट मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि वह सोशल मीडिया पर “Inspire With Zeeshan” नाम से अकाउंट चलाता था, जहां वह धार्मिक और विवादित विषयों पर वीडियो साझा करता था। इन वीडियो में वह कुछ ऐतिहासिक और धार्मिक मुद्दों का जिक्र कर युवाओं को भड़काने की कोशिश करता दिखाई देता था।
पुलिस को ऐसे वीडियो भी मिले हैं जिनमें उसका भाई गुलफाम लोगों को हथियार उठाने के लिए उकसाता नजर आता है।
पाकिस्तानी यूट्यूबर से संपर्क की जांच
जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस को जीशान के मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों से संकेत मिले हैं कि उसका संपर्क एक पाकिस्तानी यूट्यूबर से भी था।
हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि यह संपर्क केवल ऑनलाइन बातचीत तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या सोशल मीडिया के जरिए किसी तरह का प्रभाव या प्रेरणा इस घटना के पीछे काम कर रही थी।
संदिग्ध फंडिंग का भी मिला सुराग
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों में कुछ संदिग्ध लेन-देन हुए थे।
बताया जा रहा है कि लोनी और खोड़ा इलाके के कुछ खातों से पैसे का ट्रांजैक्शन हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन पैसों का स्रोत क्या था और क्या इनका संबंध किसी संगठित समूह या नेटवर्क से था।
अगर यह बात सही साबित होती है तो यह मामला केवल एक हमले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके पीछे एक बड़े नेटवर्क का खुलासा भी हो सकता है।
सोशल मीडिया और कट्टरपंथ की भूमिका
जांच एजेंसियों का मानना है कि आज के समय में सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा तेजी से फैलती है।
टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे ग्रुप सक्रिय रहते हैं जो युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या जीशान और गुलफाम ऐसे किसी नेटवर्क का हिस्सा थे।
पिता ने क्या कहा
इस मामले में आरोपियों के पिता बुनियाद अली का भी बयान सामने आया है। उनका कहना है कि उनके परिवार का पहले कभी किसी अपराध से संबंध नहीं रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे लकड़ी का काम करते थे और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रहते थे। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि पुलिस अगर चाहती तो दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज सकती थी, ताकि अदालत में उनका मुकदमा चलता।
पिता ने यह भी दावा किया कि परिवार के अन्य सदस्यों का इस घटना से कोई संबंध नहीं है।
अभी भी जारी है जांच
हालांकि इस मामले के दोनों मुख्य आरोपी अब मारे जा चुके हैं, लेकिन पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले के पीछे संभावित नेटवर्क, फंडिंग और विदेशी संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस हमले के पीछे और लोग भी शामिल थे।
लोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुआ हमला केवल एक अपराध की घटना नहीं बल्कि कई बड़े सवाल भी खड़े करता है।
सोशल मीडिया पर फैल रही कट्टरपंथी सोच, संदिग्ध फंडिंग और विदेशी संपर्क जैसी बातें इस मामले को और गंभीर बना देती हैं। आने वाले समय में पुलिस जांच से यह साफ हो सकेगा कि यह हमला सिर्फ दो लोगों की योजना थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
The Salim Wastik attack case in Ghaziabad’s Loni area has raised serious concerns about radical networks and online influence. Police investigations revealed suspicious financial transactions, alleged links to extremist groups, and possible communication with a Pakistani YouTuber. The attackers, identified as brothers Zeeshan and Gulfam, were later killed in separate police encounters. Authorities are now examining whether the attack on the YouTuber was part of a larger conspiracy involving radicalization through social media platforms and foreign connections.


















