Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

संगम स्नान करें और विषय समाप्त करें : शंकराचार्य–प्रशासन विवाद पर डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बयान!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: प्रयागराज में माघ मेला–2026 के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब केवल धार्मिक या प्रशासनिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह धीरे-धीरे राजनीतिक बहस का रूप लेता जा रहा है। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम स्नान को लेकर शुरू हुई यह खींचतान अब सरकार, प्रशासन और संत समाज के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है।

इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद विवाद को नया मोड़ मिल गया है। उन्होंने बेहद संयमित और संतुलित शब्दों में शंकराचार्य से आग्रह किया कि वे संगम में शांतिपूर्वक स्नान करें और इस विषय को यहीं समाप्त करें।

🟠 डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बयान

प्रयागराज में चल रहे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा—

मेरठ के उजैद कुरैशी का आतंकी कनेक्शन, अलकायदा से जुड़ाव की जांच तेज

“पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम है। उनसे विनम्र प्रार्थना है कि वह अच्छे से संगम स्नान करें और इस पूरे विषय का यहीं समापन करें।”

उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें न तो प्रशासन का खुला समर्थन दिखता है और न ही सीधे तौर पर शंकराचार्य का विरोध।

🟠 विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

दरअसल, माघ मेला–2026 के दौरान मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पारंपरिक पालकी में सवार होकर संगम स्नान करने की घोषणा की थी। प्रशासन ने इसे लेकर सुरक्षा और नियमों का हवाला दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए।

इसी क्रम में प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने शंकराचार्य को एक नोटिस जारी किया, जिसमें उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया।

🟠 नोटिस में क्या पूछा गया?

मेला प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का उल्लेख करते हुए शंकराचार्य से यह स्पष्ट करने को कहा गया कि—

वे किस आधार पर स्वयं को “शंकराचार्य” लिख रहे हैं

उनके शिविर और बोर्ड पर “शंकराचार्य” शब्द कैसे अंकित है

प्रशासन ने इसे नियमों और न्यायालय के आदेशों से जुड़ा मामला बताया और तय समय सीमा में जवाब मांगा।

🟠 शंकराचार्य का जवाब और कानूनी रुख

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वे नोटिस का जवाब देंगे। इसके बाद बुधवार को उनके अधिवक्ता अंजनी कुमार मिश्र के माध्यम से एक विस्तृत जवाब दाखिल किया गया।

जवाब में कहा गया कि—

शंकराचार्य का पट्टाभिषेक सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले हो चुका था

इसलिए कोर्ट के आदेश को इस मामले में गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है

साथ ही प्रशासन से मांग की गई कि 24 घंटे के भीतर नोटिस वापस लिया जाए।

🟠 कोर्ट जाने की चेतावनी

शंकराचार्य पक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया तो—

कोर्ट के आदेश को गलत ढंग से प्रस्तुत करने के आरोप में अवमानना याचिका दायर की जाएगी

इसके अलावा अन्य कानूनी विकल्प भी अपनाए जाएंगे

इस चेतावनी के बाद मामला और गंभीर हो गया।

🟠 दूसरा नोटिस और बढ़ता विवाद

पहले नोटिस के जवाब के बावजूद मेला प्रशासन ने शंकराचार्य को एक और नोटिस जारी कर दिया। इस दूसरे नोटिस में सवाल उठाया गया कि—

माघ मेला में दी गई जमीन और सुविधाएं क्यों न रद्द कर दी जाएं

भविष्य में मेले में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध क्यों न लगाया जाए

इस कदम को लेकर संत समाज और धार्मिक संगठनों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

🟠 शंकराचार्य का पलटवार

दूसरे नोटिस के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा—

“जब हमें जमीन और सुविधाएं दी गई थीं, तब किस आधार पर दी गई थीं? और अब उन्हें किस आधार पर वापस लिया जा रहा है?”

उनके इस बयान से यह साफ हो गया कि दोनों पक्ष अब पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

🟠 आगे क्या?

फिलहाल पूरा मामला एक संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है। एक ओर प्रशासन नियमों और आदेशों का हवाला दे रहा है, तो दूसरी ओर शंकराचार्य इसे धार्मिक स्वतंत्रता और परंपरा से जोड़कर देख रहे हैं।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि—

प्रशासन अगला कदम क्या उठाता है

क्या यह विवाद अदालत तक पहुंचेगा

या सरकार और संत समाज के बीच कोई मध्यस्थ समाधान निकलेगा

डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बयान इस ओर इशारा करता है कि सरकार इस विवाद को बढ़ने से रोकना चाहती है, लेकिन अंतिम फैसला आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।

The controversy involving Shankaracharya Avimukteshwaranand during Magh Mela 2026 in Prayagraj has intensified after notices from the Mela administration regarding Sangam Snan and religious identity. UP Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya’s statement reflects the government’s attempt to maintain balance amid rising tensions between religious traditions and administrative regulations.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
14.1 ° C
14.1 °
14.1 °
35 %
3.6kmh
96 %
Sat
19 °
Sun
20 °
Mon
22 °
Tue
23 °
Wed
21 °
Video thumbnail
बस में छात्र को चांटा! सवाल पूछने पर भड़का कंडक्टर | Hapur Depot Bus
01:22
Video thumbnail
हापुड़ डिपो की बस में शर्मनाक घटना, छात्र से अभद्रता और मारपीट का आरोप
03:23
Video thumbnail
क्या हुआ जब पुलिस वाले की लगी 25 लाख की लॉटरी😱😱
02:58
Video thumbnail
BOSS बनते ही शाह-योगी के सामने पहले ही भाषण में सनातन पर दिया धाकड़ बयान सुन मोदी भी हैरान!Nitin
11:54
Video thumbnail
“रील बनाने पर गालियां खाता रहुंगा” Kerala में PM Modi ने मंदिर में सोने की चोरी पर विपक्ष को सुनाया
01:10
Video thumbnail
शंकराचार्य विवाद के बीच दहाड़े Yogi- कोई चुनौती देता है तो खुल कर मुकाबला करना चाहिए !
28:14
Video thumbnail
माघ मेले के शंकराचार्य विवाद पर खुलकर बोले ठाकुर सूर्यकांत | Hindu Jagran Manch
12:45
Video thumbnail
गाजियाबाद में मनाया जाएगा उत्तर प्रदेश दिवस 2026, 24 से 26 जनवरी तक कार्यक्रम
04:44
Video thumbnail
Flipkart delivery worker changes statement on rescue effort to save Noida techie
01:16
Video thumbnail
Prayagraj Plane Crash: Air Force का विमान क्रैश होकर जॉर्जटाउन में गिरा, दोनों Pilots कूदे
00:19

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related